देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं, और आंकड़े कुल मिलाकर बाजार की उम्मीदों के मुताबिक ही रहे। बैंक का शुद्ध मुनाफा एक साल पहले की इसी तिमाही की तुलना में 5% बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यही वजह है कि नतीजों को अनुमान के अनुरूप माना जा रहा है, और इसका असर सोमवार को बाजार खुलने पर शेयर की चाल में दिखने की उम्मीद है।
मुनाफे के साथ-साथ बैंक की मुख्य कमाई यानी शुद्ध ब्याज आय (NII) में भी अच्छी बढ़ोतरी दिखी। समीक्षाधीन तिमाही में यह सालाना आधार पर करीब 7% बढ़कर 33,530 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज आय दरअसल बैंक की ब्याज से हुई कमाई और ब्याज पर किए गए खर्च के बीच का अंतर होती है, और यही किसी बैंक की सेहत का सबसे अहम पैमाना मानी जाती है।
ब्याज मार्जिन और कमाई की तस्वीर
तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन कुल संपत्ति के आधार पर 3.26% रहा, जबकि ब्याज कमाने वाली संपत्ति के आधार पर यह 3.40% पर रहा। मार्जिन का यह स्तर बताता है कि जमा और कर्ज की बढ़ती लागत के बीच भी बैंक अपनी कमाई का दायरा संभालने में कामयाब रहा है।
डूबते कर्ज में मिली राहत
संपत्ति की गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक के लिए राहत भरी खबर रही। 30 जून 2026 तक सकल गैर निष्पादित संपत्ति (NPA) का अनुपात कुल कर्ज का 1.17% रहा। यह वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के 1.15% से थोड़ा ज्यादा है, लेकिन जून 2025 तिमाही के 1.40% के मुकाबले काफी कम है। ये आंकड़े कृषि क्षेत्र के एनपीए को छोड़कर हैं। इन डूबते कर्जों के एवज में बैंक ने 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान और आकस्मिक व्यवस्था की है।
बैलेंस शीट और जमा में बढ़ोतरी
बैंक की बैलेंस शीट का आकार पहली तिमाही में उछलकर 43,975 अरब रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 39,541 अरब रुपये था। जमा के मोर्चे पर बैंक की औसत जमा राशि 30,115 अरब रुपये रही, जो सालाना आधार पर 13.3% और तिमाही आधार पर 5.6% ज्यादा है। सस्ती मानी जाने वाली औसत कासा (CASA) जमा 9,570 अरब रुपये रही, जिसमें सालाना 11.2% और तिमाही आधार पर 4.2% की बढ़त दर्ज हुई।
कर्ज में जोरदार तेजी
कर्ज बांटने के मामले में बैंक ने तेज रफ्तार दिखाई। सकल अग्रिम यानी कुल कर्ज 30,608 अरब रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 15.4% ज्यादा है। प्रबंधन के अधीन अग्रिम में 12.4% की सालाना बढ़ोतरी हुई। अलग-अलग हिस्सों की बात करें तो खुदरा कर्ज में 7.2% की बढ़त रही, जबकि छोटे और मझोले उद्यमों को दिए गए कर्ज में 18.7% की तेज छलांग दिखी। वहीं कॉरपोरेट और दूसरे थोक कर्ज सालाना आधार पर 18.6% बढ़ गए।
पूंजी और नेटवर्क की मजबूती
बासेल III दिशानिर्देशों के तहत बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR) 30 जून 2026 तक 19.6% रहा, जो इसकी मजबूत वित्तीय बुनियाद को दर्शाता है। पहुंच के लिहाज से भी बैंक का नेटवर्क बड़ा है। इसी तारीख तक बैंक के पास 4,175 शहरों में फैली 9,694 शाखाएं और 20,958 एटीएम थे। खास बात यह है कि इसकी 50% शाखाएं अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों में हैं, जो ग्रामीण भारत तक इसकी गहरी पैठ दिखाता है।
शेयर बाजार पर नजर
चूंकि नतीजे उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं, इसलिए इनका असर सोमवार को शेयर की चाल में दिखने की संभावना है। पिछले हफ्ते 17 जुलाई को बीएसई पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.40% चढ़कर 819.65 रुपये पर बंद हुआ था। कारोबारी हफ्ते के दौरान शेयर में कुल मिलाकर 1% की साप्ताहिक बढ़त रही। बैंक का बाजार पूंजीकरण 12.62 लाख करोड़ रुपये से ऊपर है, और यही वजह है कि यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है।




















