बटवारा 1947 की दूसरी झलक में सनी देओल का जबरदस्त एक्शन, करण देओल ने भी लूटी लाइमलाइटफैसल लाला द्वारा दाखिल अपील पर रामपुर कोर्ट का बड़ा फैसला, आज़म खान की बरी होने की राहत बरकरारमेष से मीन तक, गुरु-शनि की नई चाल इन पांच राशियों की किस्मत बदल सकती हैकाजू, नारियल और ज्वार से बनीं ये छह कुकीज़ें गाजीपुर में बटोर रही हैं वाहवाहीदिल्ली के सर्राफा बाजार में फिसले दाम, तीन हफ्ते के सबसे सस्ते स्तर पर पहुंचा सोनासाई पल्लवी की सीता वाली कास्टिंग पर अन्नू कपूर फिर भड़के, निर्देशक को लेकर कह दी बड़ी बातकीटनाशकों से तबाह हुए परिवार की कहानी लेकर आ रहे काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े, ट्रेलर आया सामनेककोड़ा सिर्फ मानसून में बाजार में आती है, जंगलों से आने वाली इस सब्जी के दाम 250 रुपये किलो तक पहुंचते हैंबिहार में 19 जुलाई को रेड अलर्ट, गया-नवादा-बेगूसराय-जमुई में अत्यधिक भारी बारिश की आशंकामहीने में सिर्फ 7600 रुपये बचाकर बनेगा 62.5 लाख का फंड, ये है इंडिया पोस्ट की खास स्कीम
फैसल लाला द्वारा दाखिल अपील पर रामपुर कोर्ट का बड़ा फैसला, आज़म खान की बरी होने की राहत बरकरारराजनीति
1 घंटे पहले· 2

फैसल लाला द्वारा दाखिल अपील पर रामपुर कोर्ट का बड़ा फैसला, आज़म खान की बरी होने की राहत बरकरार

रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए अदालत ने फैसल लाला की क्रिमिनल अपील खारिज कर दी है, जिससे सपा नेता मोहम्मद आज़म खान को बरी करने वाला ट्रायल कोर्ट का फैसला बरकरार रहेगा।

रामपुर की स्पेशल एमपी-एमएलए अदालत से समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आज़म खान को राहत मिली है, जो पूर्व में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। अदालत ने फैसल लाला की ओर से दाखिल क्रिमिनल अपील खारिज कर दी, जिससे आज़म खान को बरी करने वाला ट्रायल कोर्ट का आदेश पूरी तरह बरकरार रहेगा।

पांच साल पुराना है यह विवाद

यह पूरा मामला 29 मार्च 2019 का है, जब आज़म खान पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने कार्यालय में चार अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी आरोप के आधार पर फैसल लाला ने 2 अप्रैल 2019 को रामपुर के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद यह मामला वर्षों तक अदालत में चलता रहा और दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।

ये भी पढ़ें

ट्रायल कोर्ट ने पहले ही किया था बरी

18 दिसंबर 2025 को इसी मामले में ट्रायल कोर्ट पहले ही आज़म खान को दोषमुक्त करार दे चुका था। ट्रायल कोर्ट के इस आदेश से असंतुष्ट फैसल लाला ने इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देते हुए क्रिमिनल अपील दाखिल की। इसी अपील पर स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने विस्तार से सुनवाई की और अंततः इसे खारिज कर दिया, जिससे निचली अदालत की बरी करने वाली व्यवस्था कायम रहेगी।

वकील बोले, मुवक्किल को मिली राहत

आज़म खान की पैरवी कर रहे अधिवक्ता नासिर सुल्तान के मुताबिक, अपील खारिज होने से ट्रायल कोर्ट का पुराना फैसला बना रहेगा और उनके मुवक्किल को इससे कानूनी राहत मिली है। उनका कहना है कि यह फैसला आज़म खान के पक्ष में एक अहम जीत माना जा सकता है, क्योंकि इससे मामला अब उनके पक्ष में सुलझता दिख रहा है।

सवाल-जवाब

फैसल लाला की अपील क्यों खारिज हुई?
क्योंकि ट्रायल कोर्ट ने पहले ही 18 दिसंबर 2025 को आज़म खान को इस मामले में बरी कर दिया था, और स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने उस फैसले को सही ठहराया।
यह मामला कब का है?
यह मामला 29 मार्च 2019 का है, जब आज़म खान पर अपने कार्यालय में चार अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था।
एफआईआर किसने और कब दर्ज कराई थी?
फैसल लाला ने 2 अप्रैल 2019 को रामपुर के कोतवाली थाने में यह एफआईआर दर्ज कराई थी।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद ट्रायल कोर्ट का आज़म खान को बरी करने वाला फैसला बरकरार रहेगा।
आज़म खान की तरफ से कौन पैरवी कर रहा था?
आज़म खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान इस मामले में उनकी पैरवी कर रहे थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR