अक्सर जब लोग फिटनेस और सेहत की बात करते हैं, तो उनके दिमाग में तेल मुक्त उबला हुआ खाना, केवल सलाद, महंगे खाद्य पदार्थ और मनपसंद व्यंजनों का पूरी तरह त्याग करने का विचार आता है। फिल्म और टीवी जगत के कलाकारों के बारे में भी यही माना जाता है कि वे बेहद कड़े और मुश्किल डाइट चार्ट का पालन करते होंगे। हालांकि, 49 वर्ष की अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल की दिनचर्या इस आम सोच से बिल्कुल अलग है। वह अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए किसी कड़े प्रतिबंध को लागू करने के बजाय साधारण घरेलू भारतीय भोजन, सही समय और संतुलित मात्रा पर ध्यान देती हैं। उनके दैनिक आहार में आलू या गोभी का पराठा, पोहा, सैंडविच, चाय, दाल, रोटी और चावल जैसी आम चीजें शामिल हैं।
सुबह का नाश्ता और पराठों का आनंद
दीपशिखा नागपाल के खानपान की सबसे आकर्षक बात उनकी सुबह की शुरुआत है। कई लोग वजन घटाने या खुद को फिट रखने के लिए पराठे जैसी चीजों को अपनी प्लेट से हटा देते हैं, लेकिन दीपशिखा ऐसा नहीं करतीं। वह सुबह के नाश्ते में आलू का पराठा या गोभी का पराठा बड़े चाव से खाती हैं। इसके अलावा उनके नाश्ते के विकल्पों में पोहा और सैंडविच भी शामिल रहते हैं। नाश्ते के साथ वह गरम चाय भी पीना पसंद करती हैं।
वह बताती हैं कि वह रात का भोजन बहुत जल्दी खा लेती हैं, जिसकी वजह से सुबह उठने पर उन्हें काफी अच्छी भूख लगती है। यही कारण है कि वह सुबह का नाश्ता कभी नहीं छोड़तीं और अपने दिन की शुरुआत एक पौष्टिक तथा सामान्य भारतीय नाश्ते के साथ करती हैं। उनकी यह आदत यह स्पष्ट करती है कि स्वस्थ रहने के लिए अपनी पसंदीदा चीजों को पूरी तरह बंद कर देना ही एकमात्र रास्ता नहीं है, बल्कि भोजन की मात्रा और पूरे दिन के खानपान का संतुलन सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।
नाश्ते के दो घंटे बाद फलों या नींबू पानी का सेवन
सुबह का भारी नाश्ता करने के लगभग दो घंटे बाद दीपशिखा अपनी दिनचर्या में हलका विकल्प शामिल करती हैं। वह इस दौरान तरोताजा होने के लिए नींबू पानी पीती हैं या फिर मौसमी फल खाती हैं। नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच एक छोटा अंतराल होने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहता है और बहुत देर तक भूखा नहीं रहना पड़ता।
फल आहार में आवश्यक फाइबर, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों को शामिल करने का एक सबसे आसान और प्राकृतिक माध्यम हैं। हालांकि, कौन सा फल कितनी मात्रा में खाया जाए, यह हर व्यक्ति के शरीर और उसकी दैनिक आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। यदि किसी व्यक्ति को कोई विशेष स्वास्थ्य समस्या है या वह किसी निश्चित आहार योजना का पालन कर रहा है, तो उसे अपनी जरूरत के अनुसार ही फलों का चुनाव करना चाहिए।
घर का सादा भोजन और संतुलित थाली
दीपशिखा के भोजन की दूसरी बड़ी विशेषता यह है कि वह हमेशा घर के बने ताजे खाने को प्राथमिकता देती हैं। बाहर के अत्यधिक तेल-मसाले वाले जंक फूड के बजाय वह आम भारतीय घरों में बनने वाले खाने को ही अपनी मुख्य डाइट मानती हैं। उनके दोपहर के भोजन में दाल, मौसमी सब्जियां, रोटी, चावल और ताज़ा सलाद शामिल होता है।
