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नेपाल आपदा में 400 शव मिलने से उपजा प्रबंधन संकट, उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में गंडक नदी उफान परएशिया
28 अग॰ 2026, 8:32 am (51 दिन पहले)· 4

नेपाल आपदा में 400 शव मिलने से उपजा प्रबंधन संकट, उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में गंडक नदी उफान पर

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद 400 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जिससे शवगृहों की क्षमता पर भारी दबाव पड़ रहा है। इस बीच वाल्मीकि गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और महाराजगंज जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। राहत और बचाव अभियानों के दौरान अब तक लगभग 400 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों के दूर-दूर तक बह जाने और मलबे में दबे रहने के कारण खोज अभियान बेहद जटिल हो चुका है। इसके साथ ही अस्पतालों में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की भारी कमी होने से प्रशासन के सामने बरामद शवों को सुरक्षित रखने और उनके प्रबंधन की एक विकट चुनौती खड़ी हो गई है।

चितवन में क्षमता से तीन गुना अधिक पहुंचे शव

नेपाल के चितवन क्षेत्र में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में शवों को सुरक्षित रखने की कुल क्षमता केवल 50 है। इसके विपरीत, वहां अब तक 130 से अधिक शव पहुंचाए जा चुके हैं। शव गृहों में जगह न होने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। कानूनी और चिकित्सकीय नियमों के तहत किसी भी शव का अंतिम संस्कार करने से पूर्व उसकी विस्तृत जानकारी दर्ज करना, तस्वीरें लेना और पहचान स्थापित करने वाले सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाना अनिवार्य होता है। इस प्रक्रिया का पालन करने की अनिवार्यता के कारण स्थानीय अधिकारियों के सामने संकट और गहरा गया है।

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फॉरेंसिक पहचान प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय मानक

त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के वरिष्ठ फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गोपाल चौधरी ने स्पष्ट किया है कि ऐसी भीषण प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जल्दबाजी में अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए। आपदा प्रबंधन के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद आवश्यक है। सबसे प्राथमिक काम शव को सुरक्षित रखना है। शव किस स्थिति में मिला, कहां से मिला, और उस पर किस प्रकार के विशिष्ट पहचान चिह्न मौजूद हैं, इन सभी विवरणों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना बेहद जरूरी होता है। नेपाल के अधिकांश अस्पतालों में एक साथ सैकड़ों शवों को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज मौजूद नहीं हैं। मलबे में घंटों दबे रहने के कारण कई शव तेजी से खराब होने लगते हैं, जिससे उनसे दुर्गंध आने लगती है और उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में अलर्ट

नेपाल में आई इस भीषण त्रासदी का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी दिखाई दे रहा है। नेपाल की नदियों में आए उफान को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। वाल्मीकि गंडक बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कुशीनगर में नारायणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन ने सुरक्षात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं और नदी के तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

राहत कार्य, एसडीआरएफ की तैनाती और आपातकालीन हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए 32 सदस्यीय एसडीआरएफ पलटन और 22 पीएसी कर्मियों की तैनाती की है। इसके अतिरिक्त, सहायता अभियान को मजबूती देने के लिए एक और एसडीआरएफ पलटन, चार रबर बोट और एक एल्युमीनियम बोट भेजी जा रही है। राज्य के राहत आयुक्त का नियंत्रण कक्ष सीमावर्ती जिलों की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रहा है। नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के निवासियों की जानकारी प्राप्त करने और सहायता के लिए परिजनों हेतु आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया गया है।

सवाल-जवाब

नेपाल में आई बाढ़ के बाद अब तक कितने शव बरामद किए गए हैं?
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब तक लगभग 400 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
चितवन में शवों के रखरखाव को लेकर क्या मुख्य चुनौती है?
चितवन के स्वास्थ्य संस्थानों में केवल 50 शव रखने की क्षमता है, जबकि वहां 130 से अधिक शव पहुंचाए जा चुके हैं, जिससे कोल्ड स्टोरेज का संकट पैदा हो गया है।
उत्तर प्रदेश के किन जिलों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल में सहायता के लिए किन टीमों को भेजा है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 32 सदस्यीय एसडीआरएफ पलटन और 22 पीएसी कर्मियों को नेपाल भेजा है, जिसके साथ अतिरिक्त नाव और बल भी भेजे जा रहे हैं।
नेपाल में फंसे नागरिकों की जानकारी के लिए क्या हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है?
नेपाल में फंसे लोगों के परिजन आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
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