इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शीर्ष प्रबंधन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। बैंक के निदेशक मंडल ने 3 नवंबर 2026 को बालाजी नुथलापडी को अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने के प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी है। यह फैसला बैंक के लंबे समय तक प्रबंध निदेशक और सीईओ रहे पीएन वासुदेवन के पद छोड़ने के कुछ ही दिनों बाद लिया गया है। हालांकि, यह नई नियुक्ति बैंकिंग नियामक रिजर्व बैंक की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी। इसके साथ ही बैंक प्रशासन ने एक पूर्णकालिक और स्थायी एमडी एवं सीईओ की तलाश के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि नेतृत्व में निरंतरता बनी रहे।
पीएन वासुदेवन के इस्तीफे से उपजा था संकट
बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की यह नौबत 29 अक्टूबर 2026 को आई, जब तत्कालीन एमडी और सीईओ पीएन वासुदेवन ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे के पीछे उनकी बेटी के एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी के साथ जुड़ाव के चलते संभावित हितों के टकराव का मामला सामने आया था। वासुदेवन की बेटी यूनीको हाउसिंग फाइनेंस की सह-संस्थापक और प्रमोटर हैं। हालांकि वासुदेवन ने स्पष्ट किया था कि उनके और उनकी बेटी के सभी कामकाज नियामकीय नियमों और कानूनी सीमाओं के पूरी तरह दायरे में थे, लेकिन बाजार और शेयरधारकों के बीच बनी धारणा ने बैंक पर भारी दबाव बना दिया।
इस्तीफे की घोषणा होते ही बैंक के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। 29 अक्टूबर 2026 को बाजार सत्र के दौरान इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर 20 फीसदी की भारी गिरावट के साथ लोअर सर्किट पर पहुंच गया था। इस अप्रत्याशित झटके ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया और बैंक के शीर्ष स्तर पर तुरंत किसी अनुभवी पेशेवर को लाने की जरूरत महसूस होने लगी।
बालाजी नुथलापडी का करियर और बैंकिंग अनुभव
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक की अंतरिम कमान संभालने जा रहे बालाजी नुथलापडी बैंकिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में दशकों लंबा अनुभव रखते हैं। उन्होंने साल 1996 में आईआईएम अहमदाबाद से अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 1997 में उन्होंने वैश्विक बैंकिंग दिग्गज सिटी के साथ अपने कॉर्पोरेट करियर की शुरुआत की। सिटी में उनका यह सफर करीब 28 साल से भी अधिक समय तक चला।
सिटी में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने एशिया-पैसिफिक यानी एपीएसी और यूरोप, मिडिल ईस्ट व अफ्रीका यानी ईएमईए जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जिम्मेदारियां संभालीं। मई 2021 में उन्हें सिटी साउथ एशिया के लिए ऑपरेशंस और टेक्नोलॉजी के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद सितंबर 2024 में उनकी पदोन्नति हुई और वह प्रबंध निदेशक के साथ-साथ सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल्स टेस्टिंग एक्जिक्यूशन के चीफ बनाए गए।
मार्च 2025 में बालाजी नुथलापडी इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक का हिस्सा बने, जहां उन्हें एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के साथ टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस की कमान दी गई थी। चूंकि वह पहले से ही बैंक की शीर्ष प्रबंधन टीम में शामिल रहे हैं, इसलिए वह संस्था की कार्यप्रणाली, आंतरिक रणनीतियों और प्रक्रियाओं से भली-भांति वाकिफ हैं। उनके पास बैंकिंग ऑपरेशंस, रिस्क कंट्रोल, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, वेल्थ मैनेजमेंट और आधुनिक बैंकिंग प्रोडक्ट्स का गहरा व्यावहारिक ज्ञान है। मौजूदा समय में निवेशकों का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए उनका यह व्यापक अनुभव बैंक के काफी काम आ सकता है।
बाजार और शेयर पर इस फैसले का क्या होगा असर
बाजार विशेषज्ञों की नजर में बालाजी नुथलापडी को अंतरिम कमान सौंपना बैंक की स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम है। इससे यह साफ संदेश गया है कि बैंक ने नेतृत्व शून्यता को तुरंत भरने के लिए अपने ही भीतर से एक अनुभवी चेहरे को आगे किया है। पहले से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहने की वजह से उन्हें बैंक के दैनिक कामकाज को समझने में अतिरिक्त समय नहीं गंवाना पड़ेगा।
फिर भी, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में स्थायी स्थिरता या तेजी सिर्फ एक चेहरे के बदलाव से तय नहीं होगी। शेयर बाजार के निवेशक इस बात पर भी करीबी नजर रखेंगे कि रिजर्व बैंक इस अंतरिम नियुक्ति पर अपनी अंतिम मुहर कब लगाता है। इसके अलावा बैंक बोर्ड स्थायी एमडी और सीईओ के पद पर किसे चुनता है और उत्तराधिकार की यह प्रक्रिया कितनी सुगमता से पूरी होती है, यह भी शेयर के भविष्य के प्रदर्शन के लिए बेहद अहम साबित होगा।















