सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संचालन ठप होने के बाद अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा है। भारत की प्रमुख विमानन कंपनियों एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने 17 अक्टूबर तक सऊदी अरब के प्रमुख शहरों के लिए अपनी सभी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। अचानक उड़ानों के रद्द होने से खाड़ी क्षेत्र में जाने वाले और वहां से लौटने की योजना बना रहे हजारों यात्रियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें वैकल्पिक हवाई मार्गों की तलाश करनी पड़ रही है।
भारतीय और विदेशी विमानन कंपनियों की सेवाओं पर ब्रेक
रियाद में मौजूद भारतीय दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक यात्रा परामर्श के मुताबिक, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने रियाद के साथ-साथ दम्माम और जेद्दा के लिए भी अपनी उड़ानें रद्द रखने का फैसला किया है। इसके अलावा इंडिगो ने पवित्र शहर मदीना के लिए अपनी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। घरेलू विमानन कंपनी अकासा एयर ने भी इसी समयसीमा का पालन करते हुए 17 अक्टूबर तक रियाद और जेद्दा के लिए अपनी निर्धारित उड़ानें स्थगित रखी हैं।
इस संकट का प्रभाव केवल भारतीय वाहकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी इसकी चपेट में आई हैं। एमिरेट्स, एतिहाद, फ्लाईदुबई, कतर एयरवेज और गल्फ एयर ने सऊदी अरब के विभिन्न गंतव्यों के लिए अपनी अनेक उड़ानों को निरस्त किया है। यूरोपीय विमानन समूह लुफ्थांसा और एयर फ्रांस-केएलएम ने भी रियाद आने-जाने वाली अपनी उड़ानों को लेकर परिचालन प्रतिबंधों का दायरा आगे बढ़ा दिया है।
10 अक्टूबर की घटना और हताहतों का विवरण
हवाई सेवाओं में यह बड़ा व्यवधान 10 अक्टूबर को रियाद के मुख्य हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले के बाद पैदा हुआ है। इस अप्रत्याशित हमले में भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली की जान चली गई, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। भारतीय दूतावास के अनुसार, घायल भारतीयों में से चार लोगों का उपचार गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में चल रहा है, चार अन्य नागरिक अस्पताल के सामान्य वार्ड में भर्ती हैं और तीन लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। हालांकि जेद्दा, दम्माम और मदीना के हवाई अड्डों पर नियमित संचालन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन बड़े पैमाने पर रद्दीकरण के कारण वहां भी हवाई सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं।
दूतावास की आपात एडवाइजरी और 24 घंटे का कंट्रोल रूम
संकट की इस घड़ी में भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद या वहां जाने की तैयारी कर रहे भारतीय नागरिकों को लगातार संबंधित एयरलाइन से संपर्क में रहने और यात्रा से पहले अपनी टिकट व उड़ान की स्थिति जांचने की सख्त सलाह दी है। यदि किसी यात्री को आपात स्थिति में तुरंत सऊदी अरब छोड़ना है, तो वह आवश्यक वैध वीजा होने की स्थिति में कतर या बहरीन जैसे पड़ोसी मुल्कों के जरिए यात्रा का विकल्प चुन सकता है।
विमान सेवाएं ठप होने के कारण फंसे हुए पर्यटकों, उमरा यात्रियों और कारोबारी वीजा धारकों को बड़ी राहत दी गई है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि उड़ानें उपलब्ध न होने के कारण यदि किसी व्यक्ति की वीजा वैधता समाप्त हो गई है, तो उन्हें किसी भी प्रकार का ओवरस्टे जुर्माना चुकाए बिना देश छोड़ने की पूरी अनुमति रहेगी। रियाद में भारतीय मिशन ने अपने नागरिकों की तत्काल सहायता और मार्गदर्शन के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।


















