फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी एफएफआई ने आगामी 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए देश की ओर से आधिकारिक दावेदार के नाम पर मुहर लगा दी है। संतोष दवाखर के निर्देशन में तैयार हुई चर्चित मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ को ऑस्कर 2027 के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। शुक्रवार, 18 सितंबर को किए गए इस औपचारिक ऐलान के बाद सिनेमा जगत और दर्शकों में इस प्रोजेक्ट को लेकर भारी उत्सुकता देखी जा रही है। प्रतिष्ठित वैश्विक मंच तक पहुंचने की इस दौड़ में फिल्म ने 33 अन्य प्रमुख फिल्मों को पछाड़ते हुए यह गौरवशाली स्थान हासिल किया है।
डिजिटल और ओटीटी स्ट्रीमिंग की मौजूदा स्थिति
अकादमी पुरस्कारों की आधिकारिक दौड़ में शामिल होने की खबर सामने आते ही सिनेप्रेमियों के बीच यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि इस फिल्म को ऑनलाइन कहां देखा जा सकता है। डिजिटल दर्शकों की इस उत्सुकता के बीच स्थिति यह है कि ‘गोंधल’ वर्तमान में किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम नहीं हो रही है। इसका सीधा अर्थ यह है कि निर्माताओं की ओर से इसे अभी किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज करना बाकी है।
यह मराठी थ्रिलर नवंबर 2025 के दौरान सिनेमाघरों के बड़े पर्दे पर प्रदर्शित हुई थी, जहां इसे देखने वाले दर्शकों और समीक्षकों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली थीं। सिनेमाघरों में सफल प्रदर्शन का दौर पूरा करने के बाद भी फिल्म को किसी बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर नहीं उतारा गया। दर्शकों के लिए यह फिल्म फिलहाल न तो किसी सब्सक्रिप्शन आधारित ओटीटी सेवा पर मौजूद है और न ही इसे डिजिटल रेंट या ऑनलाइन खरीद के किसी विकल्प के तौर पर उपलब्ध कराया गया है।
ग्रामीण पृष्ठभूमि और उलझे रिश्तों का ताना-बाना
महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश की पृष्ठभूमि पर रची गई यह कहानी सुमन नाम की एक महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका केंद्रीय किरदार अभिनेत्री इशिता देशमुख ने निभाया है। कथानक के अनुसार सुमन का विवाह आनंद नाम के व्यक्ति से हुआ है, जिसे पर्दे पर योगेश सोहोनी ने जीवंत किया है। हालांकि, सुमन की यह शादीशुदा जिंदगी किसी भी तरह से सुखद या सामान्य नहीं है, और वह इस वैवाहिक रिश्ते में घोर असंतोष और घुटन का सामना कर रही है।
अपने वैवाहिक बंधन से निराश सुमन का दिल मुरली पर आ जाता है, जिसका किरदार अनुज प्रभु ने निभाया है। मुरली एक पारंपरिक गोंधली लोक कलाकार है। सुमन इस दमघोंटू शादी से किसी भी सूरत में छुटकारा पाना चाहती है और आखिरकार एक बेहद खौफनाक रास्ता चुनती है। वह अपने पति आनंद की हत्या का एक सुनियोजित षड्यंत्र रचती है, जिसके बाद पूरी पटकथा में अप्रत्याशित और सनसनीखेज मोड़ देखने को मिलते हैं।



















