बिहार प्रशासनिक तंत्र में पुलिस अफसरों के दायित्वों में नया फेरबदल देखने को मिला है। गृह विभाग की आरक्षी शाखा की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के तहत राज्य के चार भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों सहित कुल पांच पुलिस पदाधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। हालिया आदेश के तहत खगड़िया जिले की कमान संभाल रहे पुलिस कप्तान को पदमुक्त करते हुए राज्य पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया है, जबकि कई अन्य अधिकारियों को जिलों और विशेष इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जिलों की कमान में महत्वपूर्ण फेरबदल
प्रशासनिक आदेश के अनुसार खगड़िया और शिवहर जिलों के पुलिस नेतृत्व का पुनर्गठन किया गया है। अब तक शिवहर के पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात 2021 बैच के आईपीएस शैलेंद्र सिंह को खगड़िया जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं मुजफ्फरपुर में नगर पुलिस अधीक्षक के तौर पर सेवारत 2021 बैच के आईपीएस मो० मोहिबुल्लाह अंसारी को शिवहर जिले के पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी दी गई है। इसके उलट खगड़िया के पूर्व पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह, जो 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और जिनका पारिवारिक विवाद हाल में चर्चा का विषय बना था, उन्हें तत्काल प्रभाव से पटना स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपनी आमद दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
सचिवालय और सशस्त्र पुलिस वाहिनी के पदों पर नए दायित्व
गृह विभाग की आरक्षी शाखा की आधिकारिक सूची के अनुसार अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। वर्ष 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी अपराजित, जो अब तक पटना स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16 के समादेष्टा थे और जिनके पास पुलिस अधीक्षक (विधि-व्यवस्था), बिहार का अतिरिक्त प्रभार भी था, उन्हें अब राजभवन भेजा गया है। उन्हें राज्यपाल सचिवालय, पटना में राज्यपाल के परिसहाय (पुलिस) के पद पर तैनात किया गया है।
इसके साथ ही पदोन्नत आईपीएस अधिकारी कुमारी ममता कल्याणी को अतिरिक्त कमान सौंपी गई है। वह वर्तमान में पटना स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-10 के कमांडेंट पद पर कार्यरत हैं और अब उन्हें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16 के कमांडेंट पद का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। इस प्रकार विभागीय पुनर्गठन के जरिए सशस्त्र वाहिनियों और सुरक्षा प्रबंधन में अफसरों का समायोजन सुनिश्चित किया गया है।
विवादों के साए में पहले भी हुए हैं बड़े प्रशासनिक बदलाव
बिहार में कानून-व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाइयों से जुड़े विवादों के बीच कप्तानों के तबादले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व अगस्त महीने में भी सरकार ने सत्रह आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण का एक व्यापक आदेश जारी किया था। उस दौरान भोजपुर और सीवान जैसे महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस प्रमुखों को बदला गया था, जहां पुलिसिया कार्यप्रणाली को लेकर तीखे विवाद खड़े हुए थे।
अगस्त की उस सूची में सीवान के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा को हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया था। उनके समय में 25 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से एके-47 राइफल के प्रयोग पर भारी जनविवाद उत्पन्न हुआ था। इसी तरह भोजपुर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राज को भी स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां एक स्थानीय कार्यकर्ता भारत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में जान जाने के बाद व्यापक आक्रोश पनपा था। उस फेरबदल के दौरान हृदय कांत को नालंदा का नया एसपी नियुक्त किया गया था, जबकि सीवान की जिम्मेदारी भारत सोनी और भोजपुर की कमान अवधेश दीक्षित को सौंपी गई थी। अब ताजा आदेश के बाद खगड़िया और शिवहर में भी नए कप्तानों ने कानून व्यवस्था का जिम्मा संभाल लिया है।


















