केरल के रेलवे नेटवर्क पर सफर करने वाले यात्रियों के महंगे गैजेट्स गायब होने के मामलों की तफ्तीश कर रही पुलिस ने मलयालम सिनेमा से जुड़े निर्देशक और निर्माता काजा हुसैन को हिरासत में ले लिया है। शोरनूर रेलवे पुलिस स्टेशन की टीम ने रविवार को पलक्कड़ रेलवे स्टेशन से उन्हें गिरफ्तार किया। हुसैन पर ट्रेनों में सफर करने वाले मुसाफिरों के कीमती स्मार्टफोन और लैपटॉप उड़ाने का गंभीर आरोप है। एक महिला यात्री की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई पड़ताल सीधे तौर पर फिल्ममेकर तक जा पहुंची।
महिला यात्री का फोन चोरी होने से खुला पूरा मामला
शोरनूर रेलवे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तारी की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक वारदात के बाद अमल में लाई गई। पुलिस के मुताबिक, करीब दो दिन पहले मंगलुरु सेंट्रल इंटरसिटी SF एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला का 80,000 रुपये का महंगा मोबाइल फोन चोरी हो गया था। महिला के फोन गायब होने की औपचारिक शिकायत मिलते ही रेलवे पुलिस हरकत में आई और संदिग्ध की तलाश तेज कर दी गई। तकनीकी सुरागों और निगरानी के आधार पर पुलिस आखिरकार पलक्कड़ रेलवे स्टेशन पर आरोपी को पकड़ने में कामयाब रही।
कमर्शियल घाटे के बाद अपराध का रास्ता
चोरी की इस घटना पर कार्रवाई करते हुए रेलवे पुलिस ने BNS की धारा 305 के तहत औपचारिक मुकदमा दर्ज किया है, जो किसी भी परिवहन साधन, आवास या धार्मिक स्थल में चोरी से संबंधित है। काजा हुसैन ने साल 2024 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म कल्लन्नमारुडे वीडु का निर्देशन और निर्माण किया था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म के फ्लॉप हो जाने की वजह से हुसैन को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था। आर्थिक तंगी से घिरने के बाद उन्होंने इस घाटे की भरपाई करने और नकदी जुटाने के लिए चलती ट्रेनों में चोरी करने की राह पकड़ ली।
शोरनूर और कोझिकोड में भी चुराए थे गैजेट्स
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह कोई इकलौती वारदात नहीं थी। शोरनूर इलाके में हुसैन ने दो लैपटॉप और 80 हजार रुपये की कीमत वाले मोबाइल फोन पर हाथ साफ किया था। इसके अलावा कोझिकोड में भी उनके खिलाफ यात्रियों के दो लैपटॉप चुराने का आरोप है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को पूरी तरह स्तब्ध कर दिया है। गौरतलब है कि 2024 में जब कल्लन्नमारुडे वीडु फ्लॉप हुई थी, तब काजा हुसैन ने फिल्म के अभिनेता बिजुकुट्टन पर प्रचार में शामिल न होने का आरोप लगाया था। हुसैन का कहना था कि अगर अभिनेता प्रचार कार्यक्रमों में मौजूद रहते, तो उनके प्रशंसकों की मौजूदगी से सिनेमाघरों में दर्शकों का रुख सकारात्मक हो सकता था।



















