जयपुर के युवाओं के बीच स्टार्टअप संस्कृति तेजी से पैर पसार रही है और छोटे स्तर से शुरू होने वाले कई नए विचार आज बड़ी सफलता की कहानियां लिख रहे हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक सफर तय किया है जयपुर के रहने वाले प्रशांत शर्मा ने, जिन्होंने एक छोटी सी दुकान से बास्केट गार्डेन की नींव रखी थी। आज उनका यह अभिनव प्रयास अपने खास जैविक पौधों, अनूठे गार्डेनिंग आइडियाज और आवश्यक सामग्री के लिए पूरे इलाके में मशहूर हो चुका है। इस छोटे से कारोबार ने न केवल स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, बल्कि शहरी इलाकों में घर-घर बागवानी के शौक को भी एक नया आयाम दिया है।
बीजों के प्रयोग से हुई थी शुरुआत
इस कारोबार की शुरुआत से पहले प्रशांत शर्मा खाद और बीज का कारोबार किया करते थे। उन्होंने विभिन्न प्रकार के बीजों से पौधे उगाने के लिए कई प्रयोग किए और कम बीजों की मदद से सैकड़ों जैविक पौधे तैयार करने में सफलता हासिल की। मौजूदा समय में शहरों के भीतर छतों, बालकनियों और रसोई घरों में बागवानी करने का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। इसी बढ़ती मांग और रुझान को भांपते हुए उन्होंने अपने इस स्टार्टअप को एक ठोस दिशा दी। अपने काम में और अधिक निखार लाने के लिए उन्होंने जयपुर के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद से पौधों की उपज और गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करते हुए एक विशेष डिप्लोमा भी पूरा किया। इसके बाद उन्होंने अपने घर से ही पौधों को उगाने का काम शुरू किया और धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों की गहरी जानकारी हासिल कर ली।
महज 5 से 10 रुपये में मिल रहे हैं पौधे
प्रशांत शर्मा अपनी नर्सरी के जरिए टमाटर, मिर्च और बैंगन जैसी लोकप्रिय सब्जियों के सैकड़ों पौधे बेहद किफायती दामों पर उपलब्ध कराते हैं। इन पौधों की कीमत उन्होंने मात्र 5 से 10 रुपये के बीच रखी है ताकि हर आम आदमी आसानी से इन्हें खरीद सके। इतनी कम कीमत में उच्च गुणवत्ता वाले पौधे मिलने के कारण दूर-दूर से लोग उनकी तरफ आकर्षित होने लगे और देखते ही देखते उनके पौधों की मांग में भारी इजाफा दर्ज किया गया। सोशल मीडिया पर उनके इस अनूठे कॉन्सेप्ट को लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिला, जिसके चलते आज दूरदराज के इलाकों से लोग फल, फूल और सब्जियों के पौधे खरीदने के लिए उनकी दुकान तक पहुंचते हैं। उनका मानना है कि इस न्यूनतम कीमत से उन्हें बहुत बड़ा मुनाफा भले ही न होता हो, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य लोगों में बागवानी के प्रति रुचि जगाना और उन्हें रसायनमुक्त जैविक भोजन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में वे अपनी नर्सरी के भीतर लगभग 50 अलग-अलग किस्मों के पौधे तैयार करते हैं जो कुछ ही महीनों के भीतर फल और सब्जियां देना शुरू कर देते हैं।
बड़े रेस्तरां और होटलों से मिलते हैं ऑर्डर
भले ही प्रशांत शर्मा एक छोटी सी दुकान से अपना कारोबार संचालित करते हैं, लेकिन उनकी पहुंच और ख्याति डिजिटल माध्यमों के जरिए काफी दूर तक फैल चुकी है। उन्हें सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आवासीय परिसरों के अलावा बड़े-बड़े होटलों और रेस्तरां से भी बागवानी के काम के लिए बड़े ऑर्डर मिलते हैं। उनकी दुकान पर केवल पौधे ही नहीं बल्कि बागवानी से जुड़ी हुई तमाम जरूरी सामग्रियां भी मिलती हैं जिनकी ग्राहकों के बीच हमेशा भारी डिमांड बनी रहती है। इसके अलावा लोग पौधों की सही देखभाल से जुड़ी सलाह लेने के लिए भी उनके पास आते हैं। पौधे में किस तरह की खाद का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और यदि पौधे की सेहत में कोई बदलाव नजर आए तो कौन सी दवा या उपचार करना चाहिए, इन सभी बातों की जानकारी लेने के लिए ग्राहकों का तांता लगा रहता है। प्रशांत शर्मा की यह दुकान जयपुर के अजमेरी गेट के पास एक तंग गली में स्थित है, जहां पौधे और गार्डेनिंग का सामान खरीदने के लिए हमेशा खरीदारों की भीड़ जुटी रहती है।



















