बॉलीवुड के दो बड़े सितारों, किशोर कुमार और मधुबाला की शादी को दशकों बीत जाने के बाद भी लोग इसकी असली वजह तलाशते रहते हैं. हिंदी सिनेमा के इतिहास में किशोर कुमार बेहतरीन सिंगर और एक्टर के तौर पर जाने जाते हैं, वहीं मधुबाला उस दौर की सबसे खूबसूरत हीरोइनों में गिनी जाती थीं. परिवार के बयान और खुद किशोर कुमार की बातें इस रिश्ते की दो अलग-अलग तस्वीरें पेश करती हैं, जिनसे साफ होता है कि यह प्रेम कहानी शुरुआत जितनी आसान नहीं रही.
दिलीप कुमार का अध्याय बंद हुआ, तब मिले किशोर कुमार
किशोर कुमार से पहले मधुबाला का नाम लंबे समय तक एक्टर दिलीप कुमार के साथ जुड़ा रहा था. उस दौर में यह जोड़ी काफी चर्चा में रहती थी, मगर आगे चलकर दोनों का रिश्ता खत्म हो गया. इसके बाद किशोर कुमार मधुबाला की जिंदगी में आए और करीब दो बरस की डेटिंग के बाद अक्टूबर 1960 में दोनों ने कोर्ट में शादी रचाई. पर्दे पर हंसती-मुस्कुराती यह जोड़ी असल जिंदगी में एक मुश्किल दौर से गुजरने वाली थी.
शादी से पहले ही पता थी बीमारी की बात
मधुबाला को जन्म से ही दिल में छेद की तकलीफ थी और किशोर कुमार को यह बात शादी से पहले ही पता चल चुकी थी. इलाज के लिए वह लंदन तक गईं, लेकिन सेहत में खास फर्क नहीं आया. इसके बावजूद किशोर कुमार ने उनसे शादी की. फिल्मफेयर से बातचीत में किशोर कुमार ने बताया था कि शादी से पहले ही उन्हें मधुबाला की बीमारी की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने अपना वादा नहीं तोड़ा. उन्होंने यह भी बताया कि शादी का प्रस्ताव खुद मधुबाला की ओर से रखा गया था, यानी पहल उनकी तरफ से हुई थी.
"मैं कभी मधुबाला के प्यार में नहीं था"
उसी बातचीत में किशोर कुमार ने एक और चौंकाने वाली बात कबूल की थी. उनका कहना था कि वे कभी मधुबाला से प्यार नहीं करते थे. उन्होंने बताया कि मधुबाला असल में उनके दोस्त दिलीप कुमार की गर्लफ्रेंड थीं और शादी से पहले वे खुद दोनों के बीच खत और संदेश पहुंचाने का जरिया बना करते थे. यानी जिस रिश्ते की शुरुआत ही दोस्ती की गवाही से हुई थी, वह बाद में शादी तक जा पहुंचा.
बहन का दावा: डॉक्टर की चेतावनी से बढ़ी दूरियां
सालों बाद मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में इस कहानी का दूसरा पहलू सामने रखा. उनके मुताबिक डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि मधुबाला न तो शारीरिक संबंध बना सकती हैं और न कभी मां बन सकती हैं, और यहीं से किशोर कुमार धीरे-धीरे दूरी बनाने लगे. मधुर भूषण ने कहा, "हम यह नहीं कह रहे कि किशोर दा गलत थे, लेकिन उस मुश्किल घड़ी में एक औरत को सबसे ज्यादा इमोशनल सहारे की जरूरत होती है."
"मेरा क्या दोष है" वाला जवाब
मधुर भूषण ने यह दावा भी किया कि आखिरकार किशोर कुमार मधुबाला को उनके पिता के घर छोड़ आए थे. उनके मुताबिक किशोर कुमार ने अपनी सफाई में कहा था, "मैंने अपनी कोशिश की, उन्हें लंदन ले गया, लेकिन डॉक्टर्स ने कहा कि वह बचेंगी नहीं, मेरा क्या दोष है." यह वाक्य आज भी इस रिश्ते की सबसे ज्यादा चर्चित और विवादित लाइनों में गिना जाता है.
सिर्फ 36 साल की उम्र में थम गई जिंदगी
23 फरवरी 1969 को दिल की बीमारी के चलते मधुबाला का निधन हो गया. उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 36 साल थी. बरसों की बीमारी, इलाज की कोशिशों और रिश्ते की उलझनों के बाद आखिरकार बॉलीवुड ने अपनी सबसे खूबसूरत हीरोइनों में गिनी जाने वाली अदाकारा को बेहद कम उम्र में खो दिया.
मधुबाला के बाद किशोर कुमार की जिंदगी
मधुबाला की मौत के बाद किशोर कुमार अकेले नहीं रहे. उन्होंने 1976 में योगिता बाली से शादी की, लेकिन यह रिश्ता करीब दो साल में ही टूट गया. इसके बाद 1980 में उन्होंने लीना चंदावरकर से शादी की और 1987 में अपने निधन तक वह उनके साथ रहे. किशोर कुमार और मधुबाला की यह शादी आज भी बॉलीवुड के सबसे उलझे, सबसे रहस्यमयी और सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले किस्सों में गिनी जाती है.



