खाना खाते समय वह अपनी थाली को बहुत ज्यादा चीजों से भरने के बजाय सादगी अपनाती हैं। वह कभी रोटी के साथ दाल और सब्जी खाती हैं, तो कभी सिर्फ दाल और चावल लेना पसंद करती हैं। इस तरह उनका खानपान किसी भी तरह से जटिल या खर्चीला नहीं है। यह बिल्कुल वैसा ही सामान्य भोजन है जैसा भारत के अधिकतर परिवारों में रोजाना पकाया जाता है।
शाम की चाय और बिस्किट का रूटीन
दिनभर केवल वही चीजें खाना जिन्हें बहुत ज्यादा हेल्दी माना जाता है, कई बार मानसिक तनाव का कारण बन जाता है। दीपशिखा अपनी दिनचर्या में सहजता बनाए रखती हैं। शाम के समय वह अपनी चाय के साथ बिस्किट भी लेती हैं। आमतौर पर सख्त फिटनेस रूटीन अपनाने वाले लोग चाय और बिस्किट को अपनी सूची से सबसे पहले हटाते हैं, लेकिन दीपशिखा के रूटीन में इनके लिए भी जगह है।
पोषण विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी एक खाद्य पदार्थ को अकेले अच्छा या बुरा ठहराना सही नहीं है। पूरे दिन में ली जाने वाली कुल कैलोरी, भोजन की गुणवत्ता और व्यक्ति की शारीरिक सक्रियता ही यह तय करती है कि कोई डाइट सेहतमंद है या नहीं। यदि आप दिनभर सक्रिय हैं और कैलोरी का संतुलन बनाए रखते हैं, तो थोड़ी मात्रा में मनपसंद चीजें खाने से सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
रात 7:30 से 8 बजे तक जल्दी डिनर
दीपशिखा की इस पूरी जीवनशैली का सबसे महत्वपूर्ण और कड़ा नियम उनके रात के खाने का समय है। वह रोजाना शाम 7:30 से लेकर रात 8 बजे के बीच अपना अंतिम भोजन कर लेती हैं। उनके अनुसार, शाम को जल्दी डिनर करने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है और भोजन आसानी से पच जाता है। यही वजह है कि अगली सुबह उन्हें सही समय पर भूख महसूस होती है।
हालांकि, केवल देर से खाना खाने को ही वजन बढ़ने का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता। वजन का बढ़ना या घटना इस बात पर निर्भर करता है कि आपने पूरे दिन में कितनी कैलोरी ली हैं, आपके खाने की मात्रा कितनी थी और आपकी जीवनशैली में कितना व्यायाम शामिल है। इसलिए केवल समय देखकर खाना खाने से ही सब कुछ ठीक नहीं होता, बल्कि खानपान की पूरी शैली का ध्यान रखना पड़ता है।
व्यक्तिगत जरूरतें और सही दृष्टिकोण
दीपशिखा नागपाल की खानपान की आदतों से यह बात साफ तौर पर सामने आती है कि अत्यधिक रोक-टोक वाली डाइट के बजाय एक नियमित और अनुशासित दिनचर्या ज्यादा असरदार होती है। पराठा खाने के बावजूद घर का सादा भोजन, फल और सलाद उनकी थाली का अहम हिस्सा हैं। एक आदर्श और संतुलित आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, फाइबर वाले कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट और आवश्यक विटामिन होने चाहिए।
किसी भी सेलिब्रिटी की फिटनेस देखकर उनके आहार की हूबहू नकल करना समझदारी नहीं है। हर इंसान की उम्र, वजन, काम का स्वरूप और मेटाबॉलिज्म अलग होता है। यदि आप दीपशिखा की जीवनशैली से प्रेरणा लेना चाहते हैं, तो भोजन की नकल करने के बजाय उनके नियमित समय पर खाने, घर के खाने को तरजीह देने और संतुलित मात्रा जैसे सिद्धांतों को अपनी जिंदगी में शामिल कर सकते हैं।


















