बिहार में पटना जिले के अंतर्गत आने वाले फतुहा इलाके में एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) में हुई बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने एक संदिग्ध को धर दबोचा है। पकड़े गए व्यक्ति के पास से चोरी किए गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा और दो मोबाइल हैंडसेट जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने पकड़े गए शख्स का नाम श्रीराम सहनी बताया है, जिससे अब पूरे घटनाक्रम और अन्य संभावित कड़ियों के बारे में सघन पूछताछ चल रही है।
शटर तोड़कर भीतर घुसा था चोर, लाखों की नकदी पर किया था हाथ साफ
यह वारदात फतुहा स्टेशन रोड पर संचालित एक सीएसपी केंद्र में अंजाम दी गई थी। रात के वक्त जब बाजार पूरी तरह बंद था, तब अज्ञात चोर ने केंद्र के मुख्य शटर को क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर के भीतर दाखिल हो गया। वहां सुरक्षित रखे कुल 3,63,400 रुपये समेटकर आरोपी अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया था। सुबह जब केंद्र संचालक को इस सेंधमारी की भनक लगी, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचित किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस दल ने तत्काल घटनास्थल का मुआयना किया। चूंकि गायब हुई धनराशि काफी अधिक थी, इसलिए मामले के खुलासे के लिए तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर मिले गुप्त सुरागों का सहारा लिया गया। पुलिस टीमों ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।
तकनीकी सुरागों से पकड़ा गया श्रीराम सहनी, 2.68 लाख रुपये बरामद
जांच के क्रम में मिले इलेक्ट्रॉनिक इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की घेराबंदी की और श्रीराम सहनी को अपनी हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 2,68,000 रुपये की नकद राशि बरामद हुई, जो सीएसपी केंद्र से उड़ाई गई रकम का ही हिस्सा थी। इसके अलावा उसके पास मौजूद दो चालू मोबाइल फोनों को भी साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया।
हालांकि, इस बरामदगी के बाद भी पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं हुआ है। केंद्र से कुल 3,63,400 रुपये चुराए जाने की पुष्टि हुई थी, जिसमें से 2,68,000 रुपये बरामद हो चुके हैं। इसका सीधा मतलब है कि लगभग 95,400 रुपये की शेष राशि अब भी नदारद है। जांच अधिकारी अब इस दिशा में काम कर रहे हैं कि यह बची हुई रकम आरोपी ने कहां छिपाई है, किसी अन्य साथी को सौंपी है या फिर खर्च कर दी है।
अकेले दिया अंजाम या साथ में था कोई गिरोह? तलाश जारी
फतुहा के एसडीपीओ अवधेश कुमार ने मामले पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ वैधानिक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या इस पूरी वारदात को श्रीराम सहनी ने अकेले अंजाम दिया था अथवा उसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। पुलिस की टीमें तकनीकी विश्लेषण और आरोपी के बयानों के आधार पर संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हैं।
इस मामले की आधिकारिक शुरुआत 25 सितंबर 2026 को हुई थी, जब बैकठपुर के रहने वाले कुन्दन कुमार ने फतुहा थाने में एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा था। इस तहरीर पर संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन ने बीएनएस की धारा 305 के तहत औपचारिक प्राथमिकी पंजीकृत की थी और तफ्तीश की कमान संभाली थी।



















