मानसून में गमलों को सड़ने से बचाने के घरेलू उपाय और पौधों की देखभाल के आसान तरीकेदैनिक राशिफल 31 जुलाई 2026 मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल, जानिए किन 4 राशियों को सेहत पर देना होगा विशेष ध्यान30 जुलाई 2026 को मूलांक 9 के जातकों को मंगल से मिलेगी नई ऊर्जा, जिम्मेदारियों को पूरा कर हासिल करेंगे बढ़तराम भक्तों को अब चढ़ावे की रसीद तुरंत मिलेगी, ट्रस्ट ने वेबसाइट में किया बदलावकंगना रनौत के बेरोजगार वाले बयान पर सौरव दास की अनोखी प्रतिक्रिया, खुद की तुलना ऋतिक रोशन से कीभारत में लॉन्च हुआ एक्सक्लूसिव मिनी कनवर्टिबल का स्टारडस्ट एडिशन, कीमत 62.90 लाख रुपयेफाइनेंस में 20 लाख रुपये का पैकेज दिलाने वाले 3 ग्लोबल कोर्स, जानें CFA, CPA और FRM में कौन सा है बेस्टसिंह राशि में सूर्य और केतु का दुर्लभ महासंयोग, जानिए किन 6 राशियों की चमकेगी किस्मत और किन्हें रहना होगा सावधानगंडीपेट झील किनारे छिपा वो महल, जहां बाढ़ के बाद निज़ाम ने बनाया था अपना गर्मियों का ठिकानासावन कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली गाजियाबाद से हरिद्वार तक बदला ट्रैफिक रूट, सफर पर निकलने से पहले जानें एडवाइजरी
बकरी पालन पर सरकार दे रही 54,000 रुपये की मदद, 6,000 लगाकर शुरू करें अपना कारोबार — जानें आवेदन का तरीकाव्यापार
14 जून 2026, 7:24 am (46 दिन पहले)· 0

बकरी पालन पर सरकार दे रही 54,000 रुपये की मदद, 6,000 लगाकर शुरू करें अपना कारोबार — जानें आवेदन का तरीका

मऊ जनपद में अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार पशुपालकों के लिए बकरी पालन योजना के तहत 60,000 रुपये की एक इकाई पर 90 प्रतिशत यानी 54,000 रुपये का अनुदान मिलेगा, लाभार्थी को सिर्फ 6,000 रुपये लगाने होंगे।

पशुपालन को कम पूंजी में फायदे का सौदा बनाना चाहते हैं, तो बकरी पालन एक मजबूत विकल्प हो सकता है। सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को सीधे आर्थिक मदद दे रही है, जिसके चलते बहुत कम खर्च में अपनी इकाई खड़ी की जा सकती है। योजना के तहत एक इकाई पर कुल 60,000 रुपये का प्रावधान है, और इसमें बड़ा हिस्सा सरकार खुद वहन करती है।

कितनी बकरियां, कितना खर्च

इस योजना के अंतर्गत एक इकाई में 5 मादा बकरी और 1 नर बकरा रखा जाता है। एक इकाई स्थापित करने की कुल लागत 60,000 रुपये तय है। इसमें से सिर्फ 10 प्रतिशत यानी करीब 6,000 रुपये लाभार्थी को अपनी जेब से लगाने होते हैं, जबकि बाकी 54,000 रुपये पशुपालन विभाग सब्सिडी के रूप में देता है। यानी लागत पर पूरे 90 प्रतिशत का अनुदान मिलता है।

ये भी पढ़ें

अधिकारी ने क्या बताया

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी.पी. सिंह कुशवाहा ने TrendKia को बताया कि प्रदेश सरकार बकरी पालन के लिए दो इकाइयां स्थापित करने की योजना चला रही है। इसके तहत अनुदान संख्या 15 और अनुदान संख्या 83 संचालित हो रही हैं, जिनमें क्रमशः 14 और 10 व्यक्तियों का चयन किया जाना है। प्रत्येक लाभार्थी को एक इकाई में 5 मादा बकरी और 1 नर बकरा स्थापित करना होगा।

उन्होंने बताया कि अनुदान 14 के तहत कोई भी पात्र लाभार्थी आवेदन कर सकता है, जिसे 60,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसमें लागत का 10 प्रतिशत खुद लगाना होगा और शेष 90 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में मिलेगा।

किसके लिए है यह योजना

प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग के भूमिहीन एवं गरीब पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से बकरी पालन योजना (अनुदान संख्या-83) चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत जनपद मऊ में कुल 14 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

योजना में जनपद के 18 वर्ष से अधिक आयु के अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार महिला एवं पुरुष पशुपालक आवेदन कर सकते हैं। शर्त यह है कि आवेदक के पास बकरियों के रख-रखाव के लिए उपयुक्त स्थान और जरूरी संसाधन मौजूद हों। बकरियों की खरीद राज्य सरकार द्वारा अधिकृत बकरी प्रक्षेत्रों से या उपलब्धता के अनुसार स्थानीय बाजार से की जा सकेगी।

किन्हें मिलेगी प्राथमिकता

डॉ. कुशवाहा के अनुसार, शेड एवं बकरी पालन प्रशिक्षण केन्द्र, इटावा तथा केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, मथुरा से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को चयन में वरीयता दी जाएगी। इसके साथ ही विधवा एवं निराश्रित महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उपलब्धता के आधार पर चयन प्रक्रिया में 3 प्रतिशत दिव्यांगजनों को भी शामिल किया जाएगा।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

लाभार्थी चयन के लिए आवेदन पत्र के साथ कुछ दस्तावेज अनिवार्य रूप से लगाने होंगे:

  • आधार कार्ड
  • अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र
  • ग्राम प्रधान द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक की छायाप्रति
  • बकरी पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
  • बकरी इकाई को कम से कम तीन वर्ष तक चलाने संबंधी 10 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र

आवेदन कहां से लें

इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, मऊ अथवा अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से प्राप्त कर सकते हैं और इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR