प्रतिष्ठित विंबलडन खिताब अपने नाम कर चुकीं मार्केटा वोंद्रोसोवा ने एंटी-डोपिंग टेस्ट लेने से मना करने के कारण लगाए गए चार साल के कड़े प्रतिबंध के खिलाफ अपील दायर की है। उन्होंने इस मामले में न्याय की उम्मीद में कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, ताकि उनके करियर पर लगे इस लंबे ग्रहण को चुनौती दी जा सके।
कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में अपील और सस्पेंशन की अवधि
मार्केटा वोंद्रोसोवा की ओर से दायर इस अपील को खेल पंचाट अदालत द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। बीबीसी स्पोर्ट की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है कि उन्हें अपील मिल चुकी है, हालांकि अभी तक इस मामले की सुनवाई के लिए किसी भी तरह की तारीख तय नहीं की गई है। यदि यह प्रतिबंध यूं ही बरकरार रहता है, तो उनका यह पूरा निलंबन 21 जून 2030 को समाप्त होने वाला है, जिससे उनके खेल जीवन पर एक लंबा विराम लग गया है।
घटना की पूरी पृष्ठभूमि और रात का वह वाकया
चेक गणराज्य की इस खिलाड़ी ने अपनी सफाई में बताया कि जब 3 दिसंबर को रात 20:00 बजे अधिकारी उनके घर पहुंचे थे, तब उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता हुई थी। उनका यह भी कहना था कि उन अधिकारियों ने न तो अपनी सही पहचान कराई थी और न ही किसी तरह के तयशुदा प्रोटोकॉल का ठीक से पालन किया था। इसके कुछ ही समय बाद जब वह अपने पालतू कुत्ते को टहलाने के लिए बाहर निकलीं, तब उन्होंने एक रिफ्यूजल फॉर्म पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
ट्रिब्यूनल का फैसला और एंटी-डोपिंग के नियम
इस पूरे मामले की सुनवाई करने वाले एक ट्रिब्यूनल ने यह निष्कर्ष निकाला कि मार्केटा वोंद्रोसोवा के पास टेस्ट से मना करने के लिए किसी भी तरह का कोई ठोस या बाध्यकारी औचित्य नहीं था, और न ही वह किसी भी रूप में सजा को कम करवाने की हकदार थीं। टेनिस के नियमों के अनुसार सभी खिलाड़ियों को अपनी लोकेशन और व्हेयरअबाउट्स हर दिन के लिए एक तय घंटे के हिसाब से लॉग इन करने होते हैं, ताकि अधिकारी प्रतियोगिता से बाहर होने पर भी उनके एंटी-डोपिंग टेस्ट आसानी से ले सकें।
मार्केटा वोंद्रोसोवा का बयान और करियर पर असर
अपने ऊपर लगे बैन के बाद एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए मार्केटा वोंद्रोसोवा ने कहा था कि उन्होंने कभी डोपिंग नहीं की है और न ही कभी उनका कोई टेस्ट पॉजिटिव आया है। उन्होंने जोर देकर कहा था कि अपने पूरे खेल करियर के दौरान उन्होंने अनगिनत एंटी-डोपिंग कंट्रोल का सामना किया है और हमेशा पूरी साफ अंतरात्मा के साथ कोर्ट पर उतरी हैं। जब उन्होंने 2023 के विंबलडन फाइनल में ओन्स जाबेउर को हराया था, तब वह दुनिया की 42वें नंबर की खिलाड़ी थीं, लेकिन जनवरी में एडिलेड इंटरनेशनल के दूसरे दौर तक पहुंचने के बाद से उन्होंने कोई मैच नहीं खेला है और अब वह डब्ल्यूटीए रैंकिंग में फिसलकर 153वें स्थान पर पहुंच चुकी हैं।



















