पूर्वोत्तर के राज्य असम में प्राकृतिक आपदा का प्रकोप लगातार गहराता जा रहा है, जहां जल प्रलय की चपेट में आने से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या अब 87 तक पहुंच चुकी है। हाल ही में आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सात जिले अभी भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिससे करीब 1.28 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर जारी बुलेटिन में बताया गया है कि ताजा मौतें सबसे ज्यादा मार झेल रहे शिवसागर इलाके में दर्ज की गईं। हालात से निपटने के लिए सरकारी तंत्र मुस्तैदी से जुटा हुआ है और राहत सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है।
सात जिलों में तबाही और फसलों को नुकसान
इस आपदा के दायरे में आने वाले प्रमुख जिलों में चराइदेव, शिवसागर, धेमाजी, गोलाघाट, बिश्वनाथ, जोरहाट और लखीमपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुल 380 बस्तियां और गांव पानी के भीतर डूबे हुए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके अलावा 14,230.148 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि भी जलमग्न है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित कुल 1,28,071 नागरिकों में से अकेले शिवसागर के 55,200 लोग, चराइदेव के 34,050 निवासी और जोरहाट के 20,209 नागरिक इस आपदा की मुख्य विभीषिका का सामना कर रहे हैं। हालांकि इससे एक दिन पहले पांच जिलों में प्रभावितों का आंकड़ा 1.35 लाख से अधिक था, जिसमें अब कुछ सुधार देखा जा रहा है।
राहत शिविरों और वितरण केंद्रों का संचालन
बेघर हुए और पानी से घिरे नागरिकों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए प्रशासन की तरफ से कुल 38 राहत शिविर सक्रिय रूप से चलाए जा रहे हैं। इन कैंपों में मौजूदा समय में 11,066 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं, जिन्हें भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके साथ ही राहत सामग्री के सुगम वितरण के लिए 17 विशेष केंद्र भी काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी पीड़ित को असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा 160 करोड़ के पैकेज का ऐलान
इस संकट की घड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित परिवारों के लिए बड़े वित्तीय पैकेज की घोषणा की है। इसके तहत लगभग 160 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए पहुंचाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से बताया कि चार सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों के करीब 75,000 परिवारों को 15,000 रुपये प्रति परिवार की दर से अंतरिम राहत राशि बांटी गई है। इसके अतिरिक्त, पात्र नागरिकों को पीएम सूर्य घर योजना के तहत राज्य स्तर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ भी दिया गया है।
सर्वेक्षण के बाद मिलेगा अंतिम मुआवजा
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त लोगों के हाथों में फौरी तौर पर वित्तीय मदद पहुंचाना है ताकि वे अपनी जिंदगी को दोबारा सामान्य पटरी पर ला सकें। सरकार की योजना के अनुसार, नुकसान का पूरा और व्यापक आकलन करने के बाद अंतिम मुआवजे की राशि तय की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि शिवसागर और चराइदेव के सबसे बुरी तरह प्रभावित परिवारों को आने वाले कुछ दिनों के भीतर 10,000 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता और दी जाएगी।
जमीनी दौरे और मुख्यमंत्री के तीखे अनुभव
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद पानी से घिरे इलाकों का दौरा किया, वहां के निवासियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि आज ही 75,000 परिवारों को 15,000 रुपये प्रति परिवार के हिसाब से अंतरिम सहायता डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। उन्होंने ऊपरी असम में भारी तबाही का जिक्र करते हुए बताया कि सामान्य से 400 प्रतिशत अधिक बारिश होने की वजह से उन इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई जहां अमूमन ऐसा नहीं होता था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वे खुद लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और उनके तीन सहयोगी शुरुआत से ही मैदान पर डटे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने नेपाली खुटी गांव का दौरा करते हुए यह भी साझा किया कि छोटे-छोटे बच्चे अपनी गुल्लकें तक इस नेक काम के लिए दान कर रहे हैं, जो राज्य की मजबूत एकता को दर्शाता है।

















