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पटना में गंगा किनारे बना 565 मीटर लंबा शानदार प्रोमेनेड, 46.26 करोड़ की लागत से तीन घाटों का हुआ कायाकल्पबिहार
23 जुल॰ 2026, 2:03 am (1 घंटे पहले)· 2

पटना में गंगा किनारे बना 565 मीटर लंबा शानदार प्रोमेनेड, 46.26 करोड़ की लागत से तीन घाटों का हुआ कायाकल्प

नगर विकास एवं आवास विभाग की देखरेख में पटना सिटी के भद्र, महावीर और नौजर घाट को आधुनिक रिवर फ्रंट के रूप में विकसित किया गया है। सीएम सम्राट चौधरी द्वारा उद्घाटित इस 46.26 करोड़ रुपये की परियोजना से पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बिहार की राजधानी पटना को शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक नई और शानदार सौगात मिली है। पवित्र गंगा नदी के किनारे बसे इस ऐतिहासिक शहर में पर्यटन और नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से एक भव्य रिवर फ्रंट का निर्माण किया गया है। राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग के सीधे दिशा-निर्देशन में काम करते हुए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने पटना सिटी इलाके के तीन प्रमुख और पुराने घाटों को पूरी तरह से आधुनिक रूप में ढाल दिया है। इस पूरी महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 46.26 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। नव-निर्मित भद्र घाट, महावीर घाट और नौजर घाट को अब विधिवत रूप से आम जनता के उपयोग के लिए खोल दिया गया है, जिसका औपचारिक उद्घाटन सीएम सम्राट चौधरी ने किया। इस नए और आधुनिक निर्माण से न केवल शहर की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगे हैं, बल्कि यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी अब विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।

धार्मिक महत्व और श्रद्धालुओं के लिए नई सहूलियतें

पटना सिटी का समूचा इलाका अपने समृद्ध इतिहास, प्राचीन विरासत और गहरी धार्मिक आस्था के लिए पूरे देश में जाना जाता है। विशेष रूप से भद्र घाट और महावीर घाट का धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत ही गहरा और खास महत्व है। इन ऐतिहासिक घाटों पर हर साल छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा और दैनिक रूप से होने वाली भव्य गंगा आरती जैसे पवित्र आयोजनों के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। पुरानी व्यवस्था में जगह की भारी कमी और पक्के निर्माण के अभाव के कारण लोगों को कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब प्रशासन ने इन सभी घाटों का पूरी तरह से पक्कीकरण कर दिया है। इसके साथ ही घाटों की चौड़ाई भी पहले के मुकाबले काफी बढ़ा दी गई है, जिससे अब बड़े और भीड़भाड़ वाले आयोजनों के दौरान भी लोगों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुलभ तरीके से पूजा-अर्चना करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। इस विकास से भीड़ प्रबंधन अब पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा और किसी भी तरह की दुर्घटना का अंदेशा ना के बराबर रहेगा।

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565 मीटर लंबा प्रोमेनेड और अत्याधुनिक सुविधाएं

इस पूरे शानदार कायाकल्प की सबसे बड़ी और आकर्षक खासियत यहां बनाया गया 565 मीटर लंबा और बेहद चौड़ा प्रोमेनेड (वॉकवे) है। यह मनमोहक वॉकवे खास तौर पर सुबह और शाम की सैर करने वाले स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। स्थानीय निवासी अब गंगा की कल-कल बहती धाराओं और एकदम शांत, प्रदूषण मुक्त वातावरण के बीच टहलने का भरपूर आनंद उठा सकेंगे। इसके अलावा, पूरे घाट परिसर को अत्याधुनिक जनसुविधाओं से लैस किया गया है। रात के अंधेरे में भी पूरा इलाका दूधिया रोशनी से जगमगाता रहे और लोग सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए उच्च क्षमता वाली आधुनिक हाई-मास्ट लाइटें लगाई गई हैं। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नदी की तरफ मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। चप्पे-चप्पे पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस गश्त की भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, लोगों के बैठने के लिए आरामदायक बेंच, पीने के शुद्ध पानी की मुकम्मल व्यवस्था, साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जगह-जगह आधुनिक डस्टबिन और पर्यावरण को स्वच्छ तथा हरा-भरा रखने के लिए हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का भी विशेष रूप से ध्यान रखा गया है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा भारी बूस्ट

सीएम सम्राट चौधरी ने उद्घाटन समारोह के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए इस परियोजना की सफलता पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि इस शानदार और ऐतिहासिक कायाकल्प के बाद पटना सिटी का यह ऐतिहासिक तट केवल एक घाट नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन के एक बड़े और नए केंद्र के रूप में देश-दुनिया के नक्शे पर मजबूती से उभरेगा। यह सिर्फ एक सामान्य ढांचागत विकास नहीं है, बल्कि स्थानीय नागरिकों, दूर-दराज के राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के लिए भी एक बेहतरीन सौगात साबित होने वाला है। आर्थिक जानकारों का भी मानना है कि इस आधुनिक रिवर फ्रंट के बनने से पटना में पर्यटकों की आमद में भारी इजाफा होगा। जब बड़ी संख्या में बाहर से लोग यहां घूमने आएंगे, तो स्वाभाविक रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इस क्षेत्र में काम करने वाले छोटे दुकानदारों, गंगा में नाव चलाने वाले पारंपरिक नाविकों और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायियों की आय में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिससे अंततः उनका जीवन स्तर सुधरेगा।

'विकसित बिहार' के सपने की ओर एक मजबूत कदम

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने राज्य के समग्र विकास को लेकर मौजूदा सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने मीडिया और जनता के सामने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार शहरी विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और आम जनसुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए लगातार और ठोस कदम उठा रही है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यही है कि राज्य के हर नागरिक को उनके ही शहर में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें और उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हो। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि बुडको द्वारा रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया यह रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट ‘विकसित बिहार’ के बड़े और महत्वाकांक्षी सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना इस बात का भी प्रमाण है कि आने वाले समय में राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसी तर्ज पर विकास कार्यों को तेज गति दी जाएगी।

सवाल-जवाब

पटना रिवर फ्रंट परियोजना में किन घाटों का विकास किया गया है?
भद्र घाट, महावीर घाट और नौजर घाट को इस परियोजना के तहत आधुनिक रूप दिया गया है।
इस पूरी परियोजना की लागत कितनी आई है?
इस रिवर फ्रंट के निर्माण पर लगभग 46.26 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
नए प्रोमेनेड की लंबाई कितनी है?
गंगा किनारे टहलने के लिए बनाया गया नया प्रोमेनेड 565 मीटर लंबा है।
इस रिवर फ्रंट का उद्घाटन किसने किया?
इसका औपचारिक उद्घाटन सीएम सम्राट चौधरी ने किया।
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