बिहार के सुपौल जिले में मंगलवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। यहां दिन के उजाले में बेखौफ अपराधियों ने एक खौफनाक वारदात को अंजाम देते हुए एक 20 वर्षीय युवक को मौत के घाट उतारने की कोशिश की। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और पीड़ित जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। सरेआम हुई इस घटना ने स्थानीय कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामा के घर से वापसी के दौरान हमला
पीड़ित की पहचान 20 साल के रंजीत कुमार यादव के रूप में हुई है, जो सुपौल सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गौरगढ़ वार्ड 5 निवासी भूमि यादव के बेटे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, रंजीत सोमवार की शाम पिपरा थाना क्षेत्र की रतौली पंचायत में स्थित झड़कहा गांव गए हुए थे। वहां उनके मामा का घर है और वह रात में वहीं रुके थे। मंगलवार की सुबह जब रंजीत अपने मामा के घर से वापस अपने गांव गौरगढ़ की तरफ लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनके साथ यह खूनी खेल खेला गया।
जैसे ही वह झड़कहा नहर के करीब पहुंचे, पहले से ही वहां घात लगाकर बैठे हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बिना कोई मौका दिए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस अंधी गोलीबारी के दौरान एक गोली सीधे रंजीत के सीने में घुस गई। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े और अपराधी मौके से फरार हो गए।
ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल, हालत नाजुक
शांत इलाके में अचानक गोली चलने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए। स्थानीय ग्रामीण और राहगीर हिम्मत जुटाकर तुरंत घटनास्थल की तरफ भागे। वहां उन्होंने रंजीत को जमीन पर तड़पते हुए देखा। बिना कोई देरी किए, स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को उठाया और सबसे पास मौजूद पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
पिपरा स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद डॉक्टरों ने रंजीत की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, सीने में गोली लगने के कारण बहुत अधिक खून बह चुका था और उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इसे देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया। सूचना पाकर बदहवास हालत में पहुंचे परिजनों ने कोई जोखिम न लेते हुए रंजीत को सुपौल शहर के एक निजी चिकित्सा केंद्र, अनंत प्रेरणा अस्पताल, में भर्ती कराया। फिलहाल उनका सघन इलाज चल रहा है और स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
पुलिस कर रही सीसीटीवी की जांच
दूसरी तरफ, सरेआम हुई इस गोलीबारी की सूचना मिलते ही पिपरा थाने की पुलिस एक्शन में आ गई। पुलिस की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मौके का मुआयना किया। जांचकर्ताओं ने आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ करके हमलावरों का सुराग तलाशने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके अलावा, पुलिस यह पता लगाने के लिए इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है कि अपराधी किस रास्ते से आए थे और वारदात को अंजाम देकर किधर भागे।
डीएसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
घटना की गंभीरता को देखते हुए सुपौल सदर के डीएसपी राजीव रंजन खुद अनंत प्रेरणा अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टरों से घायल रंजीत के स्वास्थ्य की जानकारी ली और डरे हुए परिजनों से बातचीत कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। डीएसपी राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस पूरे मामले की हर संभव एंगल से बारीकी से जांच कर रही है।
हालांकि, रंजीत पर यह जानलेवा हमला क्यों किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, यह वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को जल्द ही बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। दिनदहाड़े और सरेआम हुई इस हिंसक घटना से आम लोगों में अपराधियों के बढ़ते हौसले को लेकर भारी आक्रोश है। पूरे इलाके में डर का माहौल व्याप्त है और लोग जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और बेहतर पुलिस गश्त की मांग कर रहे हैं।



















