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सैंडिस कंपाउंड में रोशन रोही और डिंपल सिंह के शो में मची भगदड़, पुलिस ने बरसाईं लाठियांबिहार
1 नव॰ 2026, 12:21 am (1 घंटे पहले)· 0

सैंडिस कंपाउंड में रोशन रोही और डिंपल सिंह के शो में मची भगदड़, पुलिस ने बरसाईं लाठियां

भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में मगही गायक रोशन रोही और भोजपुरी अभिनेत्री डिंपल सिंह के कार्यक्रम के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर भारी हंगामा हो गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

बिहार के भागलपुर स्थित ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड मैदान में आयोजित एक सांस्कृतिक समारोह के दौरान अचानक भारी हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस कार्यक्रम में मगही कलाकार रोशन रोही और भोजपुरी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री डिंपल सिंह पहुंचे हुए थे। दोनों लोकप्रिय कलाकारों की एक झलक पाने और उन्हें मंच पर देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मैदान में जमा हो गए थे। कलाकारों के मंच पर पहुंचते ही वहां मौजूद प्रशंसकों के बीच आगे जाने की होड़ मच गई, जिससे पूरा माहौल अनियंत्रित हो गया और कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई।

मंच की ओर बढ़ा दर्शकों का हुजूम, कुर्सियों को किया गया तहस-नहस

सभागार मैदान में उमड़ी दर्शकों की भीड़ रोशन रोही और डिंपल सिंह को करीब से देखने के लिए लगातार बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरे को धकेलते हुए मंच की दिशा में आगे बढ़ने लगी। मैदान में क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने के कारण भीड़ का दबाव अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया। इसी आपाधापी के दौरान दर्शकों के एक बड़े वर्ग में बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था को लेकर भारी रोष फैल गया। देखते ही देखते यह नाराजगी उग्र रूप में बदल गई और लोगों ने आयोजन स्थल पर रखी कुर्सियों को तोड़ना शुरू कर दिया।

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बेकाबू हो चुके लोगों ने स्टेज के सामने कतारों में लगी प्लास्टिक की कुर्सियों को चंद मिनटों के भीतर पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने टूटी हुई कुर्सियों के टुकड़ों को सीधे मंच की ओर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे कलाकारों और आयोजकों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराने लगा। आयोजन स्थल पर वीआईपी और मेहमानों के लिए लगाए गए सोफे भी इधर-उधर पलट दिए गए और चारों तरफ बिखरे नजर आए। इस तोड़फोड़ के बाद पूरे सैंडिस कंपाउंड परिसर में चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया।

हालात संभालने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज

मैदान में मचे घमासान और तोड़फोड़ के कारण जब हालात पूरी तरह हाथ से फिसलने लगे, तब वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने कड़ा मोर्चा संभाला। उपद्रव कर रहे लोगों को तितर-बितर करने, मंच की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मैदान में व्यवस्था दोबारा बहाल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। पुलिस के बल प्रयोग करते ही मैदान में मौजूद भीड़ जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगी, जिससे आयोजन स्थल पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस पूरी घटना ने सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों और भीड़ प्रबंधन की खामियों को उजागर कर दिया है।

बिहार में पहले भी कलाकारों के कार्यक्रमों में हुई हैं अप्रिय घटनाएं

बिहार में फिल्मी और संगीत से जुड़े कलाकारों के सार्वजनिक कार्यक्रमों में अनियंत्रित भीड़ का ऐसा उपद्रव कोई नई बात नहीं है। इससे पहले सितंबर महीने में भी राज्य के नालंदा जिले के बिहार शरीफ में एक शोरूम के उद्घाटन समारोह के दौरान भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी की गाड़ी पर भीड़ ने हमला बोल दिया था। उस समय भी अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों का हुजूम बेकाबू हो गया था। काफी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद उग्र भीड़ ने हाथों और ईंट-पत्थरों से वार कर काजल राघवानी की फॉर्च्यूनर गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर दिए थे, जिसके बाद वह किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल पाई थीं। भागलपुर की इस ताजा घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मशहूर हस्तियों के ऐसे आयोजनों में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी है।

सवाल-जवाब

भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में किस बात को लेकर बवाल हुआ?
कार्यक्रम में पहुंचे कलाकारों को करीब से देखने की होड़ और बैठने की उचित व्यवस्था न होने को लेकर दर्शकों में नाराजगी फैल गई, जिसने तोड़फोड़ और हंगामे का रूप ले लिया।
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में कौन से कलाकार शामिल हुए थे?
कार्यक्रम में मगही कलाकार रोशन रोही और भोजपुरी अभिनेत्री डिंपल सिंह मौजूद थीं।
उपद्रव के दौरान दर्शकों ने क्या किया?
बेकाबू भीड़ ने स्टेज के सामने लगी कुर्सियों को तोड़ दिया, सोफे बिखेर दिए और टूटी हुई कुर्सियां मंच की तरफ फेंकने लगे।
हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाया?
भीड़ को नियंत्रित करने और भगदड़ जैसी स्थिति को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
क्या बिहार में हाल ही में किसी अन्य भोजपुरी कलाकार के साथ भी ऐसी घटना हुई थी?
हां, सितंबर में नालंदा जिले के बिहार शरीफ में एक शोरूम उद्घाटन के दौरान बेकाबू भीड़ ने भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी की कार पर हमला कर शीशा तोड़ दिया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·29 मिनट पहले

कुर्सियां तोड़ना और पुलिस को डंडे चलाना कौन सा तरीका है? लगता है भीड़ को संभालने का अंदाज़ा ही नहीं था, वरना ऐसे हालात न बनते।

Ravikash Gupta@ravikash·49 मिनट पहले

भीड़ संभालने की कोई तमीज़ नहीं है आयोजकों में। कलाकार को देखने आए लोग थे, दंगाई नहीं, पर इंतज़ाम खराब होने से सब बिगड़ गया। पुलिस को डंडे चलाने ही पड़े आख़िरकार।

Arjun Mehta@arjun-mehta·48 मिनट पहले

रविकेश जी, मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत नहीं हूँ। इंतज़ाम बेशक खराब थे, लेकिन कुर्सियाँ तोड़कर मंच पर फेंकने वालों को सिर्फ 'प्रशंसक' कहना सही नहीं है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

अरे भाई, जब भीड़ संभालने की कोई तमीज़ नहीं होती तो ऐसे जलसे रखते ही क्यों हैं? पिछली बार भी काजल राघवानी के वक्त यही नौटंकी देखी थी। कलाकारों को देखने की दीवानगी ठीक है, पर कुर्सियां तोड़ना और पुलिस से डंडे खाना कौन सी अक्कलमंदी है? आयोजकों को भी जेल में डालना चाहिए जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में लोगों की जान खतरे में डाल देते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोशन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने! जब इंतज़ाम करना नहीं आता तो ऐसे इवेंट्स की इजाजत ही क्यों मिलती है? आयोजकों की लापरवाही से जनता और पुलिस दोनों पिसते हैं।

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