बॉलीवुड में कुछ नगमे ऐसे होते हैं जो समय के साथ फीके पड़ने के बजाय और भी यादगार बन जाते हैं। वर्ष 2002 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई हॉरर-रोमांटिक फिल्म 'राज' का सदाबहार गीत 'जो भी कसमें खाई थीं हमने' इसका सटीक उदाहरण है, जो रिलीज के 24 साल बीत जाने के बाद भी श्रोताओं की पहली पसंद बना हुआ है। इस गीत को आज भी वही मोहब्बत और दीवानगी मिल रही है, जो अपने दौर में कैसेट और सीडी पर मिला करती थी।
नदीम-श्रवण का सुरीला संगीत और उदित-अलका की आवाज
इस रोमांटिक ट्रैक की कामयाबी के पीछे संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण की मधुर धुन का अहम योगदान रहा है। गायक उदित नारायण और पार्श्व गायिका अलका याग्निक की मखमली जुगलबंदी ने इस गाने को एक जादुई अहसास दिया है। संगीत के जानकारों और प्रशंसकों का मानना है कि इस गीत में प्यार के गहरे भाव के साथ-साथ एक अनूठा दर्द भी झलकता है, जो सीधे सुनने वालों के दिल को छू जाता है।
ऊटी की वादियों में फिल्माया गया खूबसूरत सफर
गाने का दृश्यांकन बेहद मनमोहक है, जिसे ऊटी की हसीन वादियों में शूट किया गया था। इस ट्रैक में अभिनेत्री बिपाशा बसु और अभिनेता डीनो मोरिया की जोड़ी नजर आई थी। उस समय दोनों कलाकार निजी जिंदगी में भी एक-दूसरे के बेहद करीब थे और डेटिंग कर रहे थे। दोनों के वास्तविक रिश्ते की सहजता का असर पर्दे पर भी साफ झलका, जिससे उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री बिल्कुल स्वाभाविक और संजीदा दिखाई दी।
कैसेट के जमाने से सोशल मीडिया रील्स तक का सफर
90 के दशक के अंतिम वर्षों और 2000 के शुरुआती दौर में ऑडियो कैसेट के जरिए लोकप्रिय हुआ यह संगीत आज के डिजिटल दौर में भी नई पीढ़ी को लुभा रहा है। यूट्यूब और सोशल मीडिया रील्स पर यह ट्रैक अक्सर ट्रेंड करता नजर आता है। यह गीत केवल एक संगीत रचना नहीं है, बल्कि हिंदी सिनेमा के उस दौर की एक बेहद हसीन और भावुक याद का प्रतीक है।



















