प्रशांत महासागर की सतह पर मौसम का सबसे उग्र रूप सामने आया है, जहां भयंकर चक्रवाती तूफान सुपर टाइफून इन-फा विशाल समुद्री लहरों और विनाशकारी हवाओं के साथ तबाही मचा रहा है। इस शक्तिशाली तूफान ने मारियाना द्वीपसमूह के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। इस पूरे क्षेत्र में महज 10 दिन पहले आए एक दूसरे विकराल तूफान से लोग अभी संभल भी नहीं पाए थे कि इस नई आफत ने जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह संवेदनशील समुद्री इलाका बीते एक साल के भीतर पांचवें बड़े चक्रवात की सीधी मार झेल रहा है।
कैटेगरी 4 के स्तर पर पहुंचा सुपर टाइफून इन-फा
सैफिर-सिम्पसन हरिकेन विंड स्केल के आकलन के अनुसार यह तूफान बेहद घातक कैटेगरी 4 के स्तर पर पहुंच चुका है। इसका सीधा मतलब यह बनता है कि तूफान के आंतरिक हिस्से में हवा की निरंतर गति 240 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे भी अधिक स्तर को छू रही है। जब इतनी प्रचंड रफ्तार से हवाएं समुद्र के ऊपर घूमती हैं, तो पानी की विशालकाय दीवारें खड़ी हो जाती हैं जो तटीय निर्माणों को नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती हैं।
तूफान की इस महाविनाशकारी चाल में इसका मुख्य केंद्र सीधे तौर पर सुदूर स्थित ज्वालामुखी द्वीप एग्रीहान के ठीक ऊपर से गुजरा। इस सीधी टक्कर की वजह से एग्रीहान द्वीप पर मौजूद बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। दूसरी तरफ, इसी द्वीप श्रृंखला का सबसे प्रमुख और बड़ा द्वीप गुआम मुख्य केंद्र के कुछ दक्षिण में रहने की वजह से सीधी टक्कर से तो बच गया, लेकिन 240 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं और लगातार बरसते पानी ने वहां भी भारी अफरा-तफरी और डर का माहौल बना दिया। समुद्र में कई मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठती देखी जा रही हैं, जिनसे समुद्र किनारे के ढांचे खतरे में आ गए हैं।
मूसलाधार बारिश, उखड़े खंभे और भूस्खलन का बड़ा संकट
सुपर टाइफून इन-फा के असर से होने वाली बारिश सामान्य वर्षा से पूरी तरह अलग है। आसमान से बरसने वाला पानी इतनी प्रचंड मात्रा में गिर रहा है कि इसके आगे आकस्मिक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का असर भी छोटा महसूस होने लगता है। जब 240 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी के साथ लगातार तेज पानी गिरता है, तो पानी का भीषण दबाव कंक्रीट से बनी मजबूत दीवारों और संरचनाओं को भी उखाड़ फेंकने का दम रखता है।
इस मूसलाधार बारिश की वजह से प्रभावित द्वीपों पर कई गंभीर खतरे एक साथ पैदा हो चुके हैं
- सड़कों और पुलों को नुकसान: बहते हुए पानी के तेज बहाव के कारण सड़कें टूट जाती हैं और पुल बहने से दूरदराज के छोटे द्वीपों का बाहरी दुनिया से सड़क संपर्क पूरी तरह कट जाता है।
- बिजली और दूरसंचार नेटवर्क ध्वस्त: 240 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं लोहे के भारी बिजली के खंभों और मोबाइल टावरों को मोड़कर जमीन पर गिरा देती हैं, जिससे कई हफ्तों तक पूरा क्षेत्र अंधेरे और संचार विहीन स्थिति में डूब जाता है।
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन: ज्वालामुखी और पहाड़ी भूभाग वाले द्वीपों पर बेहिसाब पानी जमा होने से बड़े पैमाने पर जमीन खिसकने का जोखिम बना हुआ है, जिससे कई इलाके मलबे के ढेर में बदल सकते हैं।
