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स्विट्जरलैंड वार्ता में तनाव: ट्रंप की हिजबुल्लाह पर कड़ी चेतावनी के बीच जेडी वेंस ने संभाली कूटनीतिक कमानदुनिया
22 जून 2026, 1:45 am (46 दिन पहले)· 6

स्विट्जरलैंड वार्ता में तनाव: ट्रंप की हिजबुल्लाह पर कड़ी चेतावनी के बीच जेडी वेंस ने संभाली कूटनीतिक कमान

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ संबंधों को सुधारने के लिए बातचीत का नेतृत्व किया, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों ने इस कूटनीतिक प्रयास में तनाव पैदा कर दिया है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ रिश्तों को नए सिरे से शुरू करने का एक अवसर है। यह टिप्पणी स्विट्जरलैंड में पिछले सप्ताह हस्ताक्षरित एक अस्थायी समझौते पर चर्चा के दौरान आई। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लेबनान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की गतिविधियों को लेकर दी गई नई चेतावनियों ने इन वार्ताओं के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं।

वेंस और अमेरिकी वार्ताकारों ने स्विट्जरलैंड के लेक ल्यूसर्न के पास एक रिसॉर्ट में ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची के साथ बैठक की। इस बैठक में पाकिस्तानी और कतरी मध्यस्थों ने भी भाग लिया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह सीधी बैठक लगभग 80 मिनट तक चली। इसके बाद पाकिस्तानी और कतरी अधिकारियों के साथ अलग से निजी बैठकें भी आयोजित की गईं।

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ट्रंप की चेतावनी और ईरान का कड़ा रुख

रविवार को डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कई कड़े संदेश पोस्ट किए। लेबनान का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि ईरान को लेबनान में अस्थिरता पैदा करने वाले अपने भारी भुगतान पाने वाले प्रॉक्सी संगठनों को तुरंत रोकना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए आगे लिखा कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से कड़ा प्रहार करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले सप्ताह किया था, लेकिन इस बार हमला और भी भीषण होगा। ट्रंप ने हिजबुल्लाह को मिल रहे समर्थन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की दखलंदाजी पर फिर से हमले करने की धमकी दी।

इस पर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जवाब देते हुए चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि बेहतर होगा कि वे अपने बयानों को लेकर सतर्क रहें। हमारी सेनाएं अलग तरीके से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वे केवल बातें करते रह सकते हैं, लेकिन हम कार्रवाई करते हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इसके बाद यह वार्ता एक कठिन दौर में पहुंच गई।

सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिका की ओर से आए एक अपमानजनक संदेश के बाद बैठक को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल कतर के मध्यस्थों से मिला और वहां से चला गया। हालांकि, इस तनातनी के बावजूद, बातचीत से जुड़े एक अधिकारी ने TrendKia को बताया कि ईरान अभी भी इस चर्चा में शामिल है। संवेदनशील मामला होने के कारण अधिकारी ने अपना नाम उजागर न करने का अनुरोध किया।

परमाणु समझौता और तेल मार्ग पर घमासान

अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा में बनाए रखना है। अमेरिकी अधिकारियों को डर है कि ईरान इस कार्यक्रम का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए कर सकता है, हालांकि ईरान हमेशा से इस दावे का खंडन करता रहा है। जेडी वेंस ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के लिए भी दबाव डाला। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। अमेरिका का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में यहां से भारी मात्रा में तेल का परिवहन हुआ है।

पिछले सप्ताह हस्ताक्षरित इस अंतरिम समझौते के तहत दोनों पक्षों के पास तकनीकी विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिनों का समय है। इस समझौते से ईरान को तुरंत स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति मिल गई है, साथ ही उसके लिए विदेशों में फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्ति तक पहुंच का रास्ता भी साफ हो गया है। इसके बदले में ईरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करना होगा।

ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने जोर देकर कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि हम यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार से कभी पीछे नहीं हटेंगे, और दूसरे पक्ष को भी इसे स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके अलावा, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में भी अपनी चेतावनी दोहराई।ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघेई ने कहा कि दोनों टीमों का ध्यान इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे युद्ध पर केंद्रित रहेगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा कि किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका क्रियान्वयन होता है। समझौते के कुछ दिनों बाद ही लेबनान में संघर्ष तेज हो गया, जिसने युद्धविराम के प्रयासों की परीक्षा ली।

युद्धविराम और भू-राजनीतिक चुनौतियां

ईरानी सेना ने बाद में दावा किया कि उसने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि वे यातायात को सुचारू रखने के लिए मार्ग पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। वेंस ने बताया कि हाल के दिनों में इस जलडमरूमध्य से लाखों बैरल तेल गुजरा है। दूसरी ओर, लेबनान में शनिवार को हुआ नया युद्धविराम फिलहाल प्रभावी दिखाई दे रहा है।

रविवार की बैठकों में वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हुए। विटकॉफ और कुशनर परमाणु तकनीकी विवरणों पर चर्चा के लिए पहले ही पहुंच गए थे। वेंस की योजना एक या दो दिन रुकने की थी, जिसके बाद का विस्तृत काम विटकॉफ और कुशनर को संभालना था। वेंस की इस कूटनीतिक सक्रियता को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।

इस समझौते को रिपब्लिकन पार्टी के कट्टरपंथियों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है। कुछ लोगों ने इसकी तुलना ओबामा काल के परमाणु समझौते से की, जिसके बारे में ट्रंप और उनके सहयोगियों का कहना था कि वह ईरान के परमाणु प्रयासों को रोकने में विफल रहा था। वर्तमान समझौते के तहत व्यापारिक जहाजों को बिना किसी शुल्क के 60 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है, लेकिन भविष्य में ईरान द्वारा शुल्क लगाए जाने की संभावना को खारिज नहीं किया गया है

ट्रंप ने शनिवार को धमकी दी थी कि अगर 60 दिनों के भीतर कोई अंतिम समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका टैक्स या शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह पैसा मिडिल ईस्ट के देशों के लिए गार्जियन एंजेल के रूप में दी जाने वाली सेवाओं के बदले लिया जाएगा। प्रशासन लगातार ईंधन की कीमतों को नियंत्रित कर बाजार को शांत करने की कोशिश कर रहा है। इस सौदे के बाद तेल वायदा में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इजरायल और हिजबुल्लाह इस अमेरिका और ईरान समझौते का हिस्सा नहीं हैं, जिससे स्थिति और अनिश्चित हो गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तक तक इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने तब तक हमले रोकने से इनकार कर दिया है जब तक कि इजरायल लेबनान छोड़ने का वादा नहीं करता। लेक ल्यूसर्न के पास मध्यस्थता के तहत बातचीत जारी है, और दोनों पक्ष अपने अगले कदमों पर विचार कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

स्विट्जरलैंड में हुई सीधी बैठक की अवधि कितनी थी?
अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के बीच हुई सीधी बैठक लगभग 80 मिनट तक चली।
पिछले सप्ताह हस्ताक्षरित अंतरिम समझौते के मुख्य बिंदु क्या हैं?
यह समझौता दोनों पक्षों को विवरण तय करने के लिए 60 दिन का समय देता है, ईरान को तुरंत स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति देता है, जमी हुई संपत्ति तक पहुंच प्रदान करता है, और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने की मांग करता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या धमकी दी थी?
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावित करने वाले कदमों या ईरान द्वारा हिजबुल्लाह को समर्थन देने पर हमले शुरू करने की धमकी दी। उन्होंने अंतिम समझौता न होने पर 60 दिनों के बाद अमेरिकी शुल्क लगाने की भी चेतावनी दी।
अंतरिम समझौते की घोषणा के बाद तेल बाजारों की क्या प्रतिक्रिया रही?
सौदे की घोषणा के बाद तेल वायदा में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट आई क्योंकि प्रशासन ईंधन की कीमतों को स्थिर करने के लिए काम कर रहा था।
स्विट्जरलैंड में बातचीत के दौरान अमेरिका का प्रतिनिधित्व किसने किया?
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया, उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल थे।
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