अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त का रुख देखने को मिला है। पिछले सत्र में 157.40 के साप्ताहिक निचले स्तर से संभलने के बाद यह मुद्रा जोड़ी गुरुवार को अपनी तेजी बरकरार रखने में नाकाम रही और बाजार में बिकवाली का दबाव हावी हो गया। विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबारी अब 158.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे टिकाऊ गिरावट का इंतजार कर रहे हैं ताकि नए सिरे से मंदी के सौदे बनाए जा सकें। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठक के सख्त ब्योरे और अमेरिका में राजनीतिक तथा आर्थिक बदलावों के चलते अमेरिकी मुद्रा पर दोहरा दबाव बना हुआ है।
बैंक ऑफ जापान के मिनट्स से मिले दर वृद्धि के मजबूत संकेत
जापान के केंद्रीय बैंक यानी बैंक ऑफ जापान की सितंबर बैठक के आधिकारिक मिनट्स गुरुवार को जारी किए गए। इन कार्यवृत्तों से स्पष्ट हुआ कि नीति निर्माता इस बात पर एकमत थे कि बैंक के लिए नीतिगत ब्याज दर को लगातार बढ़ाना और अपनी अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के स्तर में संशोधन करना पूरी तरह उपयुक्त है। नीति निर्माताओं के इस रुख ने वित्तीय बाजारों में उस उम्मीद को और पुख्ता कर दिया है कि दिसंबर में बैंक ऑफ जापान ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है। इस सख्त रुख ने जापानी येन को मजबूत सहारा दिया है, जिससे वैश्विक मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले येन को अतिरिक्त समर्थन मिला।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव परिणाम और बॉन्ड यील्ड में नरमी
अमेरिकी राजनीतिक मोर्चे पर मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल कर लिया है। संसद के दोनों सदनों में इस स्थिति के चलते सरकारी खर्चों पर अंकुश लगने और राजकोषीय गतिरोध पैदा होने की आशंकाएं गहरा गई हैं। इसके अलावा डेमोक्रेटिक नेताओं ने ईरान युद्ध को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया है, जिससे तेल आपूर्ति पर छाया भू-राजनीतिक जोखिम कम होने लगा है। इस कूटनीतिक उम्मीद के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव काफी हद तक कम हो गया है। महंगाई कम होने की संभावनाओं ने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड पर सीधा असर डाला और बॉन्ड प्रतिफल घटने से अमेरिकी डॉलर की मांग में भारी सुस्ती दर्ज की गई।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले करेंसी दखल की आशंका
फॉरेक्स बाजार में निवेशकों का पूरा ध्यान अब शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट पर टिका हुआ है। रोजगार का यह महत्वपूर्ण आंकड़ा अमेरिकी डॉलर की आगामी दिशा और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के अनुमानों के लिए निर्णायक साबित होगा। हालांकि दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित दर वृद्धि के कयास डॉलर की तेज गिरावट को कुछ हद तक सीमित रख सकते हैं, लेकिन बाजार प्रतिभागी किसी भी संभावित तकनीकी उछाल पर मुनाफावसूली करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि टोक्यो में सरकारी अधिकारियों द्वारा जापानी मुद्रा को अत्यधिक कमजोरी से बचाने के लिए बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करने की अटकलें लगातार तेज बनी हुई हैं। ऐसे में ट्रेडर्स किसी नए दिशात्मक दांव से पहले मौजूदा ट्रेडिंग रेंज के टूटने का इंतजार कर रहे हैं।
तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर
दैनिक चार्ट पर यह मुद्रा जोड़ी हल्के नकारात्मक दबाव में बनी हुई है, क्योंकि 158.65 के स्तर पर स्थित 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर टिकने के हालिया प्रयास बार-बार विफल रहे हैं। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मूल्य कार्रवाई इस बाधा के नीचे सीमित रहती है, तब तक तेजी का हर प्रयास बिकवाली की चपेट में आ सकता है। लंबी अवधि की दिशा में सुधार के लिए दैनिक आधार पर इस मूविंग एवरेज के ऊपर बंद होना अनिवार्य है। यदि गिरावट बढ़ती है, तो 157.40 का हालिया निचला स्तर तत्काल सहारा बन सकता है, जिसके बाद 157.00 का स्तर और ट्रेडिंग रेंज की निचली सीमा यानी 156.65 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम करेगा। यदि कीमत 156.65 से नीचे फिसलती है, तो बिकवालों को नया प्रोत्साहन मिलेगा और येन के पक्ष में तेज गिरावट का नया दौर शुरू हो सकता है।
अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों और मुद्राओं का प्रदर्शन
अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी का असर अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों पर भी साफ देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों में शानदार तेजी जारी रही और बहुमूल्य पीली धातु उछलकर 4,080 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते डॉलर अपने एक महीने के निचले स्तर के करीब बना रहा, जिसका पूरा लाभ सोने को मिला। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर गुरुवार के कारोबारी सत्र में 0.7000 के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा और पिछले सत्र में तीन सप्ताह के निचले स्तर से हुई रिकवरी को मजबूती देता दिखा। पिछले सात कारोबारी दिनों के दौरान अमेरिकी डॉलर ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई थी, लेकिन अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत अनिश्चितताओं के बीच अब अन्य मुद्राओं में भी हलचल तेज हो गई है।
ताजा बाजार रुझान और तकनीकी संकेतक
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार मुद्रा जोड़ी 157.92 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 158.47 से 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 152.28 से 163.98 के बीच बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 51 के स्तर पर तटस्थ स्थिति में है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस संकेतक 0.08 पर है जबकि इसकी सिग्नल लाइन 0.05 पर है, जिससे 0.02 का सकारात्मक हिस्टोग्राम बनता है। मूविंग एवरेजेज में 20-दिवसीय ईएमए 157.83, 50-दिवसीय ईएमए 157.94 और 200-दिवसीय ईएमए 157.91 पर है, जबकि 50-दिवसीय एसएमए 157.36 और 200-दिवसीय एसएमए 158.62 पर स्थित है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड्स 156.92 से 158.92 के दायरे में फैले हैं और मौजूदा कीमत मध्य रेखा 157.92 के पास है। कमजोर ट्रेंड का संकेत देने वाला एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स 10 पर है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक की फास्ट लाइन 71 और सिग्नल लाइन 79 पर दर्ज की गई है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला एवरेज ट्रू रेंज 0.96 पर है, जिसमें 20-दिवसीय सपोर्ट 156.10 और रेजिस्टेंस 158.94 के पास आंका गया है। आगामी सत्रों के लिए मुख्य पिवट 158.07 है, जहां पहला रेजिस्टेंस 158.29 और दूसरा 158.65 पर है, जबकि तात्कालिक सपोर्ट 157.70 और दूसरा सपोर्ट 157.48 पर स्थित है।

















