सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने देश भर में ई20 पेट्रोल का व्यापक गुणवत्ता परीक्षण पूरा कर लिया है, जिसमें यह ईंधन पूरी तरह से निर्धारित मानकों पर खरा उतरा है। 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड प्रदूषण के दावों की सच्चाई जानने के लिए यह राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया था। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला के हर चरण पर की गई इस विस्तृत जांच में ईंधन खराब होने या इसमें मिलावट का कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला है।
सप्लाई चेन में गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने एक संयुक्त बयान जारी कर पुष्टि की कि पूरे वितरण नेटवर्क में ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के बिल्कुल अनुरूप पाई गई है। तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला परीक्षणों में नमी या क्लोराइड के कारण पेट्रोल खराब होने का कोई प्रामाणिक साक्ष्य नहीं मिला है। रिफाइनरी से निकलने के बाद से लेकर पेट्रोल पंप तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को मानक के अनुसार शुद्ध ईंधन मिल सके।
पेट्रोल पंपों पर रोजाना 8 से 12 बार घनत्व जांच और मोबाइल लैब टेस्टिंग
ईंधन की शुद्धता बनाए रखने के लिए खुदरा बिक्री केंद्रों पर कड़े सुरक्षा और परीक्षण नियम लागू किए गए हैं। देश भर के पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 8 से 12 बार घनत्व और पानी की मिलावट की जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त, तेल कंपनियां मोबाइल लैब्स यानी चलित प्रयोगशालाओं के माध्यम से भी विभिन्न क्षेत्रों में अचानक सैंपलिंग कर ईंधन की शुद्धता और गुणवत्ता परख रही हैं।
क्लोराइड का स्तर तय सीमा के भीतर, भ्रामक दावों का खंडन
सघन जांच के दौरान पेट्रोल के 100 से अधिक सैंपलों का परीक्षण किया गया, जिनमें क्लोराइड का स्तर 1 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) या उससे भी कम दर्ज किया गया। डिस्टिलरी और रिटेल स्तर पर लिए गए नमूनों में भी क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम से नीचे ही रही। यह आंकड़े उन भ्रामक रिपोर्टों का पूरी तरह खंडन करते हैं जिनमें क्लोराइड का स्तर कई सौ पीपीएम होने का दावा किया गया था। उल्लेखनीय है कि पार्ट्स पर मिलियन का तात्पर्य प्रति 10 लाख हिस्सों में किसी तत्व की मौजूदगी से होता है। पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान केवल दो अलग अलग मामलों में क्लोराइड का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया था, जहां तुरंत आपूर्ति रोककर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई।
90 हजार पेट्रोल पंपों पर नहीं मिला पानी, केंद्रीय मंत्री ने दी सुरक्षा की गारंटी
देश भर के लगभग 90,000 पेट्रोल पंपों के ईंधन टैंकों की भौतिक जांच में पानी की मिलावट का एक भी मामला सामने नहीं आया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ई20 पेट्रोल वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और कुछ खबरों में दावों को अनावश्यक रूप से बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया था। सरकारी तेल कंपनियों ने देश के सभी वाहन चालकों से बिना किसी झिझक के ई20 पेट्रोल का उपयोग जारी रखने की अपील की है।



















