वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को न्यूजीलैंड डॉलर भारी बिकवाली के दबाव का सामना कर रहा है, जिससे NZD/USD जोड़ी 0.5600 के संवेदनशील मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है। रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा पिछले हफ्ते लिए गए अप्रत्याशित मौद्रिक नीति फैसले के बाद से कीवी मुद्रा लगातार दबाव में बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में इस करेंसी पेयर ने 0.5600 से 0.5565 के सपोर्ट दायरे का बार-बार परीक्षण किया है, जहां हर बार खरीदारों ने आगे आकर गिरावट को थामने की कोशिश की थी। हालांकि, ताजा गिरावट ने इस अहम प्राइस फ्लोर के टूटने का खतरा फिर से खड़ा कर दिया है। वर्तमान लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, NZD/USD 0.5621 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 0.5625 से 0.07 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.5567 से 0.6093 के बीच दर्ज किया गया है।
केंद्रीय बैंक के अप्रत्याशित रुख से बदला बाजार का मिजाज
रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड ने पिछले हफ्ते व्यापक रूप से अनुमानित 25 बेसिस प्वाइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी को टालते हुए अपनी ऑफिशियल कैश रेट यानी OCR को 2.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखकर वित्तीय बाजारों को चौंका दिया था। बाजार विश्लेषकों का मानना था कि मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए बैंक दरों में इजाफा करेगा, लेकिन नीति निर्माताओं ने घरेलू आर्थिक कमजोरी को देखते हुए विराम लेने का फैसला किया। केंद्रीय बैंक इस समय एक जटिल संतुलन साधने की स्थिति में फंसा हुआ है। तीसरी तिमाही में न्यूजीलैंड की वार्षिक मुद्रास्फीति 4.1 प्रतिशत से घटकर 3.7 प्रतिशत पर आ गई थी, लेकिन केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि चौथी तिमाही में यह फिर से बढ़कर 4.4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इस संभावित उछाल की मुख्य वजह ईंधन की बढ़ती कीमतें और मुद्रा का अवमूल्यन है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड का आर्थिक पुनरुद्धार बेहद नाजुक बना हुआ है, जिससे बैंक के लिए घरेलू गतिविधियों को नुकसान पहुंचाए बिना कर्ज की लागत को आक्रामक रूप से बढ़ाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
राबोबैंक की सीनियर एफएक्स रणनीतिकार जेन फोले ने केंद्रीय बैंक की इस दुविधा को रेखांकित करते हुए कहा कि आरबीएनजेड ने अपनी नीति बैठक में स्पष्ट किया था कि हालांकि दिसंबर तिमाही में वार्षिक मुद्रास्फीति मुख्य रूप से ईंधन के कारण बढ़कर 4.4 प्रतिशत होने की आशंका है, लेकिन घरेलू मांग अभी भी सुस्त बनी हुई है। लगातार बनी हुई महंगाई और कमजोर आर्थिक गतिविधियों का यह मिलाजुला असर कीवी डॉलर के भविष्य को जटिल बना रहा है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें मुद्रा को सहारा तो दे सकती हैं लेकिन साथ ही वे समग्र आर्थिक विकास पर भारी बोझ भी डाल सकती हैं।
प्रमुख वैश्विक बैंकों के अनुमान और मौद्रिक सख्ती की संभावनाएं
अक्टूबर की नीति बैठक में मिले आश्चर्यजनक फैसले के बावजूद कई प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थान अभी भी आगे मौद्रिक सख्ती की उम्मीद कर रहे हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने आरबीएनजेड के फैसले को नीतिगत बदलाव के बजाय केवल एक स्थगन के रूप में व्याख्यायित किया। स्टैंडर्ड चार्टर्ड का मानना है कि केंद्रीय बैंक ने दरों में बढ़ोतरी के चक्र को समाप्त करने के बजाय केवल बढ़ोतरी को आगे के लिए टाला है। बैंक ने अनुमान जताया है कि दिसंबर और फरवरी में 25-25 बेसिस प्वाइंट की दो बढ़ोतरी देखने को मिल सकती हैं, जिससे ऑफिशियल कैश रेट बढ़कर 3.25 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। इसी तरह, यूओबी का भी अनुमान है कि केंद्रीय बैंक अपनी दिसंबर की बैठक में ब्याज दरों को बढ़ाकर 3 प्रतिशत तक ले जाएगा।
हालांकि, ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी अपने आप में न्यूजीलैंड डॉलर के टिकाऊ सुधार की गारंटी नहीं देती है। कमर्जबैंक ने चेतावनी दी है कि वित्तीय बाजार पहले ही बहुत अधिक मौद्रिक सख्ती का अनुमान लगा चुके हैं, जिसमें सितंबर 2027 तक लगभग चार चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीदें कीमतों में शामिल हैं। कमर्जबैंक के अनुसार, वे दिसंबर में दर वृद्धि की उम्मीद तो करते हैं, लेकिन मध्यम अवधि के परिदृश्य को लेकर बाजार की तुलना में अधिक संशयवादी हैं। जैसे-जैसे ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें घटेंगी, कीवी मुद्रा के और कमजोर होने की संभावना बनेगी। इससे NZD/USD के लिए एक बड़ी कमजोरी पैदा हो रही है। यदि आरबीएनजेड दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ा भी देता है, तब भी यदि निवेशक आगे की बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम करने लगते हैं तो कीवी डॉलर को बढ़त बनाए रखने में भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है। इसके बावजूद, कमर्जबैंक का यह भी मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती को लेकर बाजार की वर्तमान अपेक्षाएं जरूरत से ज्यादा हैं, और फेड के दृष्टिकोण के पुनर्मूल्यांकन से कीवी मुद्रा की आगे की गिरावट सीमित रह सकती है।
