घड़साना में पंचायत मुख्यालय बदलने के प्रस्ताव पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने दी वोटिंग न करने की चेतावनीराजस्थान में देवास परियोजना के तीसरे और चौथे चरण से उदयपुर को हर साल मिलेगा 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त पानीउदयपुर के आर्टिस्ट हर्षवर्धन सिंह ने तरबूज पर तराशी नाना पाटेकर की तस्वीरलाइव: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विवाद बढ़ा, विपक्षी गठबंधन का राष्ट्रपति भवन की ओर कूच संभवमकर राशिफल 9 अक्टूबर: वित्तीय मामलों में जल्दबाजी से बचें और उलझनों को नए नजरिए से सुलझाएंगोदावरी धाम में दीवारों पर उकेरा गया सुंदरकांड, कोटा में बना अनूठा मानस मंदिरमीन राशिफल 9 अक्टूबर: केतु से सीखें संतुलन साधना और बजट पर रखें पैनी नजरआरबीआई की व्यस्त नौकरी के बीच 5 घंटे की पढ़ाई, कुरुक्षेत्र के राहुल सैनी ने एचसीएस में हासिल की 7वीं रैंकईरान पर चुनाव से पहले सैन्य हमले से डोनाल्ड ट्रंप के इनकार के बाद कच्चे तेल में गिरावट, डब्ल्यूटीआई 90.30 डॉलर के करीब फिसलान्यूयॉर्क में बच्चे की मौजूदगी के बीच संघीय इमिग्रेशन एजेंट की गोलीबारी से आक्रोश
उत्तर प्रदेश के भदोही कारपेट एक्सपो में छाई श्रीनगर की 1.72 करोड़ रुपये की सिल्क कालीनव्यापार
9 अक्तू॰ 2026, 8:07 am (1 घंटे पहले)· 0

उत्तर प्रदेश के भदोही कारपेट एक्सपो में छाई श्रीनगर की 1.72 करोड़ रुपये की सिल्क कालीन

भदोही में आयोजित कारपेट मेले में श्रीनगर की हस्तनिर्मित रेशमी कालीन आकर्षण का केंद्र बनी, जिसकी कीमत 1 करोड़ 72 लाख रुपये है और जिसे तैयार होने में 6 से 9 महीने लगते हैं।

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में लगे अंतरराष्ट्रीय कारपेट एक्सपो में इस बार जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से आई एक बेहद खास कालीन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस एक्सपो में प्रदर्शित सबसे महंगी कालीन की कीमत करीब 1 करोड़ 72 लाख रुपये रखी गई है, जिसे देखने और परखने के लिए दूर-दूर से लोग और खरीदार पहुंच रहे हैं। हाथ से बुनी गई रेशमी कालीन अपनी बारीकी और नायाब हुनर के लिए इस प्रदर्शनी में चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है।

श्रीनगर के कारीगरों की नायाब हस्तकला और खासियत

इस एक्सपो में शामिल जय सी एक्सपोर्ट्स के प्रतिनिधि वसीम ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे श्रीनगर के रहने वाले हैं और यह कालीन पूरी तरह कश्मीर में ही तैयार की जाती है। उनके अनुसार, इस तरह की महीन बुनाई करने वाले विशेषज्ञ बुनकर केवल कश्मीर में ही उपलब्ध हैं। दुनिया भर में इस स्तर की कारीगरी बहुत दुर्लभ मानी जाती है, जिसके कारण बुनाई पर आने वाला खर्च भी काफी बढ़ जाता है। इस फर्म की सबसे महंगी कालीन का मूल्य 1 करोड़ 72 लाख रुपये तय किया गया है, जिसकी गुणवत्ता और रेशमी बुनावट को खरीदारों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।

ये भी पढ़ें

खरीदारों की पसंद और पसंदीदा रंगों का चलन

प्रदर्शनी में आए खरीदारों के बीच हल्के रंगों की मांग खास तौर पर देखी जा रही है। वसीम ने बताया कि इस बार पेस्टल टोन्स और सी-ग्रीन शेड्स को खरीदार काफी पसंद कर रहे हैं। मेले में मौजूद सबसे बड़ा कारपेट भी इसी फर्म के पास प्रदर्शित है। अलग-अलग रंगों और सूक्ष्म नक्काशी वाले ये कालीन अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों तरह के ग्राहकों को लुभा रहे हैं।

ऑर्डर प्रक्रिया और दिल्ली स्थित वितरण नेटवर्क

इस फर्म की पूरी मैन्युफैक्चरिंग इकाई श्रीनगर में स्थापित है, जबकि इसका मुख्य कार्यालय और वेयरहाउस दिल्ली के निज़ामुद्दीन ईस्ट में जांसंस के नाम से संचालित होता है। श्रीनगर में उत्पादन पूरा होने के बाद तैयार माल को दिल्ली भेजा जाता है, जहां से मांग के आधार पर इसे विभिन्न बाजारों में पहुंचाया जाता है। वसीम के अनुसार, यदि कोई खरीदार इन विशेष कालीनों का ऑर्डर देता है, तो कालीन के आकार और डिजाइन के आधार पर इसे तैयार कर निर्यात करने में लगभग 6 से 9 महीने का समय लग जाता है।

सवाल-जवाब

भदोही कारपेट एक्सपो में प्रदर्शित सबसे महंगी कालीन की कीमत कितनी है?
इस एक्सपो में प्रदर्शित सबसे महंगी कालीन की कीमत 1 करोड़ 72 लाख रुपये है।
यह महंगी कालीन किस कंपनी द्वारा प्रदर्शित की गई है?
यह कालीन श्रीनगर की फर्म जय सी एक्सपोर्ट्स द्वारा प्रदर्शित की गई है।
इस कालीन को बनाने में कौन सी सामग्री इस्तेमाल की जाती है?
यह कालीन पूरी तरह हाथ से शुद्ध सिल्क के जरिए तैयार की जाती है।
ऑर्डर मिलने के बाद ऐसी कालीन तैयार करने में कितना समय लगता है?
आकार और डिजाइन के आधार पर इसे तैयार कर निर्यात करने में लगभग 6 से 9 महीने का समय लगता है।
एक्सपो में खरीदारों द्वारा कौन से रंग सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं?
खरीदारों द्वारा मुख्य रूप से पेस्टल टोन्स और सी-ग्रीन रंग सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं।
इस फर्म का मुख्य वेयरहाउस और कार्यालय कहां स्थित है?
फर्म का वेयरहाउस और शाखा दिल्ली के निज़ामुद्दीन ईस्ट में जांसंस नाम से स्थित है, जबकि उत्पादन श्रीनगर में होता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp