बेगूसराय जिले के बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में पुलिस ने कुख्यात बदमाश भाइयों सोनू सिंह और मोनू सिंह को हथियार के साथ धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस और दोनों बदमाशों के बीच हाथापाई होते हुए दिख रही है। इसी वीडियो को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस ने खुद बदमाशों की कमर में पिस्टल खोंसी थी।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वर्दी में और बिना वर्दी के कई पुलिसकर्मी दो युवकों को जकड़े हुए हैं। इसी बीच एक पुलिसकर्मी के हाथ में पिस्टल नजर आती है, जिसे वह बदमाश की कमर में रखने की कोशिश करता दिख रहा है। मौके पर मौजूद लोग पुलिसकर्मी को टोकते हुए सुनाई देते हैं और कहते हैं कि पिस्टल कमर में मत खोंसिए। इसी दृश्य के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे।
बच्चों के बीच हुए झगड़े से शुरू हुई थी पूरी कहानी
गिरफ्तारी के बाद बलिया थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में डीएसपी सुबोध कुमार ने पूरे मामले की परत दर परत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 20 जून 2026 को बरियारपुर गांव में बच्चों के आपसी विवाद ने बड़ा रूप ले लिया था और दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। इसी झगड़े में एक पक्ष के लोगों ने सोनू और मोनू को बुला लिया, जिसके बाद दोनों भाइयों ने मौके पर फायरिंग कर दी थी। घटनास्थल से कारतूस का खोखा भी बरामद हुआ था और इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। तभी से सोनू और मोनू फरार चल रहे थे।
गुप्त सूचना पर घर की घेराबंदी, फिर हुई गिरफ्तारी
डीएसपी सुबोध कुमार के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सोनू और मोनू हथियार के साथ अपने घर के पास मौजूद हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इस सूचना के आधार पर एक टीम बनाई गई और दोनों के घर की घेराबंदी की गई। जैसे ही पुलिस टीम आगे बढ़ी, दोनों भाई वहां से भागने की कोशिश करने लगे और भागते-भागते उन्होंने पुलिस पर ही हथियार तान दिया। इसके बाद पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी, तब जाकर दोनों भाइयों को काबू में किया जा सका। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्तौल, कारतूस और एक चाकू बरामद हुआ।
डीएसपी बोले, हथियार खोंसे जाने का आरोप गलत
पुलिस द्वारा जबरन बदमाशों की कमर में हथियार खोंसे जाने के वीडियो पर उठे सवालों को डीएसपी सुबोध कुमार ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान बदमाश ने खुद पुलिस पर पिस्टल तान दी थी, जिसे पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद उससे छीना था। उनके मुताबिक जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार हैं। डीएसपी ने यह भी बताया कि सोनू सिंह और मोनू सिंह दोनों बेहद कुख्यात अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। सोनू सिंह पर 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं मोनू सिंह पर 9 मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों की गिरफ्तारी से इलाके में कई संगीन मामलों की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है।













