बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां रविवार को रक्सा गांव के पास तिरहुत नहर का करीब 40 फीट लंबा तटबंध अचानक टूट गया। तटबंध के टूटते ही नहर का तेज पानी तेजी से आसपास के कृषि क्षेत्रों में फैलने लगा, जिससे पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस भीषण जलजमाव के कारण नहर के किनारे बनी सड़क भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। रक्सा, विशुनपुर और चैनपुर सहित करीब आधा दर्जन गांवों के लगभग पांच एकड़ खेत पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं, जिससे स्थानीय किसानों में हड़कंप मच गया है।
फसलों पर मंडराया संकट और सड़कें हुईं बंद
तटबंध टूटने से निकले पानी के तेज बहाव ने खेतों और निचले इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में तेजी से पानी भरने के कारण धान और अन्य फसलों के बर्बाद होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। पानी लगातार निचले रिहाइशी इलाकों और चौड़ क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा है। ग्रामीणों को डर है कि यदि इस बहाव को जल्द से जल्द काबू में नहीं किया गया, तो पानी लोगों के घरों के भीतर भी दाखिल हो सकता है। इसके अलावा, तेज बहाव की वजह से आसपास के संपर्क रास्तों पर भारी जलजमाव हो गया है, जिससे लोगों का आना-जाना पूरी तरह से ठप पड़ गया है।
प्रशासन के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
हादसे की खबर मिलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए और उन्होंने जिला प्रशासन तथा जल संसाधन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर ज्यादा था कि इसी साल 9 अगस्त को, यानी लगभग एक महीना पहले भी इसी जगह पर तटबंध टूटा था। इसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में इस जगह पर पक्कीकरण और मरम्मत का काम करवाया था। लेकिन मरम्मत के कुछ ही दिनों के भीतर दोबारा बांध का टूट जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है।
विधायक ने जताई साजिश की आशंका, जांच शुरू
must-know-news की गंभीरता को देखते हुए कांटी के विधायक और पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार ने तुरंत मड़वन प्रखंड प्रशासन, जल संसाधन विभाग और स्थानीय पुलिस को इस हादसे से अवगत कराया। इसके बाद प्रशासनिक महकमा हरकत में आया। पश्चिमी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) स्नेहा कुमारी ने बताया कि बांध टूटने की खबर मिलते ही संबंधित विभाग को तत्काल सक्रिय कर दिया गया है और मौके पर मरम्मत का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि नहर में पानी का स्तर इतना ज्यादा नहीं था कि बांध अपने आप टूट जाए, इसलिए इस पूरी घटना की गहराई से जांच कराई जा रही है।
दूसरी ओर, कांटी विधायक इंजीनियर अजीत कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है और इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह बांध पानी के अत्यधिक दबाव के कारण नहीं टूटा है, बल्कि पिछली बार की तरह ही इस बार भी किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर इसे काटा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।





















