फिल्म उद्योग में अभिनेताओं को कई तरह के निर्देशकों के साथ काम करने का अनुभव मिलता है, लेकिन कुछ संस्मरण जीवनभर के लिए यादगार बन जाते हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित ने अपने लंबे सिनेमाई सफर से जुड़ा एक अनोखा और गुदगुदाने वाला अनुभव साझा किया है। उन्होंने एक ऐसे फिल्म निर्देशक की यादें ताजा कीं, जो शूटिंग के समय इतने ज्यादा भावुक हो जाते थे कि सेट पर ही उनके आंसू बहने लगते थे। माधुरी के अनुसार, दृश्यों की बारीकियां समझाते हुए वह निर्देशक कई बार अचानक रोने लगते थे और शॉट के बीच में उनकी सिसकियां गूंजने लगती थीं। यह मजेदार चर्चा 'कौन बनेगा करोड़पति' के मराठी संस्करण 'कोण होणार करोडपती' के मंच पर सामने आई, जहां माधुरी बतौर प्रस्तोता मौजूद थीं।
सोनाली बेंद्रे के सवाल पर सामने आया पुराना किस्सा
कार्यक्रम के दौरान साथी अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने माधुरी दीक्षित से एक सीधा सवाल पूछा कि क्या उन्हें अपने फिल्मी करियर में किसी चुनी हुई फिल्म को लेकर कभी कोई पछतावा महसूस हुआ है। इस सवाल का जवाब देते हुए माधुरी ने सीधे तौर पर किसी फिल्म का नाम लेने के बजाय उस अत्यधिक संवेदनशील निर्देशक का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने बताया कि उस निर्देशक का हद से ज्यादा भावुक रवैया पूरी यूनिट और खुद उनके लिए शूटिंग के दौरान बहुत बड़ी मुश्किल खड़ी कर देता था। मराठी भाषा में अपनी बात रखते हुए माधुरी ने समझाया कि वह फिल्मकार कहानी के हर छोटे और बड़े दृश्य को एक ही तरह के तीव्र आवेग और भावुकता के साथ फिल्माना चाहता था, जिससे संतुलन बनाना कठिन हो जाता था।
सीन समझाते हुए टेबल के नीचे बैठकर रोना
माधुरी दीक्षित ने शूटिंग के दिनों की कार्यप्रणाली का ब्योरा देते हुए बताया कि वह अक्सर उस निर्देशक को समझाने की कोशिश करती थीं कि किसी भी दृश्य में भावनाओं का उभार धीरे-धीरे और सहज गति से होना चाहिए। हालांकि, निर्देशक अपनी ही जिद पर अड़े रहते थे और उनका मानना था कि शुरुआत से ही तीव्र भावनाएं दिखनी चाहिए। बहस और बातचीत के बीच स्थिति तब अजीब हो जाती थी जब सीन समझाते-समझते निर्देशक अचानक सामने से गायब हो जाते थे। बाद में पता चलता था कि वे इतने गहरे संवेग में चले जाते थे कि सेट पर रखी मेज के नीचे जाकर छिप जाते थे और वहीं बैठकर रोने लगते थे।
चलती ट्रॉली पर गूंज उठीं निर्देशक की सिसकियां
शूटिंग के दौरान पेश आए एक और वाकये को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि एक दिन एक महत्वपूर्ण ट्रॉली शॉट फिल्माया जा रहा था। माधुरी कैमरे के सामने पूरे समर्पण के साथ अपना गंभीर और भावुक संवाद बोल रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कानों में रोने और सुबकने की तेज आवाजें आने लगीं। अभिनेत्री का ध्यान पूरी तरह भटक गया और वे सोचने लगीं कि फ्रेम के पीछे अचानक क्या गड़बड़ हो गई है। जब उन्होंने कैमरे से नजरें हटाकर पीछे मुड़कर देखा, तो वही निर्देशक खुद कैमरा ट्रॉली पर बैठे-बैठे आंसू बहा रहे थे। सेट का यह मजेदार और अजीबोगरीब किस्सा सुनकर सोनाली बेंद्रे अपनी हंसी नहीं रोक सकीं और उन्होंने इस पर गहरा आश्चर्य भी जताया।



















