देश की राजधानी में चुनावी सुधारों और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने की मांग को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से जंतर-मंतर पर आयोजित इस विरोध मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी बीच बॉलीवुड जगत की जानी-मानी अदाकारा ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने और सुरक्षा कैमरों व पहचान तंत्र से बचने के अनोखे उपाय साझा किए हैं। उन्होंने इंटरनेट पर एक विशेष मेकअप वीडियो साझा करते हुए नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासनिक पाबंदियों के बावजूद अपने घरों से बाहर निकलें।
ऋचा चड्ढा की नागरिकों से अपील और मेकअप का सहारा
अदाकारा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने विचार रखते हुए लिखा कि शहर की सीमाओं और यातायात पर कड़े पहरे लगाए गए हैं ताकि बाहर के नागरिक केंद्र तक न पहुंच सकें। उन्होंने स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग शहर के भीतर ही मौजूद हैं, उन्हें भारी तादाद में एकत्र होना चाहिए। एक्ट्रेस ने पैदल चलने, धूप का चश्मा, मास्क और टोपी लगाने के साथ-साथ पीने का पानी साथ रखने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘उन्हें लगता है कि आप आंदोलन में नहीं आएंगे, उन्हें गलत साबित करें.’
इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो ट्यूटोरियल भी साझा किया, जिसमें एक महिला अपने चेहरे पर खास बनावट के जरिए अपनी स्वाभाविक पहचान को पूरी तरह बदलती नजर आ रही थी। अदाकारा का मकसद प्रदर्शनकारियों को यह समझाना था कि वे किस तरह निगरानी तंत्र के बीच अपनी पहचान गोपनीय रखकर धरना स्थल तक पहुंच सकते हैं।
इमरान खान और अन्य मशहूर हस्तियां पुलिस हिरासत में
यह विरोध प्रदर्शन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मुंबई में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। फिल्मी दुनिया के कई चेहरे इस आंदोलन के समर्थन में आगे आए और उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। मुंबई में अभिनेता इमरान खान को उनकी साथी लेखा वाशिंगटन और अदाकारा जैन खान के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस गाड़ी में बैठने के बाद इमरान खान ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा करते हुए चुटकी ली, ‘लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूं.’ वहीं लेखा ने भी इसी अंदाज में टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘रोमांस हो तो ऐसा.’
इधर दिल्ली में भी धरने में शामिल होने जा रहे कई प्रमुख लोगों को रोका गया। यूट्यूबर ध्रुव राठी तथा सीजेपी की प्रतिनिधि रत्ना सिंह को सुरक्षाकर्मियों ने अपनी कस्टडी में ले लिया। इसके अलावा दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही अभिजीत दीपके, पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में भेज दिया गया। अब तक इस आंदोलन से जुड़े 200 से अधिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिरासत में लिया जा चुका है।
40 हजार जवानों का कड़ा पहरा और बैरिकेडिंग
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 40,000 से अधिक जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। रास्तों पर भारी बैरिकेड्स और कीलों वाली पट्टियां बिछाई गई हैं ताकि कोई भी वाहन या जत्था सुरक्षा घेरा न तोड़ सके।
अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सामने आई कथित अनियमितताएं हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में भारी कमियां रही हैं और इसी के विरोध स्वरूप वे मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे पर अड़े हुए हैं।



















