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प्रयागराज में मैराथन के दौरान फूटा धावकों का गुस्सा, कुर्सियां तोड़ीं और मची अफरातफरीउत्तर प्रदेश
31 अक्तू॰ 2026, 2:25 pm (1 घंटे पहले)· 0

प्रयागराज में मैराथन के दौरान फूटा धावकों का गुस्सा, कुर्सियां तोड़ीं और मची अफरातफरी

प्रयागराज के नैनी इलाके में आयोजित रन फॉर यूनिटी मैराथन में अव्यवस्था और धांधली के आरोपों के बाद भारी हंगामा हो गया। हजारों प्रतिभागियों की भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके बाद मौके पर कुर्सियां तोड़ी गईं और वाहनों का घेराव किया गया।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित यमुनानगर जोन के नैनी क्षेत्र में शुक्रवार को आयोजित रन फॉर यूनिटी दौड़ में भारी हंगामा देखने को मिला। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी यमुनापार इकाई द्वारा आयोजित इस मैराथन में पंजीकरण कराने वाले प्रतिभागी अचानक भड़क उठे। धावकों का आरोप था कि औपचारिक झंडी दिखाए बिना और तय नियमों का पालन किए बगैर ही दौड़ शुरू करवा दी गई। इसके अलावा कुछ प्रतिभागियों के बाइक के सहारे आगे निकलने और धांधली किए जाने को लेकर भी विरोध शुरू हो गया।

आयोजकों के वाहनों का घेराव और तोड़फोड़

नाराज धावकों ने आयोजन स्थल पर खड़ी आयोजकों और पुलिस की गाड़ियों को घेर लिया। देखते ही देखते विरोध इतना उग्र हो गया कि कार्यक्रम स्थल पर बिछाई गई दर्जनों कुर्सियां पटककर तोड़ दी गईं। मंच पर चढ़कर प्रतिभागियों ने अव्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान प्रशस्ति पत्रों और प्रमाणपत्रों को लेकर छीना झपटी शुरू हो गई, जिससे पूरा माहौल अफरातफरी में बदल गया। भीड़ के गुस्से को देखते हुए मौके पर मौजूद एक स्थानीय भाजपा नेता को भी घेरा गया और उनके पीछे लोग दौड़ पड़े, जिन्हें बाद में सुरक्षा घेरे में लिया गया।

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भारी भीड़ के आगे बेबस हुए सुरक्षा इंतजाम

इस दौड़ में उम्मीद से कहीं अधिक पांच से छह हजार युवा और प्रतिभागी पहुंच गए थे। इतनी बड़ी संख्या के लिए पर्याप्त प्रशासनिक या सुरक्षा प्रबंध नहीं थे, जिससे हालात पूरी तरह अनियंत्रित हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल को आगे आना पड़ा और हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रतिभागियों को खदेड़कर हालात पर काबू पाया गया। मौके पर कुछ समय तक तनाव बना रहा, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिसकर्मियों ने आयोजन स्थल को खाली कराया।

सवाल-जवाब

प्रयागराज में यह घटना किस कार्यक्रम के दौरान हुई?
यह घटना प्रयागराज के यमुनानगर जोन स्थित नैनी में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन के दौरान हुई।
प्रतिभागियों के गुस्से और हंगामे की मुख्य वजह क्या थी?
धावक बिना औपचारिक झंडी दिखाए अचानक दौड़ शुरू करने और बाइक से आगे निकलने जैसी कथित धांधली से नाराज थे।
इस मैराथन में कितने लोग शामिल हुए थे?
इस दौड़ में उम्मीद से काफी अधिक लगभग 5,000 से 6,000 लोग शामिल हुए थे।
हंगामे के दौरान क्या नुकसान हुआ?
प्रतिभागियों ने आयोजन स्थल पर रखी दर्जनों कुर्सियां तोड़ दीं, आयोजकों के वाहनों को घेरा और मंच से प्रमाणपत्र छीन लिए।
पुलिस ने हालात पर कैसे काबू पाया?
पुलिस ने उग्र प्रतिभागियों को मौके से खदेड़कर और आयोजन स्थल को खाली करवाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·4 मिनट पहले

इतने बड़े आयोजन में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पहले से कोई ठोस तैयारी क्यों नहीं की गई थी, जबकि हजारों युवाओं के जुटने की उम्मीद थी?

Ravikash Gupta@ravikash·23 मिनट पहले

अरे भाई, पिछले साल भी एक लोकल मैराथन में ऐसा ही ड्रामा देखा था जब मेडल ही खत्म हो गए थे। इतनी भीड़ संभाल नहीं पाओ तो इवेंट रखते ही क्यों हो?

Arjun Mehta@arjun-mehta·22 मिनट पहले

रविकेश भाई, बिल्कुल सही कहा! जब भीड़ का अंदाज़ा ही नहीं था, तो बिना पुख्ता सुरक्षा और प्रबंधन के ऐसे बड़े राजनीतिक आयोजन करना प्रशासनिक लापरवाही को ही बुलावा देना है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·46 मिनट पहले

मैराथन में ऐसी भगदड़ देखकर मुझे पिछले साल की एक स्थानीय दौड़ याद आ गई, जहाँ भीड़ इतनी बेकाबू हो गई थी कि पुलिस को लाठी चलानी पड़ी थी। जब आयोजक हज़ारों लोगों के आने पर भी इंतज़ाम नहीं करते, तो ऐसा गुस्सा फूटना लाज़मी है।

Rohan Verma@rohan-verma·46 मिनट पहले

करण भाई, पाँच-छह हज़ार युवाओं के लिए सिर्फ़ कुछ कुर्सियाँ और बदइंतज़ामी देखकर ही गुस्सा फूटना लाज़मी था।

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