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ग्रेटर नोएडा में मौसम बदलते ही बढ़े फ्लू के केस, जिम्स के डायरेक्टर बोले- सामान्य लक्षणों में पैनिक न करेंस्वास्थ्य
6 सित॰ 2026, 3:35 pm (19 मिनट पहले)· 2

ग्रेटर नोएडा में मौसम बदलते ही बढ़े फ्लू के केस, जिम्स के डायरेक्टर बोले- सामान्य लक्षणों में पैनिक न करें

ग्रेटर नोएडा में बारिश और नमी के बीच जुकाम-खांसी-बुखार के मरीज बढ़े हैं, जिम्स अस्पताल के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि सामान्य फ्लू के लक्षण 3 से 5 दिन में अपने आप ठीक हो जाते हैं, बस हाई रिस्क मरीजों को सतर्क रहना चाहिए.

ग्रेटर नोएडा के अस्पतालों में इन दिनों जुकाम, खांसी, गले में खराश और बुखार के मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. बारिश के इस मौसम में तापमान और नमी में हो रहे उतार-चढ़ाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है. दिक्कत यह है कि हल्के-फुल्के लक्षण दिखते ही कई लोग खुद को स्वाइन फ्लू या किसी बड़ी बीमारी का शिकार मान बैठते हैं और बेवजह तनाव में आ जाते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के डर की कोई ठोस वजह नहीं बनती.

जिम्स अस्पताल के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता के मुताबिक इस सीजन में ज्यादा बारिश और हवा में बढ़ी नमी के चलते वायरल बीमारियों का असर बढ़ गया है, जिस वजह से फ्लू के मरीज सामान्य से ज्यादा नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि हर बार जुकाम, खांसी या बुखार को स्वाइन फ्लू समझ लेना सही तरीका नहीं है, क्योंकि सामान्य फ्लू में भी लगभग वैसे ही लक्षण दिखते हैं, मगर ज्यादातर मामलों में यह कोई गंभीर हालत नहीं होती.

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सामान्य फ्लू को कैसे पहचानें

डॉ. गुप्ता बताते हैं कि सामान्य फ्लू में मरीज को जुकाम, खांसी, गले में हल्की तकलीफ और बुखार जैसी शिकायतें होती हैं. यही लक्षण आम वायरल संक्रमण में भी आम तौर पर दिखाई देते हैं. अगर तकलीफ हल्की है और मरीज की सेहत पहले से ठीक-ठाक है, तो फौरन अस्पताल भागने की जरूरत नहीं है. ऐसे मामलों को घर पर संभाला जा सकता है.

चिकित्सकीय भाषा में इसे क्या कहते हैं

डॉ. गुप्ता ने साफ किया कि मेडिकल भाषा में इस स्थिति को 'इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस' कहा जाता है. ऐसे ज्यादातर मरीजों को किसी खास तरह की जांच कराने की जरूरत नहीं पड़ती. मरीज को घर पर आराम करना चाहिए और पानी व अन्य तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में लेने चाहिए. सही देखभाल मिलने पर कुछ ही दिनों में तबीयत में सुधार दिखने लगता है.

तीन से पांच दिन में मिल जाती है राहत

डॉक्टर के अनुसार सामान्य फ्लू के लक्षण औसतन तीन से पांच दिन तक रहते हैं, इसके बाद मरीज की हालत खुद-ब-खुद सुधरने लगती है और वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है. उनकी सलाह है कि सिर्फ आम लक्षणों को देखकर घबराने के बजाय आराम और सावधानी पर ध्यान दिया जाए. उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि बिना जरूरत बार-बार जांच कराने या पैनिक करने से बचना चाहिए. अगर लक्षण मामूली हैं तो घर पर रहकर आराम करना और दूसरे लोगों से थोड़ी दूरी बनाए रखना संक्रमण को आगे फैलने से रोकने में मददगार साबित होता है.

