अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में स्थित जीरो संगीत उत्सव में भाग लेने वाले लोगों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इंटरनेट पर एक संदेश तेजी से साझा किया जा रहा था, जिसमें संगीत समारोह में पहुंचे प्रतिभागियों को तुरंत अपनी एचआईवी जांच कराने के लिए कहा जा रहा था। इस फर्जी चेतावनी को स्वास्थ्य अधिकारियों ने निराधार, अनाधिकृत और आम जनता को गुमराह करने वाला करार दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण
लोअर सुबनसिरी की जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिल्लो कुन्या ने इस संबंध में एक औपचारिक सर्कुलर जारी करते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट की। सर्कुलर में यह साफ किया गया कि प्रशासन या स्वास्थ्य तंत्र की ओर से ऐसा कोई दिशा-निर्देश अथवा परामर्श जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि उत्सव में राज्य से बाहर के एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति शामिल हुए थे, इसलिए सभी प्रतिभागियों को टेस्ट कराना अनिवार्य है। चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत है और इसका स्वास्थ्य एजेंसियों से कोई सरोकार नहीं है।
एड्स नियंत्रण सोसायटियों के नाम का दुरुपयोग
वायरल हो रहे संदेश में यह भ्रम फैलाया गया था कि यह चेतावनी एड्स नियंत्रण सोसायटी की तरफ से आई है। पोस्ट में लिखा गया था कि जो लोग उत्सव में पहुंचे हैं वे जल्द से जल्द एचआईवी जांच करा लें क्योंकि बाहरी राज्यों से पॉजिटिव लोग आए हैं। डॉ. मिल्लो कुन्या के सर्कुलर के अनुसार, न तो राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और न ही जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी ने ऐसा कोई बयान अथवा निर्देश प्रसारित किया है। विभाग ने पुष्टि की कि सरकारी संस्थानों के नाम का झूठा सहारा लेकर यह झूठी खबर बनाई गई है।
अफवाहों से बचने और अधिकृत सूचना पर विश्वास की अपील
प्रशासन ने आम जनता और मीडिया से ऐसी अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करने और उन्हें आगे फॉरवर्ड करने से बचने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि बिना जांचे-परखे संदेशों को प्रसारित करने से समाज में अनावश्यक भय और असमंजस पैदा होता है। लोगों को केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से आने वाली सूचनाओं पर ही ध्यान देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जीरो संगीत उत्सव हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कलाकारों और संगीत प्रेमियों को आकर्षित करता है, और इसी लोकप्रियता का लाभ उठाकर यह दुष्प्रचार फैलाया गया था।



















