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सुकन्या समृद्धि योजना में हर महीने बचत से बेटी के नाम खड़ा हो सकता है 72 लाख रुपये का फंडव्यापार
4 अक्तू॰ 2026, 11:44 pm (43 मिनट पहले)· 0

सुकन्या समृद्धि योजना में हर महीने बचत से बेटी के नाम खड़ा हो सकता है 72 लाख रुपये का फंड

सुकन्या समृद्धि योजना में अधिकतम सीमा तक लगातार बचत करने पर बेटी के 21 वर्ष पूरे होने तक 72 लाख रुपये का गारंटीड फंड तैयार हो सकता है। मौजूदा 8.2 प्रतिशत ब्याज दर और टैक्स छूट के साथ यह योजना भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करती है।

बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य के अन्य बड़े खर्चों को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों के लिए समय पर वित्तीय योजना बनाना बेहद आवश्यक माना जाता है। केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल सुकन्या समृद्धि योजना एक ऐसा विकल्प है, जिसके जरिए एक तय अवधि में नियमित बचत करके बड़ा कोष बनाया जा सकता है। योजना के नियमों के अनुसार यदि कोई परिवार बेटी के जन्म से ही अनुशासन के साथ निवेश की शुरुआत करे, तो बेटी के बालिग होने और खाते की परिपक्वता अवधि पूरी होने तक 72 लाख रुपये की कुल राशि जमा की जा सकती है।

खाता खोलने के नियम और परिपक्वता की समयसीमा

इस सरकारी बचत योजना के तहत माता-पिता अपनी बेटी के जन्म के तुरंत बाद से खाता खुलवा सकते हैं। योजना का संचालन इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें बेटी के 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक ब्याज का लाभ मिलता रहता है। हालांकि, अभिभावक को पूरे 21 साल तक रकम जमा करने की जरूरत नहीं होती। इसमें पैसे जमा करने की तय अवधि केवल पहले 15 साल के लिए होती है, जबकि अगले 6 साल तक खाते में जमा पूंजी पर बिना किसी नए योगदान के ब्याज जुड़ता रहता है। वर्तमान में इस योजना पर 8.2 फीसदी की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है, और यदि सरकार आने वाले समय में दरों में बढ़ोतरी करती है तो अंतिम कोष में और भी इजाफा संभव है।

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12,500 रुपये की मासिक बचत से 72 लाख का वित्तीय गणित

योजना के संपूर्ण वित्तीय चक्र को समझें तो इसमें अधिकतम सालाना निवेश सीमा 1.5 लाख रुपये निर्धारित है। इसका सीधा अर्थ यह है कि खाताधारक को हर महीने औसतन 12,500 रुपये की बचत खाते में डालनी होती है। यदि कोई अभिभावक 15 वर्षों तक प्रतिवर्ष 1.5 लाख रुपये जमा करता है, तो उसकी ओर से कुल जमा मूलधन 22.5 लाख रुपये होगा। इसके विपरीत, परिपक्वता अवधि पर मिलने वाला कुल ब्याज 49.3 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। इस प्रकार मूलधन और संचित ब्याज को मिलाकर 21 वर्ष पूर्ण होने पर कुल 72 लाख रुपये का बड़ा कोष तैयार हो जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति वर्ष 2026 में इस योजना में योगदान शुरू करता है, तो वर्ष 2047 में खाता परिपक्व होने पर उसे 72 लाख रुपये प्राप्त होंगे।

चक्रवृद्धि ब्याज और बाजार जोखिम से पूरी सुरक्षा

इस योजना का सबसे प्रमुख पहलू यह है कि इस पर मिलने वाला प्रतिफल शेयर बाजार या किसी अन्य बाहरी आर्थिक उतार-चढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित रहता है। इस बचत खाते पर सरकार की ओर से पूर्ण गारंटी दी जाती है और वित्त मंत्रालय समय-समय पर इस योजना की ब्याज दरों की समीक्षा और संशोधन करता है। इसमें मिलने वाला रिटर्न चक्रवृद्धि आधार पर काम करता है, जहां हर साल अर्जित ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगले वर्ष उस पूरी राशि पर ब्याज की गणना होती है। यही कंपाउंडिंग प्रभाव शुरुआती 15 वर्षों के निवेश को अगले 6 वर्षों के ठहराव काल में तेजी से बढ़ाने का काम करता है।

न्यूनतम निवेश सीमा और आयकर छूट के फायदे

छोटी बचत करने वाले परिवारों के लिए योजना में प्रवेश काफी लचीला रखा गया है। इसमें न्यूनतम 250 रुपये महीने से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है, जबकि अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये सालाना रखी गई है। वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ यह खाता कर बचत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है। योजना में जमा की जाने वाली रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स कटौती का लाभ मिलता है। इसके अतिरिक्त, खाते की परिपक्वता पर मिलने वाली समूची 72 लाख रुपये की राशि भी टैक्स के दायरे से पूरी तरह बाहर रहती है, जिससे प्राप्त पूंजी का पूरा उपयोग बेटी की कॉलेज शिक्षा या विवाह के खर्चों में किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

सुकन्या समृद्धि योजना में 72 लाख रुपये का फंड पाने के लिए कितना निवेश करना होगा?
इसके लिए हर साल 1.5 लाख रुपये यानी लगभग 12,500 रुपये प्रति माह लगातार 15 वर्षों तक जमा करने होंगे।
सुकन्या समृद्धि खाते में कितने साल तक पैसे जमा करने होते हैं?
इस योजना में खाता खोलने के बाद केवल पहले 15 वर्षों तक ही राशि जमा करनी होती है, जबकि खाता 21 वर्ष में परिपक्व होता है।
योजना पर वर्तमान में कितनी ब्याज दर दी जा रही है?
वर्तमान नियमों के अनुसार इस सरकारी बचत योजना पर 8.2 फीसदी की वार्षिक दर से ब्याज दिया जा रहा है।
इस योजना में न्यूनतम और अधिकतम निवेश सीमा क्या है?
खाते में न्यूनतम 250 रुपये प्रति माह से शुरुआत की जा सकती है, जबकि अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये सालाना है।
क्या परिपक्वता पर मिलने वाली 72 लाख रुपये की रकम पर टैक्स लगेगा?
नहीं, योजना में जमा की गई राशि पर धारा 80सी के तहत छूट मिलती है और परिपक्वता की कुल राशि भी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।
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