रोजगार आंकड़े और अमेरिकी राजनीतिक अनिश्चितता
न्यूजीलैंड डॉलर की दिशा तय करने में आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाओं की बड़ी भूमिका रहने वाली है। न्यूजीलैंड की तीसरी तिमाही की रोजगार रिपोर्ट मंगलवार को ही जारी होनी है, जो आरबीएनजेड की दर वृद्धि उम्मीदों के लिए एक निर्णायक परीक्षा साबित होगी। आम सहमति के अनुसार, देश की बेरोजगारी दर 5.6 प्रतिशत से मामूली घटकर 5.5 प्रतिशत पर आने का अनुमान है, जबकि रोजगार परिवर्तन की दर 0.5 प्रतिशत से धीमी होकर 0.4 प्रतिशत रहने की संभावना है। यदि श्रम बाजार के आंकड़े अनुमान से अधिक मजबूत आते हैं, तो इससे दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावनाओं को बल मिलेगा और कीवी डॉलर को स्थिरता मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि आंकड़े निराशाजनक रहे, तो घरेलू आर्थिक कमजोरी की चिंताएं गहरा जाएंगी और NZD/USD पर बिकवाली का दबाव और तेज हो जाएगा।
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक घटनाक्रम भी अनिश्चितता का माहौल बना रहे हैं। मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव वैश्विक बाजार धारणा और अमेरिकी डॉलर की मांग को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं। चुनावों के नतीजे अमेरिकी आर्थिक नीतियों और राजकोषीय प्राथमिकताओं पर असर डाल सकते हैं, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण ट्रेडिंग स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो 0.5600 से 0.5565 का सपोर्ट दायरा बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है, जिसने 2025 के अंत से लगातार खरीदारों को आकर्षित किया है। यह पेयर अपने 100-दिन और 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से काफी नीचे कारोबार कर रहा है, जो क्रमशः 0.5759 और 0.5828 के आसपास स्थित हैं। इसके अलावा, लाइव तकनीकी संकेतकों से पता चलता है कि 14-दिवसीय आरएसआई 40 पर स्थित है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र में पहुंचे बिना लगातार मंदी के रुझान को दर्शाता है। एमएसीडी हिस्टोग्राम 0.00 पर सपाट बना हुआ है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज पर 20-दिवसीय ईएमए 0.5655, 50-दिवसीय ईएमए 0.5702 और 200-दिवसीय ईएमए 0.5786 पर है। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे होना यानी डेथ क्रॉस पैटर्न यह दर्शाता है कि मूल्य दीर्घकालिक डाउनट्रेंड में फंसा हुआ है।
20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड्स 0.5571 से 0.5714 के बीच फैले हैं और मध्य रेखा 0.5642 पर है, जबकि वर्तमान कीमत बैंड्स के भीतर बनी हुई है। एडीएक्स इंडिकेटर 39 पर है, जो एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार का संकेत देता है। स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 28 और सिग्नल लाइन 38 पर है। आगामी सत्रों के लिए मुख्य तकनीकी स्तरों में दैनिक पिवट पॉइंट 0.5620 पर स्थित है। ऊपर की ओर पहला रेजिस्टेंस R1 0.5635 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 0.5648 पर बना हुआ है, जबकि 20-दिवसीय महत्वपूर्ण प्रतिरोध 0.5711 पर है। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट S1 0.5606 और दूसरा सपोर्ट S2 0.5592 पर देखा जा रहा है, जबकि 20-दिवसीय मजबूत निचला स्तर 0.5567 पर स्थित है।
वैश्विक बाजारों और अन्य परिसंपत्तियों का हाल
मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी मंगलवार को हलचल तेज रही। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा अपनी ब्याज दर में उम्मीद के मुताबिक 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करने के बाद जारी किए गए अपेक्षाकृत कम आक्रामक बयान के चलते AUD/USD लगातार दूसरे दिन फिसलकर 0.6960 के बहु-दिवसीय निचले स्तर के करीब आ गया। एशियाई कारोबारी सत्र में USD/JPY घटकर 158.00 के स्तर से नीचे आया क्योंकि ईरान को लेकर कूटनीतिक उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के चलते डॉलर कुछ नरम रहा। हालांकि बैंक ऑफ जापान की अगली ब्याज दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता ने येन की तेजी को सीमित रखा।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार में भी तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे सोने पर दबाव बना और यह 0.93 प्रतिशत गिरकर लगभग 3,909 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स सत्र के निचले स्तरों से सुधरने के बावजूद 102.00 के नीचे सीमित दायरे में रहा। वहीं डिजिटल परिसंपत्तियों में बिकवाली देखी गई, जहां बिटकॉइन 76,566 डॉलर पर फिसलकर छह सप्ताह के निचले स्तर का परीक्षण कर रहा था। एथेरियम भी दबाव में एक संकीर्ण सपोर्ट दायरे में कंसोलिडेट हुआ, जबकि रिपल 1.25 डॉलर के स्तर से थोड़ा ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया।















