इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की भारी-भरकम फीस के कारण अक्सर होनहार छात्र अपने डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लक्ष्य से वंचित रह जाते हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी सीएसआर के तहत एक खास शैक्षणिक पहल चला रहा है। इस कल्याणकारी कार्यक्रम का नाम सीसीएल विद्या सारथी योजना है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य निजी कोचिंग संस्थानों के खर्च उठाने में असमर्थ मेधावी विद्यार्थियों को दो साल तक बिना किसी शुल्क के जेईई और नीट की व्यवस्थित तैयारी उपलब्ध कराना है।
सालाना 400 छात्र होंगे लाभान्वित और सप्ताहांत पर लगेंगी विशेष कक्षाएं
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 400 छात्र-छात्राओं का चयन करके उन्हें उच्च स्तरीय कोचिंग प्रदान की जाती है। चयनित अभ्यर्थियों को अध्ययन सामग्री के लिए अपनी जेब से कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता, क्योंकि योजना में मुफ्त स्टडी मैटेरियल और डिजिटल लर्निंग सपोर्ट पहले से शामिल है। इसके अलावा छात्रों की वास्तविक परीक्षा क्षमता को आंकने के लिए नियमित अंतराल पर मूल्यांकन टेस्ट और मॉक टेस्ट आयोजित किए जाते हैं। स्कूली शिक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए कोचिंग कक्षाओं का संचालन मुख्य रूप से शनिवार और रविवार को निर्धारित किया गया है।
पात्रता के जरूरी नियम और प्रवेश प्रक्रिया
विद्या सारथी योजना में शामिल होने के लिए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने स्पष्ट नियम तय किए हैं। आवेदन करने वाले छात्र के 10वीं कक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने अनिवार्य हैं। इसके साथ ही छात्र के परिवार की कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होनी चाहिए। भौगोलिक दायरे की बात करें तो आवेदक का निवास स्थान सीसीएल के किसी भी प्रतिष्ठान या ऑपरेशनल एरिया से 25 किलोमीटर की परिधि के अंदर स्थित होना आवश्यक है। योग्य उम्मीदवारों का अंतिम चयन एक समर्पित प्रवेश परीक्षा में हासिल अंकों और मेरिट के आधार पर किया जाता है।
झारखंड के 10 केंद्रों पर व्यापक शैक्षणिक सहयोग
यह योजना विशेष रूप से झारखंड स्थित सीसीएल कमांड एरिया के निवासियों के लिए ही संचालित है, इसलिए इसका दायरा दूसरे राज्यों में विस्तृत नहीं है। छात्रों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए झारखंड के 10 प्रमुख स्थानों पर स्टडी सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में कुजू, बरकाकाना, ढोरी, गिरिडीह, रजरप्पा, कथारा, रांची, अरगड़ा, हजारीबाग और पिपरवार शामिल हैं। दो साल के इस सघन प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया जाता है और उनकी कमजोरियों को दूर करके उन्हें राष्ट्रीय स्तर की इन कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने का प्रयास किया जाता है।



















