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असम के डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक मालवाहक जहाज रवानाअसम
5 अक्तू॰ 2026, 2:54 pm (1 घंटे पहले)· 0

असम के डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक मालवाहक जहाज रवाना

आजादी के बाद पहली बार डिब्रूगढ़ के बोगीबील टर्मिनल से 540 टन मेथनॉल लेकर एक मालवाहक जहाज बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए निकला है।

पूर्वोत्तर भारत में जलमार्ग कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए असम के डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के ढाका के लिए एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा की शुरुआत सोमवार को बोगीबील रिवर पोर्ट से की गई। आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब डिब्रूगढ़ से राष्ट्रीय जलमार्ग 2 यानी ब्रह्मपुत्र नदी के रास्ते किसी विदेशी बंदरगाह के लिए व्यापारिक माल भेजा गया है।

बोगीबील टर्मिनल से पोत 'पटकाई' की रवानगी

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बोगीबील टर्मिनल पर 'पटकाई' नामक इस मालवाहक जहाज को हरी झंडी दिखाकर विदा किया। इस विशेष कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा वर्चुअल माध्यम से जुड़े। यह पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय व्यापार में एक नया मोड़ मानी जा रही है।

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540 टन मेथनॉल लेकर 783 किमी की यात्रा

जलपोत 'पटकाई' असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए 540 टन मेथनॉल से लदे कुल 27 कंटेनर लेकर रवाना हुआ है। यह जहाज ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 783 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और करीब सात दिनों में बांग्लादेश पहुंचने का अनुमान है। यह यात्रा राष्ट्रीय जलमार्ग 2 के माध्यम से भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट से जुड़कर पूरी होगी।

ऐतिहासिक नदी व्यापार गलियारे का पुनरुद्धार

अगले कुछ दिनों में एक और मालवाहक जहाज भी रवाना होने वाला है, जिससे दोनों पोत मिलकर कुल 1,080 टन मेथनॉल बांग्लादेश तक पहुंचाएंगे। आजादी से पहले ब्रह्मपुत्र नदी ऊपरी असम को दुनिया भर के बाजारों से जोड़ने वाला प्रमुख माध्यम थी और डिब्रूगढ़ उस समय का एक महत्वपूर्ण नदी बंदरगाह था। कई दशकों बाद इस जलमार्ग के फिर शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक अवसर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क काफी मजबूत होंगे।

सवाल-जवाब

डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश के लिए कौन सा मालवाहक जहाज रवाना हुआ है?
बोगीबील टर्मिनल से 'पटकाई' नामक मालवाहक जहाज को बांग्लादेश के ढाका के लिए रवाना किया गया है।
इस मालवाहक जहाज में क्या सामग्री भेजी जा रही है?
यह जहाज असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा निर्मित 540 टन मेथनॉल से भरे 27 कंटेनर ले जा रहा है।
यह यात्रा कितनी लंबी है और पूरा होने में कितना समय लगेगा?
जहाज ब्रह्मपुत्र नदी पर करीब 783 किलोमीटर का सफर तय करेगा और लगभग सात दिनों में बांग्लादेश पहुंचेगा।
क्या इस मार्ग पर और भी मालवाहक जहाज भेजे जाएंगे?
हां, अगले कुछ दिनों में एक और जहाज रवाना होगा और दोनों मिलकर कुल 1,080 टन मेथनॉल बांग्लादेश पहुंचाएंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·23 मिनट पहले

आजादी के इतने साल बाद ब्रह्मपुत्र से बांग्लादेश के लिए माल जाना वाकई बड़ी बात है। लॉजिस्टिक्स का खर्च घटेगा तो पूर्वोत्तर के उद्योगों को बहुत फायदा मिलेगा।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·23 मिनट पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा। जब मैं कुछ साल पहले डिब्रूगढ़ गया था, तो वहां के लोगों से ब्रह्मपुत्र के पुराने व्यापारिक दिनों के बारे में बहुत कुछ सुना था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 मिनट पहले

डिब्रूगढ़ के उस बोगीबील घाट पर पुरानी यादें ताजा हो गईं जब कुछ साल पहले मैं एक तस्करी और अवैध माल ढुलाई के मामले की जांच के सिलसिले में वहां गया था। तब वहां सन्नाटा रहता था और अब वहां से बांग्लादेश के लिए जहाजों का निकलना देखकर सचमुच बहुत हैरानी होती है कि वक्त कैसे बदल गया है।

Ravikash Gupta@ravikash·43 मिनट पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। मैं खुद कुछ साल पहले जब नॉर्थ-इस्ट की एक कॉर्पोरेट स्टडी के सिलसिले में ब गया था, तो वहाँ का सन्नाटा देखा था। आज वहाँ से जहाज़ निकलते देख वाकई हैरानी होती है कि वक्त कितनी तेजी से बदल रहा है।

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