अगर आपको लगता है कि सिर्फ एनवीडिया के शेयर खरीद लेने से आपने AI की क्रांति में पूरी तरह से निवेश कर लिया है, तो एक दिग्गज वैश्विक निवेश कंपनी की अधिकारी का कुछ और ही कहना है। फ्रैंकलिन टेम्पलटन में डिजिटल एसेट्स और इनोवेशन की प्रमुख सैंडी कौल का मानना है कि इस तकनीक का असली वित्तीय फायदा ब्लॉकचेन नेटवर्क पर देखने को मिलेगा। लगभग 1.8 ट्रिलियन डॉलर की संपत्तियों का प्रबंधन करने वाली कंपनी फ्रैंकलिन टेम्पलटन की इस ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य के स्वायत्त AI प्रोग्राम पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम के बजाय क्रिप्टोकरेंसी के बुनियादी ढांचे पर काम करेंगे।
सामान्य चैटबॉट से कहीं आगे की तकनीक
निवेश कंपनी का यह पूरा तर्क AI के विकास पर टिका है। हम अब उन बुनियादी टूल्स से आगे बढ़ रहे हैं जो सिर्फ सवालों के जवाब देते हैं। भविष्य 'एजेंटिक AI' का है। ये ऐसे उन्नत सॉफ्टवेयर सिस्टम हैं जो पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। एक बार जब कोई उपयोगकर्ता इन्हें अनुमति दे देता है, तो ये ऑटोनॉमस एजेंट खुद से खरीदारी कर सकते हैं, बुकिंग कर सकते हैं और भुगतान भी कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें बार-बार इंसानों से पूछने की जरूरत नहीं होती है। अपनी रिपोर्ट में कौल ने एआई सलाहकार कंपनी कैपजेमिनी के एक शोध का हवाला दिया है। कैपजेमिनी के अनुसार, यह तकनीक अब केवल बातचीत करने वाले चैटबॉट से बदलकर एक ऐसी स्वायत्त प्रणाली बन रही है, जो अपने आस-पास के माहौल को समझ सकती है, योजना बना सकती है, और बिना इंसानी निगरानी के बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कई चरणों वाले काम खुद पूरे कर सकती है।
गति और भारी संख्या में लेन-देन की जरूरत
सॉफ्टवेयर के इस तरह स्वतंत्र रूप से काम करने की वजह से डिजिटल लेन-देन की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। कौल के पेपर में बैन एंड कंपनी के एक पूर्वानुमान का जिक्र किया गया है, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि साल 2030 तक अमेरिका की कुल ई-कॉमर्स बिक्री का 15% से 25% हिस्सा इन्हीं AI एजेंटों के जरिए होगा। समस्या यह है कि हमारा मौजूदा वित्तीय ढांचा इंसानों की गति के हिसाब से बनाया गया है। जब लाखों AI बॉट हर घंटे हजारों माइक्रो-पेमेंट करेंगे, तो पारंपरिक बैंक और उनके पेमेंट नेटवर्क इतने भारी गणितीय दबाव को नहीं संभाल पाएंगे। लगातार होने वाले इन बैकग्राउंड ट्रांजैक्शन की विशाल संख्या पारंपरिक बैंकों के सिस्टम को धीमा कर देगी।
भुगतान की समस्या का ब्लॉकचेन के पास समाधान
यहीं पर डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। ब्लॉकचेन एक डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर की तरह काम करते हैं, जिसका मतलब है कि वे किसी केंद्रीय बैंक की मध्यस्थता के बिना लेन-देन को तुरंत रिकॉर्ड और पूरा कर सकते हैं। अपनी रिपोर्ट में कंपनी ने बताया कि उपभोक्ताओं के सॉफ्टवेयर-संचालित लेन-देन के लिए ब्लॉकचेन बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। हालांकि पुराने नेटवर्क थोड़े धीमे हैं, क्योंकि बिटकॉइन प्रति सेकंड लगभग 7 लेन-देन प्रोसेस करता है और एथेरियम लगभग 75, लेकिन नए ब्लॉकचेन नेटवर्क बेहद तेज हैं। एप्टोस नेटवर्क प्रति सेकंड 12,933 लेन-देन की अधिकतम गति तक पहुंच सकता है। सोलाना 6,284 और BNB चेन 3,252 लेन-देन प्रति सेकंड की गति दर्ज कर रहे हैं। ये आंकड़े वीज़ा नेटवर्क के बराबर हैं, जो सामान्य स्थिति में प्रति सेकंड 1,700 से 10,000 लेन-देन प्रोसेस करता है।
सेटलमेंट में लगने वाले समय का बड़ा अंतर
हालांकि, फ्रैंकलिन टेम्पलटन का कहना है कि सिर्फ लेन-देन की गति की तुलना करना पूरी सच्चाई नहीं बताता है। ब्लॉकचेन का असली फायदा सेटलमेंट में है। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि ब्लॉकचेन उसी एक सेकंड के समय में लेन-देन को रिकॉर्ड भी करते हैं और उसे सेटल भी कर देते हैं। इसके विपरीत, वीज़ा जैसे पारंपरिक नेटवर्क उस समय केवल लेन-देन को रिकॉर्ड करते हैं, जबकि असल में पैसे का सेटलमेंट होने में 1 से 3 कारोबारी दिन लग जाते हैं। जब कोई AI सॉफ्टवेयर पलक झपकते ही डेटा, कंप्यूटिंग पावर या API एक्सेस खरीद रहा हो, तो भुगतान पूरा होने के लिए कई दिनों का इंतजार करना संभव नहीं है।
ऑटोनॉमस कॉमर्स की दिशा में शुरुआती कदम
AI और डिजिटल करेंसी का यह एकीकरण पहले ही शुरू हो चुका है। कॉइनबेस ने ऐसे टूल्स लॉन्च किए हैं जो AI एजेंटों को खुद से ट्रेडिंग करने और भुगतान करने की सुविधा देते हैं। इसके अलावा, गूगल ने 2025 के लिए AI एजेंटों के लिए एक नया पेमेंट प्रोटोकॉल पेश किया है, जिसे एथेरियम फाउंडेशन का समर्थन प्राप्त है। 14 जुलाई को x402 फाउंडेशन की औपचारिक शुरुआत हुई। इस समूह में वीज़ा, मास्टरकार्ड और AWS सहित 40 संगठन शामिल हैं, जो AI के लिए ओपन पेमेंट रेल बनाने पर काम कर रहे हैं। यह प्रोटोकॉल साल 1991 के एक भूले हुए HTTP स्टेटस कोड को वापस ला रहा है। यह कोड मूल रूप से वेब पेमेंट के लिए रखा गया था, जो उस समय कभी सफल नहीं हो पाया, लेकिन अब इसका इस्तेमाल सॉफ्टवेयर को इंटरनेट पर सीधे दूसरे सॉफ्टवेयर को भुगतान करने के लिए किया जा रहा है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
इस तकनीकी बदलाव का आर्थिक पैमाना बहुत बड़ा है। मैकेंजी एंड कंपनी की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2030 तक 'एजेंटिक कॉमर्स' (AI सिस्टम द्वारा इंसानों की ओर से क्लाउड कंप्यूटिंग खरीदने से लेकर फ्लाइट बुक करने तक के स्वायत्त लेन-देन) 3 ट्रिलियन डॉलर से 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। निवेशकों के लिए इसका सीधा सा अर्थ है। जब भी कोई ऑटोनॉमस एजेंट कोई लेन-देन करेगा, तो उसे उस विशिष्ट ब्लॉकचेन नेटवर्क के नेटिव टोकन की आवश्यकता होगी। कौल ने सीधे शब्दों में निष्कर्ष निकाला कि आने वाले वर्षों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क का मूल्य हासिल करने के लिए, निवेशकों को उन क्रिप्टोकरेंसी और ऑल्टकॉइन को खरीदना होगा जो इन नेटवर्क को चला रहे हैं।


















