बाजार में दस्तक देने की तैयारी
जियो का आने वाला IPO देश के कॉर्पोरेट इतिहास की एक बड़ी घटना हो सकता है। बाजार के जानकारों में इसे लेकर काफी उत्सुकता है। कंपनी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों के जरिए पहली बार इसके वित्तीय प्रदर्शन की तुलना भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसे दिग्गजों से हुई है, जिससे निवेशकों को इसकी संभावित ताकत का अंदाजा मिल रहा है। TrendKia के अनुसार, मुख्य सवाल यह है कि क्या निवेशक इसे महज एक टेलीकॉम कंपनी मानेंगे या फिर एक तकनीकी दिग्गज के तौर पर देखेंगे।
वैल्यूएशन का गणित
दस्तावेजों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹33.59 का डाइल्यूटेड EPS पेश किया है। यदि भारती एयरटेल के 17 जून के P/E मल्टीपल (42.27 गुना) को आधार मानें, तो जियो के शेयर की कीमत ₹1,420 तक पहुँच सकती है। 8.94 अरब शेयरों की संख्या को देखते हुए, इसका कुल मार्केट कैप ₹12.7 लाख करोड़ हो जाएगा। वहीं, वोडाफोन आइडिया (4.65 गुना P/E) को शामिल कर औसत निकालने पर वैल्यूएशन घटकर ₹7 लाख करोड़ रह जाता है, हालांकि विश्लेषक भारती एयरटेल को ही बेहतर तुलनात्मक आधार मान रहे हैं।
भारती एयरटेल बनाम जियो
वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के आधार पर दोनों कंपनियों में कड़ी प्रतिस्पर्धा है:
- कुल रेवेन्यू: जियो का रेवेन्यू ₹1.47 लाख करोड़ रहा, जो एयरटेल के भारतीय कारोबार (₹1.4 लाख करोड़) से आगे है, लेकिन एयरटेल का वैश्विक रेवेन्यू (अफ्रीका सहित) ₹2.11 लाख करोड़ है।
- रिटर्न रेशियो: एयरटेल का RoNW 20.3 फीसदी है, जो जियो के 9.4 फीसदी के मुकाबले कहीं अधिक है।
- ARPU: एयरटेल का ARPU ₹257.2 प्रति महीना है, जबकि जियो का आंकड़ा ₹214 है।
भविष्य की राह
52.4 करोड़ का बड़ा यूजर बेस जियो की सबसे बड़ी ताकत है। कंपनी का भविष्य अब इस पर निर्भर करेगा कि वह क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं से कितनी कमाई कर पाती है। निवेशकों की धारणा ही तय करेगी कि यह कंपनी अपनी डिजिटल क्षमताओं के दम पर एयरटेल से कितना बेहतर प्रदर्शन करती है।













