असम में विनाशकारी बाढ़ से उपजे संकट के बीच राहत और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के प्रयास तेज हो गए हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज स्थित रेसिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के आठ डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम शुक्रवार को असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हुई। यह टीम वहां के प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करेगी, मरीजों की जांच करेगी और जरूरतमंदों के बीच आवश्यक दवाएं बांटेगी।
स्वास्थ्य शिविरों और राहत सामग्री की व्यवस्था
रेसिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अख्तर अली के अनुसार, यह मेडिकल टीम कम से कम चार दिनों तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डेरा डाले रहेगी। डॉक्टरों का यह दल अपने साथ भारी मात्रा में आवश्यक दवाएं और जीवनरक्षक राहत सामग्री लेकर गया है। इस टीम को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी और उपकुलपति प्रोफेसर मोहसिन खान ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। टीम का मुख्य उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों को तत्काल मानवीय और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना है।
बाढ़ की स्थिति और जिलों का हाल
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या सात बनी हुई है। शिवसागर जिले में शुक्रवार को एक और व्यक्ति की मौत दर्ज की गई, जिससे इस साल बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों का कुल आंकड़ा 104 तक पहुंच गया है। राज्यभर में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 78,000 से अधिक हो गई है। वर्तमान में सात जिलों के 20 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत आने वाले 313 गांव जलमग्न हैं।
राहत शिविर और सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
जिलेवार स्थिति पर नजर डालें तो गोलाघाट बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बनकर उभरा है, जहां 30,778 लोग जलभराव की समस्या का सामना कर रहे हैं। इसके बाद नौगांव में 26,292 लोग और शिवसागर जिले में 12,480 लोग बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा कामरूप, होजाई, जोरहाट और लखीमपुर जिलों में भी बाढ़ का पानी बस्तियों में भरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन की ओर से विस्थापित लोगों को शरण देने के लिए 31 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 5,000 से अधिक लोगों ने आश्रय लिया हुआ है। साथ ही प्रभावित आबादी तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 37 राहत वितरण केंद्र भी लगातार काम कर रहे हैं।





















