बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों ने कानून व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए एक बेहद खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। मोतीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस स्टेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर एक लगभग 30 वर्षीय अज्ञात युवक की गोलियों से भूनकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। जिस जगह पर इस सनसनीखेज घटना को अंजाम दिया गया, वह पुलिस की नाक के बिल्कुल नीचे है, जिससे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं। अपराधियों के इस दुस्साहस ने स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
थाने के इतने करीब हत्या से दहशत
यह पूरी वारदात मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना क्षेत्र की है। अपराधियों ने घटनास्थल के रूप में मोतीपुर ओवरब्रिज के नजदीक का इलाका चुना, जो स्थानीय थाने से मुश्किल से 100 मीटर दूर है। एक तरफ जहां पुलिस स्टेशन मौजूद है, वहीं दूसरी तरफ इतनी करीब सरेआम किसी की जान ले लेना अपराधियों के बेखौफ होने का सीधा प्रमाण है। रात के अंधेरे और सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए हमलावरों ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया। गोली लगने की वजह से युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बुधवार की सुबह होने पर जब यह खबर फैली, तो इलाके के लोग सहम गए और घटनास्थल पर भारी ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इतनी कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह की वारदात ने पूरे पुलिस प्रशासन को सकते में डाल दिया है।
रात के सन्नाटे में चलीं गोलियां
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घटना बुधवार तड़के हुई है। लोगों का कहना है कि रात करीब 2 से 3 बजे के बीच उन्हें कई राउंड फायरिंग की तेज आवाजें सुनाई दी थीं। हालांकि, रात का समय होने के कारण उस वक्त कोई भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सुबह जब उजाला हुआ और लोग वहां पहुंचे, तो उन्होंने ओवरब्रिज के पास युवक का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। यह स्पष्ट है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने वारदात को अंजाम देने के बाद रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाबी हासिल कर ली।
पुलिस की गश्ती और सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और खौफ देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि एनएच और पास ही स्थित काली मंदिर के आसपास अमूमन पुलिस की गश्ती गाड़ियां नियमित रूप से तैनात रहती हैं। इसके बावजूद, थाने की इतनी करीब यह हत्या हो जाना पुलिस की गश्ती और उनकी कार्यशैली पर बहुत गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का मानना है कि अगर पुलिस की रात्रि गश्त प्रभावी होती, तो शायद इस तरह की वारदात को टाला जा सकता था या फिर अपराधी मौके से इतनी आसानी से फरार नहीं हो पाते। यह घटना दर्शाती है कि इलाके में पुलिस का खौफ अपराधियों के मन से पूरी तरह खत्म हो चुका है।
घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम
हत्या की खबर मिलते ही ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर अपने पूरे दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन FSL की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। जांचकर्ताओं ने वहां से अहम सुराग जुटाने की कोशिश की और मौके से खाली खोखे भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस हत्या के पीछे का मकसद क्या था और हमलावर कौन थे। इस पूरी गुत्थी को सुलझाने के लिए आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि अपराधियों के भागने के रास्ते और उनकी पहचान का कोई सुराग मिल सके।
शव की शिनाख्त के प्रयास और पोस्टमार्टम
फिलहाल, मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक, उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष के आसपास है। शव को कब्जे में लेने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया है। पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखा है और मुजफ्फरपुर के साथ साथ आसपास के सभी थानों को इसकी सूचना दे दी गई है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया है कि मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय लोगों और आस पड़ोस के थानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि युवक को कितनी गोलियां मारी गईं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह आपसी रंजिश का मामला है या किसी बड़े गिरोह की साजिश है।




















