छीनी और हथौड़ी से गढ़ते आस्था के रूप: हैदराबाद की पारंपरिक काष्ठकला में छिपे कड़े जोखिम और भाईचारे की मिसालआवारापन 2 से सिनेमाघरों में छाया इमरान हाशमी का जादू, जानिए भट्ट खानदान से क्या है अभिनेता का खास रिश्तागॉल टेस्ट में यशस्वी जायसवाल ने आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट का ताना देकर निरोशन डिकवेला को फंसायाआर्थर रोड जेल में जब राज कुंद्रा ने सुनी शिल्पा शेट्टी से तलाक की अफवाह, आ गए थे जिंदगी खत्म करने के ख्यालअरुणाचल प्रदेश के वालोंग में तितलियों की 85 प्रजातियां दर्ज, जैव विविधता खोज अभियान में दुर्लभ जीव कैमरे में कैदलंदन के मेफेयर में वकील विजय अग्रवाल हिरासत में लिए गए, वर्क परमिट उल्लंघन का लगा आरोपयूक्रेन में युद्ध के बीच चुनाव कराने की उठी मांग, पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने उठाये सवाल2004 पाकिस्तान दौरे पर कराची टेस्ट कराने की परवेज़ मुशर्रफ की मांग, लालकृष्ण आडवाणी ने क्यों ठुकराई थी?1 महीने के नवजात शिशु के 5 महत्वपूर्ण विकास संकेत और लगातार टकटकी लगाने की वजहभारत को अलविदा कहकर न्यू यॉर्क शिफ्ट हुईं अपूर्वा मखीजा, सोशल मीडिया पर बताई देश छोड़ने की वजह
कैमूर के मोहनिया चेकपोस्ट पर वर्दी में वसूली करते चार जवान रंगे हाथ धरे गए, 83,300 कैश और मोबाइल जब्तबिहार
22 जुल॰ 2026, 12:01 am (29 दिन पहले)· 0

कैमूर के मोहनिया चेकपोस्ट पर वर्दी में वसूली करते चार जवान रंगे हाथ धरे गए, 83,300 कैश और मोबाइल जब्त

बिहार के कैमूर जिले में मोहनिया समेकित जांच चौकी पर वाहन चालकों से पैसे वसूलते तीन सैप जवान और एक होमगार्ड जवान गिरफ्तार किए गए, आरोपियों के पास से 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद हुए।

बिहार के कैमूर जिले में मोहनिया समेकित जांच चौकी एक बार फिर वर्दी में हो रही अवैध कमाई की वजह से सुर्खियों में है। पुलिस ने संयुक्त छापेमारी करके वाहन चालकों से पैसे ऐंठते चार जवानों को रंगे हाथों दबोच लिया। इनमें तीन जवान विशेष सशस्त्र पुलिस यानी सैप के हैं, जबकि एक होमगार्ड का जवान है। मौके से मिली भारी नकदी और मोबाइल फोन इस पूरे खेल की पोल खोलते हैं।

83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद

कैमूर के एसपी शिखर चौधरी के निर्देश पर यातायात डीएसपी और मोहनिया थाने की टीम ने मिलकर बीती रात मोहनिया की समेकित जांच चौकी पर दबिश दी। टीम ने देखा कि चौकी पर तैनात जवान गुजरते वाहनों को रोककर उनसे पैसे ले रहे थे। मौके पर ही चारों को पकड़ लिया गया और तलाशी में इनके पास से 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस इस पूरे मामले की बारीकी से जांच में जुट गई है।

ये भी पढ़ें

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से तीन सैप जवान गंगासागर सिंह, बच्चू प्रसाद और मनीराम शर्मा हैं। चौथा आरोपी सुनील कुमार गुप्ता है, जो होमगार्ड का जवान बताया गया है। चारों को उसी वक्त हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया गया।

एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई, अब तक 15 गिरफ्तार

यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी जांच चौकी पर एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भी यहां छापेमारी हुई थी, जिसमें चार सैप जवानों और पांच निजी सहायकों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों कार्रवाइयों को जोड़ दें तो एक महीने के भीतर इस चौकी से अब तक कुल 15 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इतनी बार एक ही जगह से वसूली पकड़े जाने से साफ है कि यह कोई इक्का दुक्का घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चला आ रहा खेल था।

चौबीसों घंटे तैनाती, फिर भी अफसरों को भनक तक नहीं

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस जांच चौकी पर 24 घंटे तीनों शिफ्टों में अधिकारियों की ड्यूटी लगी होती है, इसके बावजूद जांच प्रभारी यानी एडीटीओ आलोक कुमार को इस अवैध वसूली की भनक तक नहीं लगी। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद चौकी पर वसूली का यह सिलसिला लगातार चलता रहा। बार बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने निगरानी तंत्र और पूरे प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डीएसपी बोले, मामले में पूछताछ जारी

मोहनिया के डीएसपी गोपाल कृष्ण ने मीडिया को बताया कि जांच चौकी मोहनिया से 83,300 रुपये के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन सैप जवान और एक होमगार्ड जवान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले में पूछताछ की जा रही है।

सवाल-जवाब

मोहनिया में किन जवानों को गिरफ्तार किया गया?
तीन सैप जवान गंगासागर सिंह, बच्चू प्रसाद और मनीराम शर्मा तथा होमगार्ड जवान सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद किए।
यह छापेमारी किसके निर्देश पर हुई?
कैमूर एसपी शिखर चौधरी के निर्देश पर यातायात डीएसपी और मोहनिया थाने की संयुक्त टीम ने यह छापेमारी की।
क्या मोहनिया चौकी पर पहले भी ऐसी कार्रवाई हुई थी?
हां, एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, पहले चार सैप जवानों और पांच निजी सहायकों समेत नौ लोग गिरफ्तार हुए थे।
अब तक कुल कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर एक महीने में इस चौकी से कुल 15 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
क्या अधिकारियों को इस वसूली की जानकारी थी?
चौबीसों घंटे तीनों शिफ्टों में अधिकारियों की तैनाती के बावजूद जांच प्रभारी एडीटीओ आलोक कुमार को इसकी भनक नहीं लगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR