अमेठी जिले के संडीला गांव की रहने वाली 65 साल की विद्यावती शर्मा इन दिनों बेहद कठिन दौर से गुजर रही हैं। गरीबों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण चलाई जा रही है, ताकि जरूरतमंदों को रहने में कोई परेशानी न हो। हालांकि, तमाम दावों के बावजूद कई वास्तविक जरूरतमंद अब भी इन योजनाओं से दूर हैं। विद्यावती के पति का निधन करीब 15 साल पहले हो गया था और उनके बेटों ने भी उन्हें अलग कर दिया, जिसके बाद से वह अकेले ही जीवन गुजार रही हैं।
पति की मौत और बेटों के अलग होने के बाद बुजुर्ग महिला को अब तक मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इस समस्या को लेकर उन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं आया। प्रशासनिक स्तर पर अनदेखी का आलम यह रहा कि लंबे समय से जर्जर पड़े उनके दो कमरों के आशियाने में से बचा हुआ एकमात्र कमरा भी हाल ही में हुई बारिश के दौरान ढह गया। गनीमत यह रही कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय विद्यावती उस कमरे में मौजूद नहीं थीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
घर गिरने के बाद भी बुजुर्ग महिला लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन नतीजा सिफर है। जब इस मामले को लेकर जमीनी स्तर पर पड़ताल की गई, तो विद्यावती उसी टूटी-फूटी हालत में किसी तरह गुजर-बसर करती हुई मिलीं। उन्होंने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि अब वह क्या कर सकती हैं, जिंदगी तो किसी तरह काटनी ही है। जब उन्होंने ग्राम प्रधान से आवास की मांग की, तो उन्हें जवाब मिला कि उनके बेटे को योजना का लाभ मिल चुका है, इसलिए अब उन्हें आवास नहीं मिलेगा और उन्हें बेटे के साथ ही रहना चाहिए। जर्जर मकान के बारे में पूछे जाने पर उनका कहना था कि साहब क्या करें, रहना तो यहीं है और इधर-उधर जैसे-तैसे गुजर कर रहे हैं।
बुजुर्ग महिला ने आगे बताया कि कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनसे बातचीत की थी और उन्हें आवास दिलाने का आश्वासन दिया था। इस मुलाकात को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यदि अब उन्हें घर मिल जाता है, तो वह बेहतर तरीके से रह सकेंगी, अन्यथा जैसे-तैसे तो जिंदगी काट ही रही हैं। दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर जब खंड विकास अधिकारी श्री प्रकाश पांडे से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यावती को योजना से जानबूझकर वंचित नहीं रखा गया है।
खंड विकास अधिकारी श्री प्रकाश पांडे ने फोन पर जानकारी दी कि उचित जानकारी न होने की वजह से अभी तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि शासन स्तर से इस संबंध में निर्देश प्राप्त हो चुके हैं और वर्तमान में पंजीकरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, औपचारिकताएं पूरी होते ही जल्द से जल्द विद्यावती को आवास योजना से लाभान्वित कर दिया जाएगा और उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।



















