बिहार की राजधानी पटना में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। अगमकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस ने एक गुप्त इनपुट के आधार पर जाल बिछाकर एक महिला को भारी मात्रा में ब्राउन शुगर की खेप के साथ हिरासत में लिया है। पकड़े गए मादक पदार्थ को 1,002 अलग-अलग पैकेटों में बेहद बारीकी से तैयार करके रखा गया था, जिसका कुल वजन लगभग 740 ग्राम मापा गया है। इस जब्ती के बाद स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति में संलिप्त तस्करों के नेटवर्क की पड़ताल तेज कर दी गई है।
भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के समीप घेराबंदी कर पकड़ा
नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत शहर भर में विशेष जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पूरी मुहिम का पर्यवेक्षण नगर पुलिस अधीक्षक, पटना शैलजा द्वारा किया जा रहा है। इसी क्रम में 7 अक्टूबर 2026 को अगमकुआं थाना पुलिस को एक पुख्ता खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी कि भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के आसपास एक महिला अपने साथ झोले में मादक पदार्थ लेकर गुजरने वाली है। इस सूचना के मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में अगमकुआं थानाध्यक्ष के नेतृत्व वाली एक विशेष पुलिस टीम तैयार की गई। पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए बताए गए स्थल की घेराबंदी की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
कागज में लिपटी मिलीं 1,002 पुड़िया, महिला ने किया था भागने का प्रयास
भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के पास जैसे ही पुलिस दल की मौजूदगी का अहसास हुआ, उक्त महिला ने संदेह के आधार पर वहां से बचकर भागने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। इसके उपरांत विधिक नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करते हुए महिला की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद झोले की जांच करने पर कागज में लपेटकर तैयार किए गए नशीले पदार्थ के कई छोटे पैकेट बरामद हुए। गिनती करने पर झोले से कुल 1,002 पीस ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसका सामूहिक वजन करीब 740 ग्राम दर्ज किया गया। पुलिस दल ने बरामद नशीले पदार्थ को विधिवत जब्त करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
सप्लाई नेटवर्क और खरीदारों की पहचान में जुटी जांच टीम
बरामद की गई खेप की मात्रा को देखते हुए पुलिस अधिकारी अब इस पूरे नेटवर्क के मूल स्रोत की कड़ियों को जोड़ने में लगे हैं। जांच अधिकारी मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि महिला तक यह प्रतिबंधित पदार्थ किस मुख्य सप्लायर के माध्यम से पहुंचाया गया था और इसे पटना या आसपास के किन इलाकों में खपाने की योजना थी। इस धंधे में शामिल अन्य संभावित सप्लायरों, दलालों और स्थानीय पेडलर्स की भूमिका को लेकर भी विस्तृत छानबीन की जा रही है। पकड़ी गई महिला से गहन पूछताछ के जरिए उन संपर्कों की सूची तैयार की जा रही है जो इस खरीद-बिक्री की शृंखला का हिस्सा थे। इस संदर्भ में अगमकुआं थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
शराबबंदी के बीच सिंथेटिक नशे का बढ़ता संकट
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पर कड़ा कानूनी प्रतिबंध है। ऐसे माहौल में ब्राउन शुगर जैसे घातक सिंथेटिक मादक पदार्थों का सामने आना सुरक्षा तंत्र और कानून व्यवस्था के लिए एक निरंतर चुनौती पेश करता है। नशीले पदार्थों के कारोबारी युवाओं को निशाना बनाने के लिए नए-नए तरीकों से तस्करी को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पटना पुलिस मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी, खुफिया तंत्र के सुदृढ़ीकरण और छापेमारी की कार्रवाई को प्राथमिकता दे रही है।


















