ज़ापोरिज्जिया में रिहायशी इमारतों पर पांच ग्लाइड बमों की मार, तीन बच्चों सहित 15 लोगों की मौतचुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर तनाव, ऋचा चड्ढा ने प्रदर्शनकारियों को दिए पहचान छिपाने के टिप्सएनसीआर प्लान 2041 से बदलेगी रियल एस्टेट की तस्वीर, छोटे कस्बों में 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश की तैयारीकम लागत में घर से शुरू करें पारंपरिक अचार का कारोबार, हर महीने होगी बंपर कमाईअबू धाबी टेस्ट में रहमत शाह की जुझारू पारी, अफगानिस्तान ने बांग्लादेश के 346 रन के जवाब में बनाए 211 रनराजधानी में रविवार को व्यापक यातायात फेरबदल, लुटियंस और मध्य दिल्ली के तीस प्रमुख मार्ग प्रभावितपितृपक्ष में पितरों को जल अर्पित करने के जरूरी वैदिक नियम: काशी, प्रयाग और दरभंगा के विद्वानों ने दूर किए भ्रमसिंह साप्ताहिक राशिफल 11-17 अक्टूबर: बातचीत में संयम और खर्च पर नियंत्रण से संवरेंगे रिश्तेटोंक में निजी क्लीनिक पर छापा मारकर सरकारी नशीली दवाओं का जखीरा पकड़ा, सआदत अस्पताल का मेल नर्स अकबर खान हिरासत मेंराष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद में राजस्थान की श्रेया कुमावत ने उठाई आवाज़, दिल्ली विधानसभा में संभाली विपक्ष की कमान
हथियार मामले पर भावुक हुए संजय दत्त, बोले उस दौर में पिता सुनील दत्त सदमे में आ गए थेबॉलीवुड
10 अक्तू॰ 2026, 11:26 pm (2 घंटे पहले)· 0

हथियार मामले पर भावुक हुए संजय दत्त, बोले उस दौर में पिता सुनील दत्त सदमे में आ गए थे

संजय दत्त ने 1993 के हथियार मामले पर बात करते हुए अपनी पुरानी गलतियों को याद किया और बताया कि हथकड़ी लगते देख उनके पिता सुनील दत्त पूरी तरह टूट गए थे।

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने अपने जीवन के सबसे विवादित दौर और 1993 के हथियार मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है। अतीत के फैसलों पर मंथन करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय अपने भीतर की चेतावनी को अनसुना करना उनकी बहुत बड़ी चूक थी। उन्हें उस वक्त लगा था कि हथियारों को थोड़े समय के लिए अपने पास संभालकर रखना कोई गंभीर संकट पैदा नहीं करेगा, लेकिन वही एक कदम उनके जीवन का सबसे लंबा कानूनी संघर्ष बन गया।

टॉक शो में साझा किए जिंदगी के पुराने पन्ने

शेखर सुमन के कार्यक्रम शेखर टुनाइट में बातचीत के दौरान संजय दत्त ने उन दर्दनाक पलों की यादें ताजा कीं। इस दौरान उन्होंने पुलिस हिरासत में जाने के वाकये, सलाखों के पीछे गुजारे कठिन समय और परिवार पर पड़े गहरे असर का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत फैसलों की श्रृंखला ने उनकी जिंदगी को बेहद पेचीदा और मुश्किल राह पर ला खड़ा किया था।

ये भी पढ़ें

अंतरात्मा की चेतावनी को नजरअंदाज करने का मलाल

संजय दत्त के अनुसार जब पहली बार उन हथियारों को उनके सामने लाकर रखने को कहा गया, तब उनके मन ने तुरंत आगाह किया था कि यह कदम सही नहीं है। अपनी उस मानसिक उलझन को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'गलती मेरी थी।' उन्होंने माना कि इंसान को हमेशा अपने दिल और नैतिक समझ की सुननी चाहिए, न कि दिमागी तर्कों में उलझकर गलत दिशा पकड़नी चाहिए। चेतावनी मिलने के बावजूद उस पर ध्यान न देना उनके लिए भारी पड़ गया।

हथकड़ी देखकर टूट गए थे सुनील दत्त

इस बातचीत में अभिनेता ने एक नागरिक के तौर पर अपने मुल्क के कायदे-कानूनों की पूरी समझ रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। गिरफ्तारी के लम्हे को याद करते हुए उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने उनके हाथों में हथकड़ियां पहनाईं, तब उनके पिता सुनील दत्त गहरे सदमे में चले गए थे। पिता की आंखों से बहते आंसुओं और उनकी बेबसी को बयां करते हुए उन्होंने कहा कि सुनील दत्त यह यकीन ही नहीं कर पा रहे थे कि उनका बेटा ऐसा कदम उठा सकता है, और वे भीतर से बिखर गए थे।

1993 के घटनाक्रम से लेकर रिहाई तक का सफर

यह पूरा कानूनी विवाद 12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच के दौरान सामने आया था। तफ्तीश आगे बढ़ी तो अभिनेता के पास अवैध असलहा मौजूद होने की जानकारी उजागर हुई, जिसमें एके-56 राइफल, पिस्तौल और जिंदा कारतूस शामिल थे। इसके चलते अप्रैल 1993 में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। आगे चलकर नवंबर 2006 में एक विशेष अदालत ने उन्हें प्रतिबंधित हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मुजरिम ठहराया, हालांकि उन्हें बम धमाकों की साजिश में शामिल होने का दोषी नहीं माना गया। पूरी सजा काटने के उपरांत फरवरी 2016 में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।

सवाल-जवाब

संजय दत्त ने किस शो में अपने पुराने दिनों और गलतियों का जिक्र किया?
उन्होंने शेखर सुमन के शो 'शेखर टुनाइट' में अपनी बातचीत के दौरान इन पलों को साझा किया।
संजय दत्त को किस मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था?
उन्हें 1993 में एके-56 राइफल, पिस्तौल और कारतूस जैसे प्रतिबंधित हथियार रखने के मामले में कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ी थी।
गिरफ्तारी के वक्त सुनील दत्त की क्या प्रतिक्रिया थी?
संजय दत्त के हाथों में हथकड़ी देखकर सुनील दत्त गहरे सदमे में आ गए थे और आंसुओं के साथ पूरी तरह टूट गए थे।
अदालत ने संजय दत्त को कब दोषी ठहराया और कब रिहा किया?
विशेष अदालत ने उन्हें नवंबर 2006 में आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया था, जिसके बाद सजा पूरी कर वे फरवरी 2016 में रिहा हुए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp