बॉलीवुड में दो दशकों से अधिक समय बिता चुकीं कैटरीना कैफ आज हिंदी सिनेमा की अग्रणी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। हालांकि, उनका शुरुआती फिल्मी सफर अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा था। लगभग 23 वर्ष पहले जब उन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग में प्रवेश किया, तो उनकी पहली ही फिल्म सिनेमाघरों में बुरी तरह असफल हो गई थी। बड़े दिग्गजों की मौजूदगी के बाद भी यह फिल्म दर्शकों को लुभाने में नाकाम रही, लेकिन असफलता से निराश होने के बजाय कैटरीना कैफ ने अपनी मेहनत से जो वापसी की, उसने उन्हें स्टारडम के शिखर तक पहुंचा दिया।
ग्लैमर और अंडरवर्ल्ड पर आधारित डेब्यू फिल्म 'बूम'
कैटरीना कैफ ने साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म 'बूम' से अपने हिंदी सिनेमा करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म का निर्देशन कैजाद गुस्ताद ने किया था। फिल्म का कथानक मुख्य रूप से फैशन इंडस्ट्री, ग्लैमरस दुनिया, अपराध और अंडरवर्ल्ड के इर्द-गिर्द बुना गया था। उस दौर में यह फिल्म अपने बोल्ड विषय और ग्लैमरस प्रस्तुति की वजह से काफी चर्चा का विषय बनी थी।
फिल्म 'बूम' में कैटरीना कैफ ने एक युवा मॉडल की भूमिका निभाई थी, जो चकाचौंध से भरी इस अनजानी दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करती है। इस फिल्म में उनके साथ अमिताभ बच्चन, जैकी श्रॉफ, गुलशन ग्रोवर, पद्मा लक्ष्मी, जीनत अमान और मधु सप्रे जैसे नामचीन कलाकारों की एक बड़ी स्टार कास्ट मौजूद थी। भारी-भरकम स्टार कास्ट और जबरदस्त पब्लिसिटी के बावजूद, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई।
शुरुआती असफलता और भाषा की चुनौती
विदेश से आकर भारत में करियर बनाने की कोशिश कर रहीं कैटरीना कैफ के लिए बॉलीवुड का शुरुआती रास्ता आसान नहीं था। डेब्यू फिल्म के जरिए उन्हें इंडस्ट्री में लॉन्च तो मिल गया, मगर उनके सामने भाषा की बहुत बड़ी दीवार थी। उस समय उन्हें हिंदी भाषा बोलने और समझने में काफी कठिनाई होती थी, साथ ही अभिनय के मामले में भी वह बिल्कुल नई थीं।
फिल्म 'बूम' की बड़ी नाकामी और संवाद अदायगी में आ रही दिक्कतों के बाद ट्रेड विश्लेषकों का मानना था कि कैटरीना कैफ का बॉलीवुड सफर बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा। हालांकि, उन्होंने आलोचनाओं से निराश होने के बजाय अपनी कमियों को दूर करने का फैसला किया। उन्होंने हिंदी भाषा पर पकड़ मजबूत करने के लिए मेहनत की और अभिनय का लगातार अभ्यास किया।
'मैंने प्यार क्यों किया' से शुरुआत और हिट फिल्मों की कतार
कैटरीना कैफ की लगन और मेहनत को जल्द ही सही दिशा मिली, जब उन्हें सलमान खान और अक्षय कुमार जैसे स्थापित अभिनेताओं का साथ मिला। साल 2005 में आई कॉमेडी ड्रामा फिल्म 'मैंने प्यार क्यों किया' उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फिल्म में वह सलमान खान और सोहेल खान के साथ नजर आईं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमर्शियल रूप से बेहद सफल रही और इसने कैटरीना कैफ को एक सफल अभिनेत्री के रूप में पहचान दिलाई।
पहली कमर्शियल सफलता हासिल करने के बाद कैटरीना कैफ ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट मसाला फिल्मों में काम किया। 'नमस्ते लंदन', 'वेलकम' और 'सिंह इज किंग' जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को और आगे बढ़ाया। इसके बाद 'एक था टाइगर', 'धूम 3', 'टाइगर जिंदा है' और 'टाइगर 3' जैसी रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने वाली फिल्मों के जरिए उन्होंने खुद को हिंदी सिनेमा की सबसे भरोसेमंद और टॉप अभिनेत्रियों की सूची में मजबूती से स्थापित कर लिया।



