हाई रिस्क मरीजों के लिए अलग सलाह

डॉ. गुप्ता ने यह भी साफ किया कि सामान्य लोगों के लिए राहत की यह बात हर किसी पर लागू नहीं होती. कैंसर से जूझ रहे मरीज, स्टेरॉयड दवाएं ले रहे लोग और दूसरी हाई रिस्क श्रेणी में आने वाले मरीजों में यही फ्लू गंभीर रूप ले सकता है. ऐसे मरीजों को लक्षण दिखते ही लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. अगर हाई रिस्क मरीज की तबीयत लगातार बिगड़ रही हो, तो समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर अस्पताल पहुंचना जरूरी है. मेडिकल गाइडलाइन के मुताबिक विशेष जांच सिर्फ गंभीर श्वसन संबंधी दिक्कत वाले मरीजों के लिए ही जरूरी बताई गई है.

बाहर निकलें तो इन बातों का रखें ख्याल

फ्लू से बचाव के लिए डॉ. गुप्ता ने कुछ आसान सावधानियां गिनाईं. उनके मुताबिक जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो मास्क जरूर लगाएं, भीड़भाड़ वाली जगहों पर दूसरों से उचित दूरी बनाकर रखें और समय-समय पर हाथ धोते रहें. शरीर में पानी की कमी न होने दें, क्योंकि पर्याप्त हाइड्रेशन बीमारी से जल्दी उबरने में मदद करता है. साथ ही मरीज को भरपूर आराम भी करना चाहिए, ताकि शरीर संक्रमण से लड़ने की ताकत जुटा सके.

योग और मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह

डॉ. गुप्ता ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग और मेडिटेशन को रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह भी दी. उनका कहना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि, मानसिक तनाव को कम करना और सेहतमंद आदतें अपनाना शरीर को बीमारियों से लड़ने के लिए बेहतर स्थिति में रखता है.

डॉ. गुप्ता का संदेश साफ है कि सामान्य फ्लू को लेकर पैनिक करने की कोई जरूरत नहीं है. जुकाम, खांसी और हल्का बुखार होने पर घबराने के बजाय आराम, पर्याप्त हाइड्रेशन और संक्रमण से बचाव के उपायों पर ध्यान देना चाहिए. वहीं अगर मरीज हाई रिस्क श्रेणी में आता है या उसकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, तो देर किए बिना डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

सवाल-जवाब

ग्रेटर नोएडा में फ्लू के मरीज क्यों बढ़ रहे हैं?
बारिश और मौसम में हो रहे बदलाव के साथ हवा में बढ़ी नमी के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं.
सामान्य फ्लू के मुख्य लक्षण क्या हैं?
जुकाम, खांसी, गले में हल्का दर्द और बुखार सामान्य फ्लू के प्रमुख लक्षण हैं.
फ्लू ठीक होने में कितना समय लगता है?
डॉक्टर के मुताबिक ज्यादातर मामलों में लक्षण तीन से पांच दिन में ठीक हो जाते हैं.
क्या हर जुकाम-बुखार को स्वाइन फ्लू समझना चाहिए?
नहीं, डॉक्टर के मुताबिक सामान्य फ्लू में भी वैसे ही लक्षण दिखते हैं, इसलिए हर मामले को स्वाइन फ्लू समझना गलत है.
सामान्य फ्लू में क्या कोई खास जांच जरूरी है?
आमतौर पर नहीं, हल्के लक्षणों वाले मरीजों को किसी विशेष जांच की जरूरत नहीं होती.
किन मरीजों को फ्लू में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
कैंसर से पीड़ित, स्टेरॉयड लेने वाले और अन्य हाई रिस्क श्रेणी के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.
फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बताई गई हैं?
बाहर निकलते समय मास्क पहनना, भीड़ में दूरी बनाना, हाथ धोना, पर्याप्त पानी पीना और आराम करना बताया गया है.
यह सलाह किसने दी है?
यह सलाह जिम्स अस्पताल के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने दी है.
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