जेट स्ट्रीम का असर: गति में ठहराव और भीषण बाढ़ की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों की नजरें वर्तमान में इस तूफान के आगे बढ़ने वाले समुद्री मार्ग पर टिकी हुई हैं। जापान के ऊपरी वायुमंडल से गुजरने वाली शक्तिशाली जेट स्ट्रीम इस तूफान के व्यवहार और दिशा में बड़ा बदलाव लाने जा रही है। अनुमान है कि जेट स्ट्रीम के संपर्क में आने के बाद यह तूफान सप्ताहांत पर अपनी गति को धीमा कर सकता है या कुछ समय के लिए एक ही जगह पर ठहर सकता है।
जब इस तीव्रता का कोई महातूफान एक ही स्थान पर रुक जाता है, तो उस सीमित भूभाग पर लगातार पानी बरसने से कई फीट तक जलभराव हो जाता है, जिससे प्रलयंकारी बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके उपरांत, अगले हफ्ते की शुरुआत में इन-फा के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। बाद में पूर्वी एशिया से बहने वाली दूसरी जेट स्ट्रीम इसे उत्तर-पूर्व की ओर मोड़ेगी। इस दिशा परिवर्तन की वजह से यह जापान के मुख्य भूभाग के दक्षिण से निकल जाएगा, लेकिन अगले हफ्ते के अंत तक जापान के इजू और इवो द्वीपों पर इसका बहुत गंभीर असर पड़ सकता है।
10 दिन पहले चाम्पी का कहर: ताइवान और गुआम में मची थी भारी तबाही
इस पूरे इलाके में इन-फा को लेकर जो खौफ देखा जा रहा है, उसकी जड़ें महज 10 दिन पुरानी घटना से जुड़ी हैं। उस समय सुपर टाइफून चाम्पी ने इस पूरे समुद्री क्षेत्र में अभूतपूर्व तबाही मचाई थी। चाम्पी के केंद्र में 185 मील प्रति घंटे यानी लगभग 297 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गई थीं, जिसने उस साल का नया रिकॉर्ड बना दिया था।
जब चाम्पी ताइवान के तटों से टकराया था, तो वहां भयानक परिणाम सामने आए थे
- मानवीय क्षति: समुद्र की विकराल लहरों और तूफानी परिस्थितियों के कारण 1 व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 600 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
- बिजली आपूर्ति ठप: ताइवान में 3,40,000 से अधिक घरों में बिजली का प्रवाह पूरी तरह बंद हो गया था।
- बुनियादी ढांचे की बर्बादी: क्षेत्र में कुल 9,000 से अधिक नुकसान की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज की गई थीं, जिनमें से 3,000 से अधिक घटनाएं सरकारी बुनियादी ढांचे के नष्ट होने से जुड़ी थीं।
- यिलान में भारी वर्षा: ताइवान के यिलान काउंटी क्षेत्र में 2 फीट से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
यही चाम्पी 18 अक्टूबर को गुआम के करीब से भी गुजरा था। यद्यपि उस समय तूफान की मुख्य आंख समुद्र के ऊपर थी, फिर भी उसकी परिधि की तेज हवाओं ने गुआम में सैकड़ों मकानों को धराशायी कर दिया था और अनगिनत पेड़ों को जड़ से उखाड़ फेंका था। अब इन-फा उसी इलाके में नए सिरे से वैसा ही संकट खड़ा कर रहा है।
मारियाना द्वीपसमूह पर एक साल में पांचवां तूफान
मारियाना द्वीपसमूह की प्राकृतिक और भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह क्षेत्र उष्णकटिबंधीय समुद्री तूफानों के मुख्य गलियारे में स्थित है। इसी वजह से बीते एक साल के दौरान यहां लगातार खतरनाक मौसम प्रणालियां टकराती रही हैं
- सुपर टाइफून सिनलाकू (14 अप्रैल): इस तूफान ने सीधे साइपान द्वीप पर हमला किया था और बड़े पैमाने पर भौतिक बर्बादी फैलाई थी।
- ट्रॉपिकल डिप्रेशन मेकखला (19 जून): यह प्रणाली गुआम द्वीप के ठीक दक्षिणी हिस्से से होकर गुजरी थी।
- ट्रॉपिकल स्टॉर्म हिगोस (23 जून): इसने पूरी द्वीप श्रृंखला में तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश का प्रकोप दिखाया था।
इसके बाद सुपर टाइफून चाम्पी और अब सुपर टाइफून इन-फा के आने से मारियाना द्वीपसमूह के निवासियों की मुश्किलें चरम पर पहुंच चुकी हैं, क्योंकि पुनर्निर्माण के कार्य पूरे होने से पहले ही हर बार नया तूफान दस्तक दे देता है।



















