मेघालय में गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) और संबंधित ब्लॉक प्रशासन द्वारा पीपुल्स प्लान कैंपेन (पीपीसी) का आयोजन न किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। तुरा से जिला परिषद सदस्य (एमडीसी) बर्नार्ड एन. मारक ने इस संबंध में मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग को एक औपचारिक पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उपमुख्यमंत्री तिनसोंग के पास गृह और जिला परिषद मामले विभाग का प्रभार है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 2 अक्टूबर को निर्धारित अभियान को आयोजित करने में स्थानीय प्राधिकारी पूरी तरह विफल रहे हैं।
ग्राम सभाओं के आयोजन और जनभागीदारी पर रोक का आरोप
बर्नार्ड एन. मारक ने पत्र में विस्तार से बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत 2 अक्टूबर को पूरे गारो हिल्स क्षेत्र में ग्राम सभाओं के माध्यम से पीपुल्स प्लान कैंपेन आयोजित किया जाना तय था। इस विशेष अभियान का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना, उनकी राय दर्ज करना और उनकी प्राथमिकताओं को विकास परियोजनाओं की कार्ययोजना में शामिल करना है। तय नियमों के अनुसार, आयोजकों को पंचायत नियम के तहत पूरा एजेंडा तैयार करना था, पीपीसी पोर्टल पर विवरण अपलोड करना था, नागरिकों के साथ-साथ लाइन विभाग के अधिकारियों, विशेष अतिथियों, इन्फ्लुएंसर्स और जननेताओं को आमंत्रित करना था। इसके अलावा प्रचार-प्रसार, उचित आयोजन स्थल और आईईसी गतिविधियों का संचालन भी अनिवार्य था।
एमडीसी मारक का कहना है कि जमीनी स्तर पर इनमें से किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। निर्धारित तिथि पर जीएचएडीसी या ब्लॉक स्तर पर कोई भी ग्राम सभा आयोजित नहीं की गई। इस संबंध में न तो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को कोई सूचना दी गई और न ही आधिकारिक पोर्टल पर किसी तरह की कार्यवाही अपलोड की गई। मारक ने इसे नागरिकों के अधिकारों का हनन और केंद्रीय दिशा-निर्देशों की खुली अनदेखी करार दिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से मांग की कि जीएचएडीसी और ब्लॉक प्रशासन को पारदर्शी तरीके से तथा जनता और सभी हितधारकों को पूर्व सूचना देकर इस अभियान को तुरंत आयोजित करने का निर्देश दिया जाए।
त्रिपक्षीय समझौते की लंबित समीक्षा बैठकों पर सवाल
अपने पत्र में मारक ने त्रिपक्षीय समझौते की समीक्षा प्रक्रिया ठप होने का मुद्दा भी उठाया। समझौते के एक हस्ताक्षरकर्ता के रूप में उन्होंने ध्यान दिलाया कि इसके नियमों के अनुसार क्रियान्वयन की प्रगति जांचने के लिए हर दो महीने में एक समीक्षा बैठक आयोजित की जानी आवश्यक है। इसके विपरीत, अंतिम औपचारिक बैठक 26 सितंबर 2025 को हुई थी और उसके बाद एक वर्ष से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई नई बैठक नहीं बुलाई गई।
मारक ने इसे जीएचएडीसी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से की गई प्रतिबद्धताओं का गंभीर उल्लंघन बताया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने और सभी पक्षों का विश्वास बहाल करने के लिए तुरा में बिना किसी देरी के त्रिपक्षीय समीक्षा बैठक तुरंत बुलाई जाए।
कानूनी कदम उठाने की चेतावनी
तुरा के एमडीसी ने मेघालय सरकार के समक्ष दो स्पष्ट मांगें रखी हैं। पहली, जीएचएडीसी और ब्लॉक अधिकारियों को गारो हिल्स में पूरी जनभागीदारी के साथ पीपुल्स प्लान कैंपेन तत्काल शुरू करने का स्पष्ट आदेश दिया जाए। दूसरी, तुरा में काफी समय से लंबित त्रिपक्षीय समझौते की समीक्षा बैठक अविलंब आयोजित की जाए। मारक ने आगाह किया है कि यदि सरकार और संबंधित प्रशासन ने इन वैधानिक प्रतिबद्धताओं और समझौतों के उल्लंघन पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो उन्हें न्याय और नियमों के पालन के लिए कानूनी उपाय तलाशने को विवश होना पड़ेगा।



















