मधेपुरा जिले के गम्हरिया थाना इलाके में पड़ने वाले रूपौली गांव के पास एक महिला की दिनदहाड़े चाकू से वार कर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान सिंहेश्वर थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ावे गांव के निवासी सुमन ऋषिदेव की 35 वर्षीय पत्नी भागमनी देवी के तौर पर हुई है। यह खौफनाक वारदात सोमवार दोपहर उस समय हुई, जब महिला गांव के समीप स्थित बैंगा नदी के किनारे मछली पकड़ने गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी भवेश कुमार को हिरासत में ले लिया, जो रिश्ते में मृतका का देवर लगता है।
नदी किनारे विवाद और मौके पर ही मौत
सोमवार की दोपहर भागमनी देवी बैंगा नदी में मछली का शिकार करने के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान 19 वर्षीय भवेश कुमार भी वहां पहुंच गया। वह भागमनी देवी पर किसी बात को लेकर अपने साथ चलने का लगातार दबाव बना रहा था। जब महिला ने उसके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि भवेश ने अचानक चाकू निकाला और भागमनी देवी पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इस हमले में महिला गंभीर रूप से जख्मी हो गई और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने नदी किनारे से भागने की कोशिश की, लेकिन आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उसे तुरंत घेर लिया। स्थानीय लोगों ने मौके पर ही आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर धुनाई कर दी और मामले की जानकारी गम्हरिया थाना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर गिरफ्तार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना चाकू भी बरामद कर लिया।
चार साल से चल रहे प्रेम संबंध का खुलासा
पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान आरोपी भवेश कुमार ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके और भागमनी देवी के बीच पिछले करीब चार वर्षों से प्रेम संबंध चल रहे थे। भवेश पंजाब में मजदूरी का काम करता था। उसने पुलिस को बताया कि भागमनी देवी ने उसे फोन करके बुलाया था, जिसके बाद वह लगभग पांच दिन पहले ही पंजाब से वापस अपने गांव लौटा था। गांव आने के बाद से ही वह महिला को अपने साथ ही रखने की जिद पर अड़ा हुआ था। सोमवार को जब महिला ने उसके साथ चलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो गुस्से में आकर उसने इस जानलेवा वारदात को अंजाम दे डाला।
मोबाइल लौटाने का बहाना और पहले से रची गई साजिश
मृतका के भांजे दीपक कुमार ने घटनाक्रम की पृष्ठभूमि के बारे में कई अहम जानकारियां दी हैं। दीपक के मुताबिक, उसकी मामी कुछ दिन पूर्व पड़ोस में रहने वाले भवेश कुमार के साथ पंजाब चली गई थी। हालांकि, वहां महज दो दिन रुकने के बाद वह वापस अपने गांव लौट आई थी। लेकिन इस घटना के चलते ससुराल और मायके दोनों ही पक्षों ने उसे अपने घर में रखने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वह रूपौली गांव में अपनी ननद के घर रहकर गुजर-बसर कर रही थी।
दीपक के अनुसार, भागमनी का मोबाइल फोन भवेश के पास ही रह गया था। सोमवार को भवेश असल में उसका मोबाइल वापस लौटाने का बहाना बनाकर नदी किनारे पहुंचा था। वहीं पूछताछ में आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने सोमवार की सुबह ही सिंहेश्वर बाजार से चाकू खरीदा था। जैसे ही उसे दोपहर में पता चला कि भागमनी बैंगा नदी की तरफ गई है, वह हथियार लेकर सीधे वहां पहुंच गया।
पंचायत के फैसले के बाद पति से रह रही थी अलग
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि भागमनी देवी और उसके पति सुमन ऋषिदेव के वैवाहिक रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण चल रहे थे। पारिवारिक कलह के बाद गांव में बाकायदा एक पंचायत बैठी थी, जिसमें दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराया गया था। पंचायत में तय हुए फैसले के बाद से दोनों पति-पत्नी अलग-अलग रहने लगे थे। दंपति के दो बच्चे हैं। सामाजिक समझौते के तहत एक बच्चा पिता सुमन ऋषिदेव के पास रह रहा था, जबकि दूसरा बच्चा भागमनी देवी की देखरेख में रह रहा था।
गम्हरिया थाना अध्यक्ष राघवेंद्र नारायण ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हत्या के आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआती जांच में पूरा विवाद प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार जब्त कर लिया है और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है। साथ ही वारदात स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) की विशेष टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।



















