अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्सवियर ब्रांड एडिडास के भारतीय टेक्नोलॉजी संचालन में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को हटाने का कदम उठाया गया है। गुरुग्राम स्थित कंपनी के टेक्नोलॉजी केंद्र में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों पर इस फैसले की गाज गिरी है। इस केंद्र में कुल कार्यबल करीब 700 कर्मचारियों का रहा है, जिसमें से लगभग 45 से 50 प्रतिशत कर्मियों को नौकरी से मुक्त किया जा रहा है। हालांकि इस छंटनी की आधिकारिक और सटीक संख्या कंपनी की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।
टाउन हॉल बैठक में मिली छंटनी की सूचना
कर्मचारियों को इस बड़े बदलाव की जानकारी 15 सितंबर को आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के दौरान दी गई। इस कटौती में मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और डेटा इंजीनियर जैसे तकनीकी विशेषज्ञ प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने इन प्रभावित कर्मचारियों को मुख्य रूप से दो अलग-अलग समूहों में वर्गीकृत किया है। पहले समूह में आने वाले कर्मचारियों को उसी दिन यानी 15 सितंबर को तत्काल प्रभाव से बाहर जाने का पत्र थमा दिया गया, जिससे उनकी सेवाएं तुरंत समाप्त हो गईं।
दूसरे समूह को हैंडओवर के लिए 15 दिसंबर तक की मोहलत
दूसरे समूह में रखे गए कर्मियों को कुछ समय के लिए अपने पद पर बने रहने का निर्देश दिया गया है। इन कर्मचारियों को 15 दिसंबर तक काम जारी रखने और दूसरे तकनीकी केंद्रों को जरूरी हैंडओवर पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस समयावधि के दौरान प्रभावित कर्मियों को कंपनी के भीतर ही किसी अन्य पद या नई भूमिका की तलाश करने की अनुमति दी गई है। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तारीख तक संस्थान के भीतर कोई नया पद पाने में असमर्थ रहता है, तो 15 दिसंबर ही उसका अंतिम कार्य दिवस माना जाएगा।
संचालन मॉडल में बदलाव और एडिडास का रुख
एडिडास ने भारत में अपनी तकनीकी शाखा के कुछ पदों को समाप्त करने के कठिन निर्णय की पुष्टि की है, यद्यपि उसने प्रभावित लोगों का सही आंकड़ा साझा करने से परहेज किया। कंपनी के अनुसार, यह कदम बदलते व्यापारिक माहौल और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपने ऑपरेटिंग मॉडल को ढालने के लिए उठाया गया है। संस्थान की आंतरिक संरचना को सरल बनाने, प्रमुख क्षमताओं को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के उद्देश्य से यह पुनर्गठन किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत कंपनी के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार बना रहेगा और यहां का केंद्र आगे भी डिजिटल बदलाव तथा नवाचार में अपनी अहमियत बनाए रखेगा।















