रूस की सेना ने एक बार फिर यूक्रेन के विभिन्न शहरों को निशाना बनाते हुए भीषण ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। इस बड़े हमले में नागरिक बस्तियों, रेलवे नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। इन हमलों के दौरान कुल 12 लोगों की मौत हो चुकी है, और मृतकों में एक भारतीय नागरिक के भी शामिल होने की बात सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर तबाही मची है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
कीव और ओडेसा में भारी नुकसान
राजधानी कीव के पास स्थित बोरिस्पिल इलाके में पांच मंजिला एक रिहायशी इमारत रूसी हमलों की चपेट में आ गई। इस इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां से 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके अलावा, ओडेसा क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइलों और निर्देशित हवाई बमों से किए गए हमलों के कारण हजारों घरों की बिजली गुल हो गई। रोमानिया की सीमा से लगे बॉर्डर क्रॉसिंग और स्थानीय निर्यात बुनियादी ढांचे को भी इन हमलों में जानबूझकर क्षति पहुंचाई गई है।
रेलवे डिपो पर हमला और कई क्षेत्रों में तबाही
कीव में ही एक रेलवे डिपो को भी निशाना बनाया गया, जहां हुए हमले में सात लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही खेरसॉन, दोनेत्स्क, जापोरिज्जिया, खार्किव, चेर्निहाइव, जाइटॉमिर, सुमी और निप्रो जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर भी लगातार बमबारी जारी रही। इन सभी हमलों में मरने वाले कुल लोगों की संख्या 12 तक पहुंच गई है, जिसमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। कीव और उसके आसपास के इलाकों में स्थिति से निपटने के लिए करीब 350 बचावकर्मी और राहतकर्मी लगातार तैनात हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वायु रक्षा प्रणालियों की मांग
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और जरूरी सेवाएं प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस की ऐसी सुनियोजित कार्यवाहियों को रोकने के लिए यूक्रेन को मजबूत एयर डिफेंस और एंटी-बैलिस्टिक क्षमताओं की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने उन सभी मित्र देशों और साझेदार राष्ट्रों का आभार जताया जो यूक्रेन को इस संकट की घड़ी में रक्षात्मक सहायता प्रदान कर रहे हैं, साथ ही आने वाले महीनों में इस मदद को और अधिक बढ़ाने की अपील की है।
एससीओ समिट के दौरान हुआ हमला
गौरतलब है कि यह बड़ा हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन किर्गिस्तान के बिश्केक शहर में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हुए हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया कई देशों के शीर्ष नेता भी मौजूद हैं। इस बीच यूक्रेन का कहना है कि रूसी हमलों से होने वाले नुकसान का सीधा संबंध इस बात से है कि देश के पास पर्याप्त वायु रक्षा प्रणाली कितनी जल्दी और किस मात्रा में पहुंचती है।





















