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रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद रिज़र्व बैंक सोखेगा 25,000 करोड़ रुपये की नकदीव्यापार
9 अक्तू॰ 2026, 11:25 pm (43 मिनट पहले)· 0

रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद रिज़र्व बैंक सोखेगा 25,000 करोड़ रुपये की नकदी

मौद्रिक नीति समिति की बैठक में नीतिगत दरें बढ़ाने के दो दिन बाद केंद्रीय बैंक ने ओपन मार्केट ऑपरेशंस के जरिए अतिरिक्त लिक्विडिटी वापस खींचने का फैसला किया है.

नीतिगत ब्याज दरों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी के ठीक दो दिन बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय प्रणाली से 25,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता वापस लेने की घोषणा की है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में आयोजित मौद्रिक नीति समिति की हालिया समीक्षा में उधारी दरों को महंगा करने का कदम उठाया गया था। अब इस फैसले के तुरंत बाद केंद्रीय बैंक ने नकदी प्रबंधन की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए बाजार से अधिशेष पूंजी निकालने की रणनीति सामने रखी है।

ओपन मार्केट ऑपरेशंस के तहत होगी बिक्री

केंद्रीय बैंक ने 9 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि बैंकिंग तंत्र में मौजूद अतिरिक्त नकदी को सोखने के लिए ओपन मार्केट ऑपरेशंस यानी ओएमओ बिक्री का सहारा लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री करेगा, ताकि बैंकों में मौजूद सरप्लस लिक्विडिटी को संतुलित किया जा सके और वित्तीय संस्थानों पर किसी तरह का अनावश्यक दबाव न बने। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय तंत्र में संतुलन बनाए रखना और मौद्रिक सख्ती के प्रभाव को मजबूती से लागू करना है।

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बॉन्ड यील्ड और बाजार पर संभावित असर

इस फैसले के बाद वित्तीय बाजारों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी प्रतिभूतियों की इस खुली बिक्री के कारण बॉन्ड की कीमतों पर सीधा दबाव देखने को मिल सकता है। जब प्राथमिक बाजार सोमवार को दोबारा खुलेगा, तब बॉन्ड यील्ड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालिया नीतिगत कदमों और इस तरलता वापसी से यह संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक महंगाई और बाजार में उपलब्ध नकदी की स्थिति पर बेहद सख्त नजर बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

रिज़र्व बैंक बाजार से कितनी नकदी वापस ले रहा है?
केंद्रीय बैंक ओपन मार्केट ऑपरेशंस के जरिए बाजार से 25,000 करोड़ रुपये की नकदी वापस ले रहा है.
यह घोषणा किस तारीख को की गई?
आरबीआई ने 9 अक्टूबर को इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की.
नकदी सोखने के लिए रिज़र्व बैंक किस प्रक्रिया का उपयोग करेगा?
केंद्रीय बैंक सरकारी प्रतिभूतियों को बेचकर बैंकिंग सिस्टम से सरप्लस पूंजी वापस लेगा.
इस फैसले का बॉन्ड बाजार पर क्या असर पड़ने का अनुमान है?
बाजार जानकारों के अनुसार इससे बॉन्ड की कीमतों पर दबाव बनेगा और सोमवार को बाजार खुलने पर यील्ड में बढ़ोतरी हो सकती है.
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