बिहार के कैमूर जिले में चलती ट्रेन और रेलवे स्टेशन परिसर के भीतर फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर आभूषण कारोबारी के कर्मचारी से करोड़ों रुपये का सोना ठगने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जालसाजों ने खुद को सरकारी महकमे का आला अफसर बताकर कानूनी कार्रवाई, जेल भेजने और कारोबारी के ठिकाने पर रेड डलवाने की धमकी दी। इस खौफ में आकर कर्मचारी ने अपने पास मौजूद 2.06 किलो सोना जालसाजों को सौंप दिया। मामले की जांच में जुटी रेल पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के तालमेल से बरेली में दबिश देकर तीन आरोपियों को दबोच लिया, जिनके कब्जे से 612.74 ग्राम सोना और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
भभुआ रोड स्टेशन पर बुना गया खौफ का जाल
यह वारदात भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हुई जब आभूषण कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल का कर्मचारी करीब 2 किलो सोना लेकर सफर कर रहा था। रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया और खुद को जांच एजेंसी का सरकारी अधिकारी बताया। आरोपियों ने कर्मचारी पर सोने के कागजात को लेकर दबाव बनाया और कहा कि उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल भेज दिया जाएगा। इतना ही नहीं, गिरोह के सदस्यों ने कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल के घर पर भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी कराने का खौफ दिखाया। इस मानसिक दबाव और डर के चलते कर्मचारी ने करीब 2.06 किलो सोने की पूरी खेप आरोपियों के हवाले कर दी, जिसके बाद आरोपी मौका पाकर तुरंत गायब हो गए।
₹2.92 करोड़ के सोने की ठगी और एसआईटी का गठन
वारदात की जानकारी मिलने के बाद आभूषण कारोबारी संजय कुमार खंडेलवाल ने 24 अक्टूबर को रेल थाना भभुआ में लिखित तहरीर देकर औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई। छीने गए सोने का कुल मूल्य बाजार भाव के हिसाब से लगभग 2 करोड़ 92 लाख 87 हजार 600 रुपये (2,92,87,600) आंका गया। मामले की भारी रकम और संगीन प्रकृति को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने स्टेशन और आसपास के तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की गहन पड़ताल शुरू की।
15 हजार रुपये पाने वाले मुलाजिम की निकली गद्दारी
तकनीकी छानबीन और पूछताछ के दौरान इस पूरी साजिश का चौंकाने वाला सच उजागर हुआ। कारोबारी के यहां महज 15 हजार रुपये महीने के वेतन पर काम करने वाला कर्मचारी सचिन गंगवार ही इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार निकला। सचिन ने कम वेतन के लालच में बाहर के जालसाजों के साथ सांठगांठ की और सोने की खेप ले जाने की सटीक जानकारी, रूट और समय पहले ही साझा कर दिया था। उसी की मुखबिरी के आधार पर फर्जी अफसरों का नाटक रचकर यह पूरी वारदात अंजाम दी गई।
बरेली में छापेमारी और 612.74 ग्राम सोना बरामद
रेल पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से बरेली में कई ठिकानों पर दबिश दी। इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने सचिन गंगवार, रोहित कुमार और वरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में वरुण कुमार पेशे से मकान निर्माण का ठेकेदार है। पुलिस ने वरुण के घर की तलाशी लेकर 612.74 ग्राम सोना और वारदात में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन जब्त कर लिए।
बाकी सोने और सहयोगियों की तलाश तेज
रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने इस पूरे अंतरराज्यीय गिरोह के खुलासे का ब्योरा साझा किया। रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बताया कि मामले में शेष सोने की बरामदगी के लिए टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही इस ठगी नेटवर्क में शामिल अन्य फरार साथियों और मददगारों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने की कार्रवाई जारी है।

















